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वैश्विक महामारी को हराने में प्राइवेट स्कूलों का भी योगदान

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2020 11:26 AM IST
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Private schools also contribute
अध्यक्ष बसंत बल्लभ भट्ट - फोटो : AMAR UJALA
काशीपुर। तराई इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष बसंत बल्लभ भट्ट ने कहा कि समय का चक्र कुछ ऐसा घूमा कि उसने सभी के रथ रोक दिए। अमीर हो या गरीब सभी घर में बैठकर सरकार द्वारा किये गए लॉकडाउन के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कोरोना से जीवन का कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं रहा है, विद्यालय भी इससे अछूते नही हैं। केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं कि किस प्रकार लॉकडाउन सभी के लिए सुविधा जनक बनाया जा सके। इसी क्रम में CBSE एवं MHRD द्वारा विद्यालयों को भी निर्देश दिए गए , उन्हीं दिशा निर्देशों का पालन करते हुए विद्यालयों द्वारा कक्षा नर्सरी से 9 व 11 के बच्चों का परीक्षाफल दिया गया और अब सभी छात्रों को ऑनलाइन कक्षाएँ प्रदान की जा रही हैं। विद्यालयों द्वारा न केवल शैक्षिक कार्य किये जा रहे हैं, बल्कि प्राइवेट विद्यालयों द्वारा PM-Cares और मुख्यमंत्री राहत कोष में भी योगदान दिया जा रहा है। के०मा०शि०बो० नई दिल्ली द्वारा विद्यालयों को लिखित में निर्देशित किया गया है कि यह सही समय है कि बच्चों को एक्टिविटी बेस्ड सिस्टम से पढ़ाया जा सकता है और उसमें पेरेंट्स का सहयोग भी लिया जा सकता है। दीक्षा, NCERT, स्वयं प्रभा की वेबसाइट से हिंदी, इंग्लिश, मैथ्स, विज्ञान की बुक्स डाउनलॉड की जा सकती हैं एवं विद्यालयों द्वारा वीडियो ऐप द्वारा शिक्षा दी जा सकती है। तराई इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन (काशीपुर, जसपुर, बाजपुर, रामनगर) सभी छात्रों एवं अभिवावकों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता है। भट्ट ने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए सोशल डिस्टेनसिंग, मास्क लगाने, साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोने व सैनिटाइजर के प्रयोग करने के निर्देशों का पालन करें। सोशल मीडिया पर चलाये जा रहे गलत प्रचारों पर ध्यान न दें। सभी प्राइवेट विद्यालयों द्वारा सरकार के दिए गए आदेशों का पालन किया जा रहा है एवं अपेक्षित है कि अभिभावक भी इस संदर्भ में दिए गए सरकारी आदेशों का पालन करें। क्योंकि सभी विद्यालयों से बहुत सा स्टाफ जुड़ा होता है जैसे अध्यापक, चपरासी, आया, ड्राइवर, माली आदि। स्थिति सभी के लिए मुश्किल उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।फिर भी घर बैठे सभी अपना कर्तव्य पालन कर रहे हैं ।
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