{"_id":"6a95e18f38d2d98c8b03ca26","slug":"ld-bhatts-heart-center-has-been-closed-for-11-years-awaiting-a-specialist-kashipur-news-c-235-1-ksp1004-148188-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: 11 साल से बंद है एलडी भट्ट का हार्ट सेंटर, विशेषज्ञ का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: 11 साल से बंद है एलडी भट्ट का हार्ट सेंटर, विशेषज्ञ का इंतजार
Tue, 01 Sep 2026 01:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
काशीपुर अस्पताल में बना ह्दय चिकित्सा केंद्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय का हृदय चिकित्सा केंद्र 11 साल से हृदय रोग विशेषज्ञ की बाट जोह रहा है। चिकित्सक न होने से केंद्र की सेवाएं बंद हैं और यहां उपलब्ध ईसीजी, टीएमटी व ईको जैसी जांच सुविधाएं भी बेकार पड़ी हैं। हृदय रोगियों को मजबूरन निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।
रामनगर रोड स्थित अस्पताल परिसर में हृदय चिकित्सा केंद्र का निर्माण वर्ष 1986 में सहकारी गन्ना समिति ने कराया था। तत्कालीन विदेश मंत्री एनडी तिवारी ने इसका शुभारंभ किया था। वर्ष 1997 में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बीसी जोशी ने कार्यभार संभाला और 25 जून 2015 तक सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल में प्रतिदिन करीब 200 मरीज ओपीडी में आते थे। केंद्र में मरीजों को भर्ती करने के साथ ईसीजी, टीएमटी और ईको जांच की सुविधा भी थी।
डॉ. जोशी के जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब तक विशेषज्ञ की तैनाती नहीं कर सका है। लाखों रुपये की लागत की मशीनें बंद कमरों में धूल फांक रही हैं। मई में अस्पताल पहुंचीं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने भी विशेषज्ञ की तैनाती की बात कही थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
--
गढ़वाल और यूपी से भी आते थे मरीज
हार्ट सेंटर में कुमाऊं-गढ़वाल के साथ उत्तर प्रदेश से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे। विशेषज्ञ के अभाव में अब गरीब मरीज निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
कोट
चिकित्सक के अभाव में हार्ट सेंटर बंद होने के संबंध में मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा। महानिदेशक से संपर्क कर केंद्र को दोबारा संचालित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती का आग्रह किया जाएगा। - डॉ. संजीव गोस्वामी, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर
विज्ञापन
रामनगर रोड स्थित अस्पताल परिसर में हृदय चिकित्सा केंद्र का निर्माण वर्ष 1986 में सहकारी गन्ना समिति ने कराया था। तत्कालीन विदेश मंत्री एनडी तिवारी ने इसका शुभारंभ किया था। वर्ष 1997 में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बीसी जोशी ने कार्यभार संभाला और 25 जून 2015 तक सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल में प्रतिदिन करीब 200 मरीज ओपीडी में आते थे। केंद्र में मरीजों को भर्ती करने के साथ ईसीजी, टीएमटी और ईको जांच की सुविधा भी थी।
विज्ञापन
डॉ. जोशी के जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब तक विशेषज्ञ की तैनाती नहीं कर सका है। लाखों रुपये की लागत की मशीनें बंद कमरों में धूल फांक रही हैं। मई में अस्पताल पहुंचीं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने भी विशेषज्ञ की तैनाती की बात कही थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
गढ़वाल और यूपी से भी आते थे मरीज
हार्ट सेंटर में कुमाऊं-गढ़वाल के साथ उत्तर प्रदेश से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे। विशेषज्ञ के अभाव में अब गरीब मरीज निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
कोट
चिकित्सक के अभाव में हार्ट सेंटर बंद होने के संबंध में मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा। महानिदेशक से संपर्क कर केंद्र को दोबारा संचालित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती का आग्रह किया जाएगा। - डॉ. संजीव गोस्वामी, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर