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डाक्टर की पोस्ट से भड़का किसानों का आक्रोश, नर्सिंग होम घेरा
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काशीपुर में विधायक हरभजन सिंह चीमा का घेराव करते किसान।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के बारे में एक डॉक्टर की अपमानजनक पोस्ट से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसानों ने डॉक्टर के नर्सिंग होम को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस के समझाने पर भी किसान नहीं माने। बाद में डॉक्टर की ओर से सार्वजनिक रूप से मॉफी मांगने पर किसान शांत हुए।
चैती रोड पर स्थित नेत्र चिकित्सालय के संचालक डॉ. देवेंद्र चंद्र ने रविवार को अपनी फेसबुक वॉल पर दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर अपमानजनक पोस्ट डाली थी। भाकियू (यूथ विंग्स) के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राणा समेत कई किसान नेताओं ने इस पोस्ट का स्क्रीन शॉट लेकर उसे वायरल कर दिया। डॉक्टर की इस पेास्ट से किसानों का आक्रोश भड़क उठा। सोमवार सुबह बड़ी तादाद में किसान डॉ. देवेंद्र के नर्सिंग होम पर आ धमके और नारेबाजी करने लगे। किसानों के गुस्से को देखते हुए डॉक्टर ने नर्सिंग होम के मुख्य द्वार पर ताला लगवा दिया। इस दौरान वहां आए मरीजों में भी अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर आईटीआई थाना प्रभारी विद्यादत जोशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से डॉक्टर देवेंद्र को थाने चलने के लिए कहा। डॉक्टर के परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। डॉक्टर की पत्नी के आग्रह पर विधायक हरभजन सिंह चीमा भी मौके पर आ गए। डॉक्टर का पक्ष लेने पर उन्हें भी किसानों का गुस्सा झेलना पड़ा। पुलिस ने बमुश्किल विधायक को उग्र किसानों की भीड़ से निकालकर नर्सिंग होम के अंदर पहुंचाया। थाना प्रभारी बीडी जोशी ने बताया कि डॉक्टर ने अपनी पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और इसे फेसबुक पर अपलोड किया। तब जाकर किसानों का गुस्सा शांत हुआ। विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रभुपाल सिंह, हरजीत सिंह, प्रभुजोत ग्रेवाल, गुरताज गोराया, संदीप सिंह दयोल, हीरा सिंह, वीरजोत सिंह ग्रेवाल, राजू छीना, प्रताप विर्क आदि थे।
किसान बोले समर्थन करें या इस्तीफा दें चीमा
काशीपुर। किसान आंदोलन पर अब तक चुप्पी साधे भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा को भी किसानों ने आड़े हाथों लिया। मौके पर पहुंचकर जब विधायक चीमा ने किसानों के सामने डॉक्टर देवेंद्र का पक्ष लिया तो किसान डॉक्टर को छोड़कर विधायक पर बरस पड़े। किसानों का कहना था कि अब तक आंदोलन कर रहे किसानों का विधायक ने पक्ष नहीं लिया और आज किसानों के विरोध में खड़े हो गए। विधायक चीमा खुद को किसान कहते हैं लेेकिन अब तक एक बार भी किसान आंदोलन का समर्थन नहीं किया। विधायक को किसानों का समर्थन करना चाहिए और अगर समर्थन नहीं कर सकते तो इस्तीफा देना चाहिए। किसानों के समर्थन ने ही चीमा को चार बार विधायक बनाया है।
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मुझे डॉक्टर देवेंद्र की पत्नी का फोन आया था। वहां स्थिति बहुत विस्फोटक थी। इसलिए मैंने वहां जाकर किसानों को समझाया अन्यथा कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी। - हरभजन सिंह चीमा, विधायक काशीपुर।
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चैती रोड पर स्थित नेत्र चिकित्सालय के संचालक डॉ. देवेंद्र चंद्र ने रविवार को अपनी फेसबुक वॉल पर दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर अपमानजनक पोस्ट डाली थी। भाकियू (यूथ विंग्स) के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राणा समेत कई किसान नेताओं ने इस पोस्ट का स्क्रीन शॉट लेकर उसे वायरल कर दिया। डॉक्टर की इस पेास्ट से किसानों का आक्रोश भड़क उठा। सोमवार सुबह बड़ी तादाद में किसान डॉ. देवेंद्र के नर्सिंग होम पर आ धमके और नारेबाजी करने लगे। किसानों के गुस्से को देखते हुए डॉक्टर ने नर्सिंग होम के मुख्य द्वार पर ताला लगवा दिया। इस दौरान वहां आए मरीजों में भी अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर आईटीआई थाना प्रभारी विद्यादत जोशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से डॉक्टर देवेंद्र को थाने चलने के लिए कहा। डॉक्टर के परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। डॉक्टर की पत्नी के आग्रह पर विधायक हरभजन सिंह चीमा भी मौके पर आ गए। डॉक्टर का पक्ष लेने पर उन्हें भी किसानों का गुस्सा झेलना पड़ा। पुलिस ने बमुश्किल विधायक को उग्र किसानों की भीड़ से निकालकर नर्सिंग होम के अंदर पहुंचाया। थाना प्रभारी बीडी जोशी ने बताया कि डॉक्टर ने अपनी पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और इसे फेसबुक पर अपलोड किया। तब जाकर किसानों का गुस्सा शांत हुआ। विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रभुपाल सिंह, हरजीत सिंह, प्रभुजोत ग्रेवाल, गुरताज गोराया, संदीप सिंह दयोल, हीरा सिंह, वीरजोत सिंह ग्रेवाल, राजू छीना, प्रताप विर्क आदि थे।
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किसान बोले समर्थन करें या इस्तीफा दें चीमा
काशीपुर। किसान आंदोलन पर अब तक चुप्पी साधे भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा को भी किसानों ने आड़े हाथों लिया। मौके पर पहुंचकर जब विधायक चीमा ने किसानों के सामने डॉक्टर देवेंद्र का पक्ष लिया तो किसान डॉक्टर को छोड़कर विधायक पर बरस पड़े। किसानों का कहना था कि अब तक आंदोलन कर रहे किसानों का विधायक ने पक्ष नहीं लिया और आज किसानों के विरोध में खड़े हो गए। विधायक चीमा खुद को किसान कहते हैं लेेकिन अब तक एक बार भी किसान आंदोलन का समर्थन नहीं किया। विधायक को किसानों का समर्थन करना चाहिए और अगर समर्थन नहीं कर सकते तो इस्तीफा देना चाहिए। किसानों के समर्थन ने ही चीमा को चार बार विधायक बनाया है।
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मुझे डॉक्टर देवेंद्र की पत्नी का फोन आया था। वहां स्थिति बहुत विस्फोटक थी। इसलिए मैंने वहां जाकर किसानों को समझाया अन्यथा कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी। - हरभजन सिंह चीमा, विधायक काशीपुर।