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जिले में धान की खरीद 40 लाख क्विंटल के पार पहुंची
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रुद्रपुर में टीवीएस के कांटे पर धान तौलते पल्लेदार।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। जिले में इस वर्ष धान की बंपर पैदावार हुई है। अब तक आढ़तों और क्रय केंद्रों पर किसानों का 40 लाख क्विंटल से अधिक धान बिक चुका है। इसमें सरकारी खरीद का 10 लाख, 61 हजार क्विंटल धान शामिल है।
शुक्रवार को भी रुद्रपुर गल्ला मंडी में किसानों ने धान की खुली से इनकार कर दिया। इस कारण करीब 20 हजार क्विंटल से अधिक धान बगैर बोली के करीब 1450 रुपये प्रति क्विंटल की औसत दर से बिका। इधर, गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर इस सत्र की पहली खरीद हुई।
वरिष्ठ विपणन अधिकारी हेमंत जोशी और केंद्र प्रभारी संपूर्ण पाल सिंह बिष्ट ने कहा कि पहले दिन करीब 50 क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी। वहीं, तराई विकास सहकारी संघ के कांटे पर करीब 400 क्विंटल, बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर 310 क्विंटल और फुलसुंगा केंद्र पर 245 क्विंटल धान की खरीद हुई।
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आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि जिले में अब तक 40 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद हो चुकी है। इसमें 10.61 लाख क्विंटल सरकारी खरीद और 30 लाख क्विंटल धान कच्चा आढ़तियों के माध्यम से खरीदा गया है।
सहकारिता विभाग ने बढ़ाए दो क्रय केंद्र
रुद्रपुर। जिले में सरकारी क्रय केंद्रों की संख्या बढ़कर 183 हो गई है। जिला सहायक निबंधक हरीश खंडूरी ने बताया कि पंतनगर फार्म हल्दी और तिलियापुर सितारगंज में एक-एक केंद्र और खोल दिए गए हैं। बता दें कि इस वर्ष धान खरीद के लिए जिले में 179 क्रय केंद्र खोले गए थे। बाद में आएफसी ने दो क्रय केंद्र बढ़ा दिए थे। अब सहकारिता विभाग ने दो और क्रय केंद्र खोल दिए हैं।
लिमिट समाप्त होने पर भी एसएमआई ने दिए धान खरीद जारी रखने के निर्देश
काशीपुर। खाद्य विभाग ने कमीशन एजेंटों को 10 हजार क्विंटल तक प्रति एजेंट धान खरीद का कोटा निर्धारित किया था, जो लगभग पूरा होने जा रहा है। अब किसानों और कमीशन एजेंटों में सरकार की ओर से कोटा बढ़ाने को लेकर असमंजस बना हुआ है। इधर, एसएमआई मनोज मनराल ने कहा कि उन्होंने सभी कमीशन एजेंटों को धान की तौल नहीं रोकने का निर्देश दिया है।
शासन से शुक्रवार शाम या शनिवार सुबह तक कोटा बढ़ाने का निर्देश जारी होने की संभावना है। उधर, राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गोयल ने कहा कि जब तक सरकार का कोटा बढ़ाने का आदेश नहीं आ जाता है, कमीशन एजेंटों में डर बना रहेगा। यही कारण है कि किसान धान लेकर मंडी नहीं आ रहा है।
वहीं, मंडी सचिव एमसी जोशी ने कहा कि यदि किसान चाहेंगे तो मंडी बोली लगवाएगी लेकिन अभी तक किसी भी किसान ने बोली लगवाने की मांग नहीं की है। उधर, भारतीय किसान यूनियन के रविंद्र राणा ने कहा कि न्यूनतम बोली एमएसपी से अधिक होने पर ही भाकियू बोली लगाए जाने का समर्थन करेगी।
खटीमा : मंडी परिसर में 85 ट्रॉली धान की हुई खरीद
खटीमा। मंडी परिसर में समझौते के अनुसार 85 ट्रॉलियां धान तौली गई। वहीं, बृहस्पतिवार शाम साढ़े पांच बजे से तौल की बाट जोह रहे किसानों का धान शुक्रवार को भी नहीं तौला जा सका।
चंदेली निवासी जसवीर सिंह और बलजीत सिंह मंडी परिसर में धान की तौल का इंतजार कर रहे। किसानों की समस्या से भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गुुरुसेवक सिंह को अवगत कराया गया।
