UK: मंत्री के सामने विधायक-मेयर का शक्ति प्रदर्शन, मंच से चले शब्दबाण; शिलान्यास कार्यक्रम बना सियासी अखाड़ा
रुद्रपुर में विधायक शिव अरोरा और मेयर विकास शर्मा के बीच लंबे समय से चल रही गुटबाजी मंगलवार को 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के सामने खुलकर सामने आ गई।
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रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा और मेयर विकास शर्मा के बीच लंबे समय से चल रही गुटबाजी मंगलवार को खुलकर सामने आ गई। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट एवं जिला प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा के सामने ही विधायक और मेयर ने मंच से एक-दूसरे का नाम लिए बिना कटाक्ष किए। विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों के साथ ताकत का इजहार किया। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही विकास कार्यों शिलान्यास पट का अनावरण हुआ, समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। एक तरफ विधायक के समर्थक विधायक जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे तो दूसरी तरफ मेयर समर्थक भी पीछे नहीं रहे।
सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब विधायक शिव अरोरा ने मंच से बिना नाम लिए मेयर पर सवाल दागे। उन्होंने कहा कुछ लोग शहर में हो रहे कार्यों को अपनी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं। क्या इससे पहले भाजपा के किसी मेयर ने कोई काम नहीं किया? जनता जानती है कि धरातल पर कार्य कौन कर रहा है। इस पर मेयर समर्थकों ने भी पलटवार करते हुए नारेबाजी तेज कर दी।
एक ओर विधायक शिव अरोरा जिंदाबाद तो दूसरी ओर मेयर जिंदाबाद की गूंज सुनाई देती रही। मेयर के समर्थन हमारा विधायक कैसा हो विकास शर्मा जैसा हो कहते दिखे। इससे स्पष्ट है कि मेयर चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। इधर, मेयर विकास शर्मा ने बिना नाम लिए विधायक पर सवाल किया कि 300 करोड़ का प्रोजेक्ट धूल फांक रहा था।
उन्होंने कहा कि मेयर बनने के बाद उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया। शहर में जो 20 नाले थे उन्हें 65 हमने किया। उन्होंने तंज कसा कि लोग मीडिया को आगे कर ड्रामा करते हैं। जनता उन्हें अच्छे से जानती है। श्रेय लेने की होड़ की जा रही है। लोगों को विचार करना होगा कि इतनी बड़ी योजनाएं धरातल पर कैसे उतरीं।
शिलापट से विधायक का नाम गायब होने से बढ़ीं चर्चाएं
कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा शिलान्यास था लेकिन शिलापट पर विधायक शिव अरोरा का नाम न होने से राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। समर्थकों ने इसे लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि क्षेत्र के विकास में विधायक की अहम भूमिका है फिर नाम क्यों नहीं लिखा गया जबकि ये सरकारी कार्यक्रम था और प्रोटोकाल के हिसाब से विधायक का नाम होना चाहिए था।
विधायक बोले- मेरी शराफत को कमजोरी न समझें
विधायक शिव अरोरा का कहना है कि मंच को पहले मेयर ने साझा किया। अपने संबोधन में उन्होंने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि चार साल में कोई काम नहीं हुए। पूर्व के मेयरों पर भी सवाल खड़े किए गए कि उनकी ओर से कोई काम नहीं किए गए। जिस मंच से यह बात कही गई वह सरकार की पांच साल की उपलब्धियों पर जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार का था। यहां ऐसी बात करना एक जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। क्या मेयर ये सब कहकर सीएम और विधानसभा को चुनौती देकर झूठा साबित कर रहे हैं। वह विधायिका, शासन और सरकार के अंतर को समझें। नगर निगम अपना काम करे। कार्यक्रम में प्रोटोकाॅल का उल्लंघन किया गया। जब मैं कार्यक्रम में था तो मेरा नाम शिलापट में क्यों नहीं लिखा गया। मेरी शराफत को कमजोरी न समझें। मीडिया यदि आलोचना कर रही है तो उसे सुनने की क्षमता होनी चाहिए न कि उस पर बहस नहीं होनी चाहिए।
जेल गए अपराधियों से जबरन नारेबाजी कराई : मेयर
मेयर विकास शर्मा का कहना है कि जेल गए अपराधियों से जबरन नारेबाजी कराकर कार्यक्रम में खलल डालने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले विधायक खुद कुछ मीडिया वालों के सामने कह रहे थे कि ड्रेनेज का काम छह महीने बाद भी नहीं हो सकता है। मेयर ने कहा कि ड्रेनेज के लिए उनके व्यक्तिगत प्रयास रहे। राज्य योजना से बाजार में कई सड़कों का शिलान्यास किया गया था उनमें विधायक ने उनका नाम नहीं दिया जबकि हमने (मेयर) हर बार विधायक को सम्मान दिया। जब उन्होंने कभी हमको सम्मान नहीं दिया तो इस बार हमने भी उनका नाम नहीं दिया। मेयर ने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम 300 करोड़ का था जिसे हमने बढ़ाकर 500 करोड़ से अधिक का कराया है और इसमें विधायक की कोई भूमिका नहीं है।
रुद्रपुर को मिली 5.52 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
कैबिनेट मंत्री एवं ऊधम सिंह नगर के प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने मंगलवार को 5.52 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। नगर निगम परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आमजन से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
इस दौरान विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए 30 जनसेवा स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। शिविर में कुल 258 आवेदन और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 257 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने ''एक पेड़ मां के नाम'' अभियान के तहत नगर निगम परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सेवा, सुशासन और समर्पण के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ''जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार'' कार्यक्रम शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, दर्जा मंत्री रामपाल सिंह, भाजपा नेता भारत भूषण चुघ, तरुण दत्ता, धीरेंद्र मिश्रा, पारस चुघ, अमित नारंग सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।