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नानकमत्ता जलाशय में साहसिक पर्यटन के संचालन की कवायद
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रुद्रपुर। जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग नानकमत्ता डैम में भी नाव, मोटरबोट सहित अन्य साहसिक गतिविधियों के संचालन करने की कवायद कर रहा है। इसको लेकर जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी ने यूपी सिंचाई विभाग को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। बताया जा रहा है कि दिवाली के बाद यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की बैठक भी होनी है।
कुमाऊं का गेट-वे कहे जाने वाले ऊधमसिंह नगर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं लेकिन इसके बावजूद पर्यटक स्थल पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं। बौर जलाशय के बाद अब तुमड़िया, धौरा और नानकमत्ता जलाशय में भी पर्यटन विभाग साहसिक गतिविधियों का संचालन करने की कवायद कर रहा है। नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल की तर्ज पर जिले में भी साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए जिला साहसिक खेल प्रबंधन समिति का भी गठन किया गया है।
समिति के माध्यम से ही नानकमत्ता जलाशय में कयाक बोट, पलटून, डोनट बोट, सर्फिंग, पैडल बोट और सेल बोट चलाने के लिए अनुमति की जरूरत पड़ती है। पर्यटन विभाग के मुताबिक नानकमत्ता गुरुद्वारे में लोग दूर-दूर से मत्था टेकने आते हैं। नानकमत्ता जलाशय में यदि साहसिक पर्यटन का संचालन किया जाए तो इससे पर्यटकों को आनंद के साथ ही पर्यटन विभाग की आय भी बढ़ेगी।
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जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य ने बताया कि नानकमत्ता जलाशय यूपी सिंचाई विभाग के अधीन आता है। जलाशय में साहसिक पर्यटन को शुरू करने के लिए यूपी सिंचाई विभाग को अनुमति पत्र भेजा है। अनुमति मिलने के बाद डैम में नाव का संचालन किया जाएगा।
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कुमाऊं का गेट-वे कहे जाने वाले ऊधमसिंह नगर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं लेकिन इसके बावजूद पर्यटक स्थल पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं। बौर जलाशय के बाद अब तुमड़िया, धौरा और नानकमत्ता जलाशय में भी पर्यटन विभाग साहसिक गतिविधियों का संचालन करने की कवायद कर रहा है। नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल की तर्ज पर जिले में भी साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए जिला साहसिक खेल प्रबंधन समिति का भी गठन किया गया है।
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समिति के माध्यम से ही नानकमत्ता जलाशय में कयाक बोट, पलटून, डोनट बोट, सर्फिंग, पैडल बोट और सेल बोट चलाने के लिए अनुमति की जरूरत पड़ती है। पर्यटन विभाग के मुताबिक नानकमत्ता गुरुद्वारे में लोग दूर-दूर से मत्था टेकने आते हैं। नानकमत्ता जलाशय में यदि साहसिक पर्यटन का संचालन किया जाए तो इससे पर्यटकों को आनंद के साथ ही पर्यटन विभाग की आय भी बढ़ेगी।
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जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य ने बताया कि नानकमत्ता जलाशय यूपी सिंचाई विभाग के अधीन आता है। जलाशय में साहसिक पर्यटन को शुरू करने के लिए यूपी सिंचाई विभाग को अनुमति पत्र भेजा है। अनुमति मिलने के बाद डैम में नाव का संचालन किया जाएगा।