काशीपुर। ऑनलाइन शिक्षण का पूरा शुल्क न मिल पाने से सीबीएसई से संबद्ध निजी स्कूलों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्कूल प्रबंधकों ने पांच सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से शिक्षण शुल्क समय से जमा कराने की अपील भी की है।
शुक्रवार को श्रीगुरुनानक मॉडल स्कूल में आयोजित पत्रकार वार्ता में तराई इंडिपेंडेंट स्कूल सोसायटी की संरक्षिका मुक्ता सिंह, अध्यक्ष बसंत बल्लभ भट्ट और सचिव अनुराग कुमार सिंह ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों का सत्र खराब होने से बचाने के लिए ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था की है। जिसे संचालित करने के लिए स्कूल प्रबंधन, शिक्षक, स्टाफ अपने संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। 10 व 11 जून 2020 के शासनादेशों और नैनीताल हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार निजी स्कूल अभिभावकों से मात्र मासिक शिक्षण शुल्क वसूल रहे है लेकिन तमाम अभिभावक अपने बच्चों की फीस जमा करने में आनाकानी कर रहे है। सोशल मीडिया पर शिक्षकों के खिलाफ दुष्प्रचार भी किया जा रहा है जिससे शिक्षक आहत हैं और इसके विरोध में शिक्षकों, स्कूल प्रबंधकों ने पांच सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला लिया है। कहा कि पिछले सत्र का परीक्षा परिणाम घोषित न होने से स्कूलों को पिछले सत्र की फीस भी नहीं मिल पाई है। राज्य सरकार को बिजली बिलों और अन्य करों को माफ करने के साथ ही वित्त विहीन मान्यता वाले स्कूलों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। स्कूल प्रबंधक जल्द ही इस मामले में सीएम और शिक्षा मंत्री से भी वार्ता करेंगे। यहां जसपाल चड्डा, केएस डसीला, वीके मलिक, अमनजोत, राहुल पैगिया, विनीत सिंघल, राधेश्याम तिवारी, एमसी ठाकुर, केएस नेगी, अखिलेश कुमार, एनजे भट्टाचार्या, दिलप्रीत सेठी, नीरज कपूर आदि थे।