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काशीपुर के किसान ने उगाया हिमालयी क्षेत्र का केसर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर।
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:58 AM IST
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काशीपुर में केसर की खेती।
- फोटो : अमर उजाला
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काशीपुर। एक किसान ने असंभव को भी संभव कर दिखाया। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में उगने वाले केसर को अपने किचन गार्डन में उगाने में सफलता प्राप्त की है। केसर के फूल देखकर लोग अचंभे में हैं। कुमाऊं कॉलोनी मानपुर निवासी मदन सिंह ने बताया कि उनके किसी परिचित ने पिछले साल उसे करीब 50 ग्राम केसर का बीज दिया था। उसने इसे अपने किचन गार्डन में दिसंबर में बोया और उसमें गोबर की खाद डाली। बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के बीज जम गया जबकि केसर उच्च हिमालयी क्षेत्र में होता है।
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फरवरी के अंत में पौधों में फूल खिलने लगे। तब यह सफेद रंग था। धीरे-धीरे फूलों की पंखुड़ियों का रंग केसरिया हो गया। फूल खुलने के साथ ही पंखुड़ियों के नीचे गांठ बनने लगी है। उसके अंदर बीज पकने लगे हैं। फूल की पंखुड़ियां चबाने में मुंह में हलकी महक आती है। यह रोग निरोधक औषधि है। केसर से शरीर निरोग, स्वस्थ होता है।
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आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में केसर का उल्लेख है। इसीलिए इसका उपयोग स्वास्थ्यवर्द्धक दवा के रूप में किया जाता है। इसकी कीमत काफी अधिक है। यहां गर्म वातावरण में उगने और फलने को देखने कई लोग आ रहे हैं। कुछ लोग केसर का पौधा उगने पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं तो कुछ इसे केसर से मिलती-जुलती दूसरी प्रजाति का फूलदार पौधा बता रहे हैं।
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काशीपुर। उद्यान विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. बृजेश गुप्ता ने बताया कि केसर का पौधा तराई में उग सकता है। उसमें फूल, दाने आ सकते हैं लेकिन केसर के फूल में गुणवत्ता कितनी है। यह परीक्षण में ही पता चल सकता है। जो गुणवत्ता हिमालयी क्षेत्र के केसर में होती है, वैसी गुणवत्ता यहां मिलनी मुश्किल है। यह केसर से मिलती-जुलती दूसरी प्रजाति का भी हो सकता है। निरीक्षण, परीक्षण के बाद ही असली केसर का पता चल सकता है।