अन्य किसानों ने बताया कि करदे के नाम पर 20 किलो धान प्रति क्विंटल काटा जा रहा है। धान तौल की धीमी गति के चलने से मंडी परिसर में किसानों की धान से लदी ट्रॉलियों की कतार लगी हुई हैं।
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शुक्रवार को भी रुद्रपुर गल्ला मंडी में किसानों ने धान की खुली से इनकार कर दिया। इस कारण करीब 20 हजार क्विंटल से अधिक धान बगैर बोली के करीब 1450 रुपये प्रति क्विंटल की औसत दर से बिका। इधर, गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर इस सत्र की पहली खरीद हुई।
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वरिष्ठ विपणन अधिकारी हेमंत जोशी और केंद्र प्रभारी संपूर्ण पाल सिंह बिष्ट ने कहा कि पहले दिन करीब 50 क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी। वहीं, तराई विकास सहकारी संघ के कांटे पर करीब 400 क्विंटल, बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर 310 क्विंटल और फुलसुंगा केंद्र पर 245 क्विंटल धान की खरीद हुई।
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आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि जिले में अब तक 40 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद हो चुकी है। इसमें 10.61 लाख क्विंटल सरकारी खरीद और 30 लाख क्विंटल धान कच्चा आढ़तियों के माध्यम से खरीदा गया है।
सहकारिता विभाग ने बढ़ाए दो क्रय केंद्र
रुद्रपुर। जिले में सरकारी क्रय केंद्रों की संख्या बढ़कर 183 हो गई है। जिला सहायक निबंधक हरीश खंडूरी ने बताया कि पंतनगर फार्म हल्दी और तिलियापुर सितारगंज में एक-एक केंद्र और खोल दिए गए हैं। बता दें कि इस वर्ष धान खरीद के लिए जिले में 179 क्रय केंद्र खोले गए थे। बाद में आएफसी ने दो क्रय केंद्र बढ़ा दिए थे। अब सहकारिता विभाग ने दो और क्रय केंद्र खोल दिए हैं।
लिमिट समाप्त होने पर भी एसएमआई ने दिए धान खरीद जारी रखने के निर्देश
काशीपुर। खाद्य विभाग ने कमीशन एजेंटों को 10 हजार क्विंटल तक प्रति एजेंट धान खरीद का कोटा निर्धारित किया था, जो लगभग पूरा होने जा रहा है। अब किसानों और कमीशन एजेंटों में सरकार की ओर से कोटा बढ़ाने को लेकर असमंजस बना हुआ है। इधर, एसएमआई मनोज मनराल ने कहा कि उन्होंने सभी कमीशन एजेंटों को धान की तौल नहीं रोकने का निर्देश दिया है।
शासन से शुक्रवार शाम या शनिवार सुबह तक कोटा बढ़ाने का निर्देश जारी होने की संभावना है। उधर, राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गोयल ने कहा कि जब तक सरकार का कोटा बढ़ाने का आदेश नहीं आ जाता है, कमीशन एजेंटों में डर बना रहेगा। यही कारण है कि किसान धान लेकर मंडी नहीं आ रहा है।
वहीं, मंडी सचिव एमसी जोशी ने कहा कि यदि किसान चाहेंगे तो मंडी बोली लगवाएगी लेकिन अभी तक किसी भी किसान ने बोली लगवाने की मांग नहीं की है। उधर, भारतीय किसान यूनियन के रविंद्र राणा ने कहा कि न्यूनतम बोली एमएसपी से अधिक होने पर ही भाकियू बोली लगाए जाने का समर्थन करेगी।
खटीमा : मंडी परिसर में 85 ट्रॉली धान की हुई खरीद
खटीमा। मंडी परिसर में समझौते के अनुसार 85 ट्रॉलियां धान तौली गई। वहीं, बृहस्पतिवार शाम साढ़े पांच बजे से तौल की बाट जोह रहे किसानों का धान शुक्रवार को भी नहीं तौला जा सका।
चंदेली निवासी जसवीर सिंह और बलजीत सिंह मंडी परिसर में धान की तौल का इंतजार कर रहे। किसानों की समस्या से भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गुुरुसेवक सिंह को अवगत कराया गया।
अन्य किसानों ने बताया कि करदे के नाम पर 20 किलो धान प्रति क्विंटल काटा जा रहा है। धान तौल की धीमी गति के चलने से मंडी परिसर में किसानों की धान से लदी ट्रॉलियों की कतार लगी हुई हैं।

रद्रपुर गल्ला मंडी में आरएफसी के केंद्र पर धान बेचता किसान।- फोटो : RUDRAPUR