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काशीपुर में हैंडपंप सूखने से गहराने लगा पेयजल संकट
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काशीपुर। तराई में पानी की समस्या विकराल होती जा रही है। स्थिति यह है कि अकेले काशीपुर में ही 400 हैंडपंप पूरी तरह से सूख चुके हैं जिससे कई क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। हालांकि शहरी क्षेत्र की कॉलोनियों में हैंडपंप के साथ घरों में पाइपलाइन से भी पानी की सप्लाई होती है लेकिन बस्तियों में हैंडपंप पर आश्रित लोग काफी परेशान हैं।
काशीपुर नगर निगम क्षेत्र में नगर निगम और विभिन्न संस्थाओं की ओर से सैकड़ों हैंडपंप लगाए गए हैं। काशीपुर के 40 वार्डों में से अधिकांश में इंडिया मार्का के हैंडपंप लगे हैं। नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में इन 40 वार्डों में लगे 400 हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। जो हैंडपंप चल रहे हैं उनमें भी दूषित पानी आ रहा है।
वार्ड नंबर 17 के पार्षद राजकुमार सेठी ने बताया कि उनके वार्ड में लगे सभी सात हैंडपंप खराब पड़े हैं। वार्ड 23 के पार्षद सादिक हुसैन ने बताया कि उनके वार्ड में 10 हैंडपंप खराब पड़े हैं। जो शेष 10 हैंडपंप चल रहे हैं उनमें भी दूषित पीला पानी आ रहा है। इसी तरह वार्ड 37 की पार्षद वैशाली गुप्ता ने बताया कि उनके वार्ड में 37 हैंडपंप खराब हैं।
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वार्ड छह हेमपुर इस्माईल के पार्षद एलएम सिंह ने बताया कि उनके वार्ड में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, जल निगम, गलबिलया स्पात, केवीएस और जल निगम ने 13 हैंडपंप लगाए हैं। जिनमें से आठ खराब पड़े हैं। नगर निगम के अवर अभियंता ईश्वर सिंह रौतेला ने बताया कि खराब हैंडपंपों की सूची तैयार कर उनकी मरम्मत जल्द कराई जाएगी।
सरकारी अस्पताल में तीन हैंडपंप खराब
काशीपुर। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में भी चार हैंडपंप लगे हैं जिसमें से तीन खराब पड़े हैं जबकि यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। हैंडपंप खराब होने के चलते उन्हें पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। यहां भर्ती होने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए यह बड़ी समस्या है। कई जनप्रतिनिधि यहां आते हैं लेकिन किसी की नजर इस समस्या पर नहीं जाती है। (ब्यूरो)
नगर निगम में नहीं पीने के पानी की व्यवस्था
काशीपुर। नगर क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हैंडपंप लगाने वाले नगर निगम के पास अपने परिसर में ही लोगों को पानी पिलाने की व्यवस्था नहीं है। पेयजल के लिए निगम परिसर में कोई भी वाटर कूलर नहीं लगाया गया है जिससे यहां आने वाले लोगों को परिसर में बनी दुकानों से पीने के लिए पानी खरीदना पड़ता है। (ब्यूरो)
कैसे पीएं शुद्ध पानी जब पानी में निकल रहे केंचुए
काशीपुर। नगर क्षेत्र में जहां एक तरफ हैंडपंप सूखने से पेयजल व्यवस्था चरमरा रही है वहीं दूसरी तरफ जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछी हैं उन क्षेेत्रों में भी पीने का शुद्ध पानी लोगों को नहीं मिल रहा है। कुछ स्थानों पर पेयजल लाइनें पुरानी और कुछ स्थानों पर सड़कों के टूटने से लाइनों में लीकेज है जिससे लाइनों के जरिये केंचुए और कीड़े पानी में निकल रहे हैं।
