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उत्तराखंड: फर्जी अनाथ प्रमाणपत्र से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने पहुंचा युवक, काउंसलिंग के समय खुली पोल

Fri, 16 Oct 2026 10:50 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: Heera Updated Fri, 16 Oct 2026 10:50 PM IST
सार

बाजपुर के कनौरा निवासी मो. शमी ने फर्जी अनाथ प्रमाण पत्र के आधार पर अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए काउंसलिंग की। सत्यापन में प्रमाणपत्र तहसील से जारी नहीं होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

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man came to medical college with a fake orphan certificate to get admission in bazpur
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

बाजपुर से फर्जी अनाथ प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने का मामला सामने आया है। बाजपुर के गांव कनौरा निवासी मो. शमी पुत्र स्वर्गीय अनीस अहमद अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए इसी प्रमाणपत्र के सहारे काउंसलिंग में पहुंचा था। दस्तावेज की जांच के दौरान प्रमाणपत्र पर दर्ज एसडीएम के नाम को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद कॉलेज के प्राचार्य ने बाजपुर के एसडीएम से संपर्क कर प्रमाणपत्र का सत्यापन कराया। जांच में प्रमाणपत्र तहसील से जारी नहीं होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद युवक के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

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जानकारी के अनुसार, मो. शमी ने अनाथ प्रभावित बच्चों के लिए निर्धारित श्रेणी के तहत लाभ लेने के उद्देश्य से एक प्रमाण पत्र के आधार पर अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में आवेदन किया था। शुक्रवार शाम को कॉलेज में काउंसलिंग के दौरान उसके दस्तावेज की जांच की जा रही थी। इसी बीच प्रमाण पत्र पर बाजपुर के एसडीएम के नाम के रूप में ‘रिचा शर्मा’ दर्ज होने पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल को संदेह हुआ। दरअसल, बाजपुर की एसडीएम का नाम ऋचा सिंह है।

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सत्यापन में नहीं मिला प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड
अनाथ प्रमाण पत्र पर 27 अगस्त 2026 की तारीख अंकित थी। एसडीएम बाजपुर के नाम में अंतर पाए जाने पर प्राचार्य ने बाजपुर के एसडीएम से फोन पर संपर्क कर दस्तावेज की सत्यता की जानकारी ली। तहसील स्तर पर जांच किए जाने पर स्पष्ट हुआ कि संबंधित नाम और तारीख से कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। इसके बाद प्रमाणपत्र को फर्जी मानते हुए कॉलेज प्रबंधन ने युवक के प्रवेश की प्रक्रिया रोक दी।

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प्रमाणपत्र मामले में पुलिस को दी तहरीर
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने बताया कि जांच में अनाथ प्रमाण पत्र पूरी फर्जी निकला। जिस पर युवक के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मामले में कॉलेज प्रबंधन की ओर से संबंधित पुलिस चौकी में तहरीर दी गई है। संवाद

फर्जी अनाथ प्रमाण पत्र के जरिए आरोपी युवक अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में सीट हथियाना चाहता था। मेरे नाम से फर्जी प्रमाण पत्र बनाया गया है। आरोपी के संबंध में मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा को पत्राचार किया गया है। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। - ऋचा सिंह एसडीएम बाजपुर

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