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करोड़ों रुपये के घाटे से जूझ रहा है टीडीसी
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:59 PM IST
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टीडीएस
- फोटो : अमर उजाला
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पंतनगर स्थित राज्य का तराई बीज विकास निगम जहां पहले से ही करोड़ों के घाटे के चलते बुरे दौर से गुजर रहा है वहीं नोटबंदी ने भी टीडीसी की पूरी तरह से कमर तोड़ दी है। टीडीसी का करीब 20 करोड़ रुपए से अधिक का बीज अब भी बिहार के विभिन्न शहरों के गोदामों में पड़ा है। बिक्री नहीं होने से टीडीसी के अधिकारी भी परेशान हैं।
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विभाग के अफसरों को अब 20 करोड़ रुपए से अधिक के घाटे का डर सताने लगा है। एक ओर जहां विभाग को करीब 40 करोड़ रुपये अधिक का भुगतान अपने कर्मचारियों को उनके वेतन का करना है वहीं नोटबंदी ने विभाग की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से टीडीसी में कर्मचारी हड़ताल पर थे, किसी तरह से अधिकारियों ने कर्मचारियों की हड़ताल को खत्म करके अपने बुरे दिनों को सुधारने की कोशिश की थी। ठीक आठ नवंबर को केंद्र सरकार के 500 और 1000 रुपए के नोटबंदी के फरमान ने टीडीसी के लिए एक और मुसीबत खड़ी कर दी है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार नौ नवंबर से अभी तक विभाग ने मात्र केवल चार हजार क्विंटल ही बीज बेचा है। अफसरों का कहना है कि किसानों के पास बीज खरीदने के लिए रुपए नहीं हैं। पंतनगर तराई बीज विकास निगम का बीज यूं तो यूपी सहित तमाम प्रांतों में जाता है, लेकिन सबसे ज्यादा डिमांड बिहार में है। यही कारण है कि बिहार में 3300 रुपए प्रति क्विंटल बीज टीडीसी बेचता है। 40 किलो के बैग में पैक्ड बीज दिया जाता है। हर साल 20 नवंबर तक टीडीसी बिहार में करीब डेढ़ लाख से दो लाख क्विंटल बीज की बिक्री होती थी। इस बार मात्र अब तक जो चार हजार क्विंटल ही बीज बिका है वह भी बिहार में ही बेचा गया है। वर्तमान में टीडीसी का सबसे ज्यादा बीज बिहार के गोदामों में है, जिसके अब खराब होने की भी संभावना बनती जा रही है। बिक्री नहीं होने से अफसरों के चेहरों की हवाएं भी उड़ी हैं।
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वेतन का 50 प्रतिशत तक भुगतान हो सकता था
अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस बार बिहार में बीज अच्छा बिक जाता तो कम से कम कर्मचारियों के वेतन का 50 प्रतिशत तक का भुगतान किया जा सकता था। लेकिन एकाएक नोटबंदी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अफसरों का कहना है कि करोड़ों रुपये का बीज अब भी विभाग के गोदामों पर पड़ा है। किसानों की डिमांड रुपए नहीं होने के कारण नहीं मिल रही है। ऐसे में विभाग को करोड़ों रुपये का घाटे का भय सताने लगा है।
बिहार के इन शहरों में पड़ा है बीज
तराई बीज विकास निगम के अधिशासी अभियंता पीके चौहान का कहना है कि नोटबंदी के कारण इस बार बिहार के पटना, मुजफ्फराबाद, छपरा, बेगूसराय, समस्तीपुर सहित अन्य शहरों के गोदामों में करीब 20 करोड़ से अधिक का बीज पड़ा है। बिक्री नहीं होने के कारण भारी नुकसान की आशंका है। उनका कहना है कि यूपी सहित अन्य राज्यों के बीज निगमों का भी यही हाल है। किसान के पास बीज खरीदने के लिए रुपए नहीं है।