हैंडपंपों की मरम्मत के लिए एक माह पूर्व ठेका हो चुका है। लॉकडाउन के कारण मरम्मत के लिए उपकरण नहीं आ सके। अब उपकरण आने शुरू हो गए हैं। कुछ दिनों में हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुुरू कर दिया जाएगा। - ऊषा चौधरी, मेयर नगर निगम काशीपुर।
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काशीपुर नगर निगम क्षेत्र में नगर निगम और विभिन्न संस्थाओं की ओर से सैकड़ों हैंडपंप लगाए गए हैं। काशीपुर के 40 वार्डों में से अधिकांश में इंडिया मार्का के हैंडपंप लगे हैं। नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में इन 40 वार्डों में लगे 400 हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। जो हैंडपंप चल रहे हैं उनमें भी दूषित पानी आ रहा है।
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वार्ड नंबर 17 के पार्षद राजकुमार सेठी ने बताया कि उनके वार्ड में लगे सभी सात हैंडपंप खराब पड़े हैं। वार्ड 23 के पार्षद सादिक हुसैन ने बताया कि उनके वार्ड में 10 हैंडपंप खराब पड़े हैं। जो शेष 10 हैंडपंप चल रहे हैं उनमें भी दूषित पीला पानी आ रहा है। इसी तरह वार्ड 37 की पार्षद वैशाली गुप्ता ने बताया कि उनके वार्ड में 37 हैंडपंप खराब हैं।
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वार्ड छह हेमपुर इस्माईल के पार्षद एलएम सिंह ने बताया कि उनके वार्ड में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, जल निगम, गलबिलया स्पात, केवीएस और जल निगम ने 13 हैंडपंप लगाए हैं। जिनमें से आठ खराब पड़े हैं। नगर निगम के अवर अभियंता ईश्वर सिंह रौतेला ने बताया कि खराब हैंडपंपों की सूची तैयार कर उनकी मरम्मत जल्द कराई जाएगी।
सरकारी अस्पताल में तीन हैंडपंप खराब
काशीपुर। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में भी चार हैंडपंप लगे हैं जिसमें से तीन खराब पड़े हैं जबकि यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। हैंडपंप खराब होने के चलते उन्हें पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। यहां भर्ती होने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए यह बड़ी समस्या है। कई जनप्रतिनिधि यहां आते हैं लेकिन किसी की नजर इस समस्या पर नहीं जाती है। (ब्यूरो)
नगर निगम में नहीं पीने के पानी की व्यवस्था
काशीपुर। नगर क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हैंडपंप लगाने वाले नगर निगम के पास अपने परिसर में ही लोगों को पानी पिलाने की व्यवस्था नहीं है। पेयजल के लिए निगम परिसर में कोई भी वाटर कूलर नहीं लगाया गया है जिससे यहां आने वाले लोगों को परिसर में बनी दुकानों से पीने के लिए पानी खरीदना पड़ता है। (ब्यूरो)
कैसे पीएं शुद्ध पानी जब पानी में निकल रहे केंचुए
काशीपुर। नगर क्षेत्र में जहां एक तरफ हैंडपंप सूखने से पेयजल व्यवस्था चरमरा रही है वहीं दूसरी तरफ जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछी हैं उन क्षेेत्रों में भी पीने का शुद्ध पानी लोगों को नहीं मिल रहा है। कुछ स्थानों पर पेयजल लाइनें पुरानी और कुछ स्थानों पर सड़कों के टूटने से लाइनों में लीकेज है जिससे लाइनों के जरिये केंचुए और कीड़े पानी में निकल रहे हैं।
हैंडपंपों की मरम्मत के लिए एक माह पूर्व ठेका हो चुका है। लॉकडाउन के कारण मरम्मत के लिए उपकरण नहीं आ सके। अब उपकरण आने शुरू हो गए हैं। कुछ दिनों में हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुुरू कर दिया जाएगा। - ऊषा चौधरी, मेयर नगर निगम काशीपुर।