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अल्मोड़ा: लाइनमैन की मौत के बाद भड़का आक्रोश, शव रखकर 11 घंटे धरने पर बैठे ग्रामीण

Sun, 20 Sep 2026 11:43 AM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Published by: गायत्री जोशी Updated Sun, 20 Sep 2026 11:43 AM IST
सार

यूपीसीएल के लाइनमैन बलवंत सिंह की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शशिखाल बिजलीघर में शव रखकर धरना दिया। करीब 11 घंटे बाद आर्थिक मदद के आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।

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Outrage over lineman's death; villagers protest at power station with body for 11 hours
मृतक बलवंत सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अल्मोड़ा जिले के यूपीसीएल में कार्यरत लाइनमैन की मौत के बाद शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सुबह करीब सात बजे शशिखाल बिजलीघर में शव रखकर धरना शुरू कर दिया। करीब 11 घंटे तक शव बिजलीघर में ही रखा रहा। शाम करीब छह बजे अधिकारियों और ठेकेदार की ओर से आर्थिक मदद का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ।

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दरअसल ग्राम पंचायत मुनढ़ा निवासी बलवंत सिंह (40) पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। बताया गया कि लॉपिंग के दौरान पैर में चोट लगने के बाद उसमें इन्फेक्शन फैल गया था। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण वह इलाज नहीं करा पा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि बलवंत ने ठेकेदार से अपनी तनख्वाह और ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन न तो उन्हें समय पर वेतन मिला और न ही ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराया गया। बलवंत की पत्नी सुमित्रा देवी ने ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर शुक्रवार को उन्हें काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां रात करीब साढ़े 11 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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शनिवार सुबह सात बजे शव को ग्रामीणों ने शशिखाल बिजलीघर में रखकर धरना शुरू कर दिया। काफी देर तक वार्ता के बाद अधिकारियों और ठेकेदार की ओर से मृतक के परिवार को अधिकतम संभव आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया। मृतक के चाचा दौलत सिंह की मौजूदगी और सहमति के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया और करीब शाम छह बजे शव को वहां से उठाया गया।

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अधिकारियों ने समझाने का किया प्रयास

सूचना पर पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रभारी अधिशासी अभियंता भास्कर पांडे ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया लेकिन ग्रामीण मांगें पूरी होने तक शव उठाने को तैयार नहीं हुए। तहसीलदार आबिद अली ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। शाम को अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र सिंह कंवर भी शशिखाल बिजलीघर पहुंचे। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

धरने पर ये रहे मौजूद

धरने के दौरान मृतक के चाचा दौलत सिंह, ग्राम प्रधान अमित रावत, गणेश रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अर्जुन रावत, वरिष्ठ कांग्रेसी घनानंद शर्मा, राज्य आंदोलनकारी जगत सिंह, मोहन शर्मा, पुष्कर सिंह, सूरज, पुष्कर सिंह मेहरा, अजय सिंह रावत, विनोद ध्यानी, प्रधान संगठन अध्यक्ष गिरीश रावत आदि मौजूद रहे।

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