{"_id":"5f1347718ebc3e9fb41b3da8","slug":"ngt-on-himalayn-food-park-kashipur-news-hld390205312","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनजीटी ने तीन माह में मांगी हिमालयन फूड पार्क की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनजीटी ने तीन माह में मांगी हिमालयन फूड पार्क की रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। एक व्यक्ति की शिकायत पर सुनवाई करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सचिव पीसीबी और डीएम से तीन माह के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। काशीपुर के कुछ उद्यमियों ने औद्योगिक आस्थान महुआखेड़ागंज में हिमालयन फूड पार्क की स्थापना की है।
आर्यनगर निवासी विजय मल्होत्रा ने एनजीटी में अपने अधिवक्ता उदित बंसल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा कि हिमालयन फूड पार्क में स्थापित इकाइयां पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ईटीपी व एसटीपी के मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। कई इकाइयों ने उत्प्रवाह निष्पादन के लिए कोई शुद्धिकरण संयत्र नहीं लगाया है और न ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के मानक पूरे किए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि पीसीबी ने मानक पूरे न होने के बावजूद फूड पार्क के संचालन की अनुमति दे दी। इस शिकायत पर जस्टिस आदर्श कुमार गोयल, जस्टिस एसपी बांगडी, जस्टिस सत्यवान सिंह गर्ब्याल और जस्टिस नागिन नंदा आदि की बेंच ने ऑनलाइन सुनवाई की। बेंच ने शिकायतकर्ता के अधिवक्ता उदित के तर्कों को सुना। बेंच ने पीसीबी के सचिव और ऊधमसिंह नगर के डीएम को नोटिस भेजकर तीन सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी नरेश गोस्वामी ने बताया कि इस संबंध में अभी तक एनजीटी का कोई आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं, हिमालयन फूड पार्क के एमडी अश्वनी छाबड़ा ने कहा है कि पार्क में मानकों के अनुरूप ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है। ईएसटी व एसटीपी का निर्माण पीसीबी के मानकों के अनुरूप किया गया है। अभी फूड पार्क पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है। इसमें निर्माण कार्य जारी है।
विज्ञापन
आर्यनगर निवासी विजय मल्होत्रा ने एनजीटी में अपने अधिवक्ता उदित बंसल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा कि हिमालयन फूड पार्क में स्थापित इकाइयां पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ईटीपी व एसटीपी के मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। कई इकाइयों ने उत्प्रवाह निष्पादन के लिए कोई शुद्धिकरण संयत्र नहीं लगाया है और न ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के मानक पूरे किए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि पीसीबी ने मानक पूरे न होने के बावजूद फूड पार्क के संचालन की अनुमति दे दी। इस शिकायत पर जस्टिस आदर्श कुमार गोयल, जस्टिस एसपी बांगडी, जस्टिस सत्यवान सिंह गर्ब्याल और जस्टिस नागिन नंदा आदि की बेंच ने ऑनलाइन सुनवाई की। बेंच ने शिकायतकर्ता के अधिवक्ता उदित के तर्कों को सुना। बेंच ने पीसीबी के सचिव और ऊधमसिंह नगर के डीएम को नोटिस भेजकर तीन सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी नरेश गोस्वामी ने बताया कि इस संबंध में अभी तक एनजीटी का कोई आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं, हिमालयन फूड पार्क के एमडी अश्वनी छाबड़ा ने कहा है कि पार्क में मानकों के अनुरूप ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है। ईएसटी व एसटीपी का निर्माण पीसीबी के मानकों के अनुरूप किया गया है। अभी फूड पार्क पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है। इसमें निर्माण कार्य जारी है।
विज्ञापन