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गीतकार एवं साहित्यकार कैलाश लिख चुके हैं 12 पुस्तकें
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काशीपुर। चर्चित पुस्तक ‘चिठ्ठी आई है’ के लेखक कैलाश चंद्र यादव की अब तक 12 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। यादव इस क्षेत्र के जाने माने
गीतकार एवं साहित्यकार हैं। सोशल मीडिया पर उनकी रचनाओं व कृतियों को खूब पसंद किया जा रहा है।
कटरामालियान निवासी कैलाश चंद्र यादव दूरसंचार विभाग के कार्यालय अधीक्षक के पद से पिछले वर्ष ही सेवानिवृत्त हुए हैं। सरकारी सेवा में रहते
हुए भी साहित्य सेवा में उनका योगदान उल्लेखनीय है। एक काल्पनिक मनोविश्लेषण पर आधारित उनकी चर्चित पुस्तक ‘चिट्ठी आई है’, पाठकों के बीच खूब सराही गई। इस पुस्तक में अंग्रेजी के अक्षरों को माध्यम बनाकर ज्योतिष विज्ञान का आकलन करने का प्रयास किया गया है। यादव के लेखों का संग्रह ‘इस उपवन में’ प्रकाशित हो चुका है। उनके गीत यूट्यूब पर भी बड़ी तादाद में देखे जाते हैं। आपकी आडियो एलबम ‘पिया तेरे नाम’ को भी खूब पसंद किया गया है। यादव फेसबुक के काव्यांचल ग्रुप में जज की भूमिका निभा चुके हैं। वह फिल्म सिटी नोएडा मारवाह स्टूडियो से भी जुड़े हैं और उनकी दो पुस्तकों ‘साजन-साजन’ एवं ‘सनम तेरे प्यार’ में का विमोचन फिल्म सिटी नोएडा से हो चुका है। संगीतकार यादव अपने गीतों का संगीत भी खुद ही तैयार करते हैं। उनका गीत संग्रह ‘साजन मेरे साजन’ ‘ऐसा तुझमें क्या है’ और ‘कब से तेरी राह में बैठी’ जल्द ही आने वाले हैं।
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गीतकार एवं साहित्यकार हैं। सोशल मीडिया पर उनकी रचनाओं व कृतियों को खूब पसंद किया जा रहा है।
कटरामालियान निवासी कैलाश चंद्र यादव दूरसंचार विभाग के कार्यालय अधीक्षक के पद से पिछले वर्ष ही सेवानिवृत्त हुए हैं। सरकारी सेवा में रहते
हुए भी साहित्य सेवा में उनका योगदान उल्लेखनीय है। एक काल्पनिक मनोविश्लेषण पर आधारित उनकी चर्चित पुस्तक ‘चिट्ठी आई है’, पाठकों के बीच खूब सराही गई। इस पुस्तक में अंग्रेजी के अक्षरों को माध्यम बनाकर ज्योतिष विज्ञान का आकलन करने का प्रयास किया गया है। यादव के लेखों का संग्रह ‘इस उपवन में’ प्रकाशित हो चुका है। उनके गीत यूट्यूब पर भी बड़ी तादाद में देखे जाते हैं। आपकी आडियो एलबम ‘पिया तेरे नाम’ को भी खूब पसंद किया गया है। यादव फेसबुक के काव्यांचल ग्रुप में जज की भूमिका निभा चुके हैं। वह फिल्म सिटी नोएडा मारवाह स्टूडियो से भी जुड़े हैं और उनकी दो पुस्तकों ‘साजन-साजन’ एवं ‘सनम तेरे प्यार’ में का विमोचन फिल्म सिटी नोएडा से हो चुका है। संगीतकार यादव अपने गीतों का संगीत भी खुद ही तैयार करते हैं। उनका गीत संग्रह ‘साजन मेरे साजन’ ‘ऐसा तुझमें क्या है’ और ‘कब से तेरी राह में बैठी’ जल्द ही आने वाले हैं।