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Udham Singh Nagar News: किसी और ने आपके नाम से कर दिया मतदान तो डालें ‘टेंडर वोट’
Fri, 19 Apr 2024 04:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 19 Apr 2024 04:19 AM IST
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रुद्रपुर। यदि आप का नाम मतदाता सूची में है और किसी ने आपकी जगह वोट दे दिया है तो घबराए नहीं। इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक मतदाता को वोट डालने का अधिकार मिला है। आप दो रुपये की फीस अदा कर बैलेट पेपर से टेंडर वोट और चैलेंज वोट देने के अधिकारी हैं। संवाद
चैलेंज वोट क्या है
यदि कोई वोटर बूथ पर मतदान करने पहुंचता है और बूथ का एजेंट अथवा कोई दूसरा व्यक्ति आपत्ति कर देता है कि इस नाम का व्यक्ति गांव में नहीं रहता है, तो ऐसी स्थिति में मतदाता उस व्यक्ति को चैलेंज कर सकता है। अपने को सही साबित करने के लिए उसे पीठासीन अधिकारी से शिकायत करनी होगी। पीठासीन अधिकारी शिकायतकर्ता को दो रुपये फीस के रूप में जमा कराएगा। इसके बाद पीठासीन अधिकारी अपने स्तर से मामले की जांच करेगा। यदि जांच में मामला सही पाया जाता है तो शिकायत करने वाला वोटर मतदान कर सकता है। यदि मामला झूठा मिला तो फर्जी मतदान करने के प्रयास के आरोप में संबंधित व्यक्ति को पुलिस को सौंपा जाएगा। ऐसे व्यक्ति पर केस दर्ज हो सकता है।
टेंडर वोट क्या है
कोई मतदाता बूथ पर मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचता है, लेकिन पहले ही कोई उसके नाम से वोट डाल चुका होता है तो मतदाता सूची में नाम होने की स्थिति में पीठासीन अधिकारी उससे एक प्रपत्र पर मतदान करवाता है। इसके बाद मतपत्र को लिफाफे में बंद कर देता है। मतगणना के समय कम वोट के अंतर से हार-जीत की स्थिति में ऐसे वोट की गणना की जाती है। इसे टेंडर वोट कहा जाता हैं।
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कोट
यदि कोई वोट मतदान करने जाता है और उसे पता चलता है कि उसका वोट पड़ चुका है तो वह टेंडर व चैलेंज वोट दे सकता है। इसके लिए उसको दो रुपये फीस जमा करनी होती है।
- विजय तिवारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी।
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चैलेंज वोट क्या है
यदि कोई वोटर बूथ पर मतदान करने पहुंचता है और बूथ का एजेंट अथवा कोई दूसरा व्यक्ति आपत्ति कर देता है कि इस नाम का व्यक्ति गांव में नहीं रहता है, तो ऐसी स्थिति में मतदाता उस व्यक्ति को चैलेंज कर सकता है। अपने को सही साबित करने के लिए उसे पीठासीन अधिकारी से शिकायत करनी होगी। पीठासीन अधिकारी शिकायतकर्ता को दो रुपये फीस के रूप में जमा कराएगा। इसके बाद पीठासीन अधिकारी अपने स्तर से मामले की जांच करेगा। यदि जांच में मामला सही पाया जाता है तो शिकायत करने वाला वोटर मतदान कर सकता है। यदि मामला झूठा मिला तो फर्जी मतदान करने के प्रयास के आरोप में संबंधित व्यक्ति को पुलिस को सौंपा जाएगा। ऐसे व्यक्ति पर केस दर्ज हो सकता है।
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टेंडर वोट क्या है
कोई मतदाता बूथ पर मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचता है, लेकिन पहले ही कोई उसके नाम से वोट डाल चुका होता है तो मतदाता सूची में नाम होने की स्थिति में पीठासीन अधिकारी उससे एक प्रपत्र पर मतदान करवाता है। इसके बाद मतपत्र को लिफाफे में बंद कर देता है। मतगणना के समय कम वोट के अंतर से हार-जीत की स्थिति में ऐसे वोट की गणना की जाती है। इसे टेंडर वोट कहा जाता हैं।
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कोट
यदि कोई वोट मतदान करने जाता है और उसे पता चलता है कि उसका वोट पड़ चुका है तो वह टेंडर व चैलेंज वोट दे सकता है। इसके लिए उसको दो रुपये फीस जमा करनी होती है।
- विजय तिवारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी।