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दुग्ध उत्पादन में भारत पहले पायदान पर : कुलपति
Fri, 02 Jun 2023 12:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 02 Jun 2023 12:23 AM IST
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गायों को हरा चारा खिलाते कुलपति डॉ. मनमोहन चौहान। संवाद
पंतनगर। जीबी पंत कृषि विवि स्थित पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के शैक्षणिक डेयरी फार्म नगला में विश्व दुग्ध दिवस पर हवन-पूजन किया गया। कुलपति डॉ. एमएस चौहान ने हवन पूजन के बाद गायों को हरा चारा प्रसाद खिलाया और डेयरी फार्म पर चल रहे कार्यों की जानकारी ली।
डॉ. चौहान ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की ओर से वर्ष 2001 में पहली जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाए जाने की प्रथा शुरू की गई थी। हमारा देश दुग्ध उत्पादन में विश्व में पहले पायदान पर है और विश्व के कुल दुग्ध उत्पादन में भारत की 24 प्रतिशत भागीदारी है।
उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में करीब 218 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन हो रहा है। मानव भोजन में दुग्ध की महत्ता को देखते हुए इसके उत्पादन में निरंतर वृद्धि की जरूरत है। उन्होंने बताया कि यदि पशुओं का सही से ध्यान रखें, समय से टीकाकरण कराएं, समय से चारा दें, तो दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
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उन्होंने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गौ-पालकों को देशी गाय का दुग्ध बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कहा कि इस दिशा में महाविद्यालय लगातार कार्य कर रहा है और गायों व डेयरी फार्म पर दुधारू पशुओं के अच्छे प्रबंधन के चलते हाल ही में प्रतिदिन 400-500 लीटर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई। प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन 1700-1800 लीटर तक पहुंच गया है जिसे बढ़ाकर 2000 लीटर तक करने की जरूरत है।
इस मौके पर डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. जेपी जायसवाल आदि थे।
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डॉ. चौहान ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की ओर से वर्ष 2001 में पहली जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाए जाने की प्रथा शुरू की गई थी। हमारा देश दुग्ध उत्पादन में विश्व में पहले पायदान पर है और विश्व के कुल दुग्ध उत्पादन में भारत की 24 प्रतिशत भागीदारी है।
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उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में करीब 218 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन हो रहा है। मानव भोजन में दुग्ध की महत्ता को देखते हुए इसके उत्पादन में निरंतर वृद्धि की जरूरत है। उन्होंने बताया कि यदि पशुओं का सही से ध्यान रखें, समय से टीकाकरण कराएं, समय से चारा दें, तो दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
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उन्होंने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गौ-पालकों को देशी गाय का दुग्ध बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कहा कि इस दिशा में महाविद्यालय लगातार कार्य कर रहा है और गायों व डेयरी फार्म पर दुधारू पशुओं के अच्छे प्रबंधन के चलते हाल ही में प्रतिदिन 400-500 लीटर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई। प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन 1700-1800 लीटर तक पहुंच गया है जिसे बढ़ाकर 2000 लीटर तक करने की जरूरत है।
इस मौके पर डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. जेपी जायसवाल आदि थे।