{"_id":"605259368ebc3ec899797526","slug":"four-arrest-in-connection-with-elephant-teeth-rudrapur-news-hld418575799","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथी दांत प्रकरण: वनरक्षक निलंबित, वन दरोगा और रेंजर अटैच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथी दांत प्रकरण: वनरक्षक निलंबित, वन दरोगा और रेंजर अटैच
Fri, 19 Mar 2021 01:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर/गूलरभोज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर/गूलरभोज
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Mar 2021 01:11 PM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर में बरामद हाथी दांत के साथ पुलिस और वन विभाग की टीम।
- फोटो : RUDRAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसटीएफ, वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग की संयुक्त टीम की गिरफ्त में आठ किलो वजनी हाथी दांत के साथ आए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। डीएफओ ने लापरवाही बरतने पर वनरक्षक को निलंबित कर दिया है, जबकि वन दरोगा और रेंजर को एसडीओ कार्यालय में अटैच किया गया है। पशु डाक्टरों के पैनल की ओर से शव का पोस्टमार्टम करने के बाद दफना किया गया है। मृत मिले हाथी के शव से एक दांत गायब है।
विज्ञापन
एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को काशीपुर रोड पर फ्लाईओवर के नीचे स्कूल और बाइक सवार श्रम कुमार निवासी गूलरभोज, ऋषि कुमार निवासी आदर्शनगर गूलरभोज, सुरजीत निवासी नई बस्ती गूलरभोज और शमशेर निवासी पकड़िया गूलरभोज को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से आठ किलो वजनी हाथी दांत बरामद किया था। आरोपियों ने दांत को बेचने के लिए दिल्ली ले जाने और पीपलपड़ाव रेंज के जंगल से हाथी का दांत लाने की बात स्वीकारी थी। आरोपियों की निशानदेही पर वनकर्मियों ने रेंज की दक्षिण गदगदिया पूर्वी बीट से हाथी का सड़ागला शव बरामद किया था। मामले को लेकर वन महकमे में हड़कंप मच गया था। सवाल उठ रहे थे कि करीब दो महीने पुराने शव पर गश्त कर्मियों की नजर क्यों नहीं पड़ी। जंगल में होने वाली नियमित गश्त के दावे की भी पोल खुल गई थी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को घटनास्थल पर वनकर्मियों की मौजूदगी में हाथी का पोस्टमार्टम करने की कार्यवाही की गई। बताया जा रहा है कि शव से दांत को कुल्हाड़ी से काटा गया था। एसडीओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मृत हाथी के शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट का निशान नहीं मिला है। जिस स्थान पर शव बरामद हुआ वहां पर एक नाला है। हाथी की उम्र 40 वर्ष बताई गई है। संभावना जताई जा रही है कि कीचड़ में फंसने और उम्रदराज होने की वजह से वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी मौत हो गई। करीब दो माह से शव पड़े रहने के कारण उसका शरीर 90 फीसदी सड़ गया है। इस मामले की जांच वह स्वयं कर रहे हैं।
विज्ञापन
वनरक्षक नवल किशोर को निलंबित करने के साथ ही वन दरोगा दुर्गा दत्त मेलकानी और रेंजर भूपाल सिंह कैड़ा को एसडीओ कार्यालय अटैच किया गया है। मृत हाथी का एक दांत गायब है और इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। हाथी की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगी। इस मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. अभिलाषा सिंह, डीएफओ, तराई केंद्रीय वन प्रभाग।