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अशोक लीलैंड पर कार्रवाई की मांग, थाने का घेराव
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पंतनगर स्थित थाना परिसर में धरना देते कांग्रेसी और डिप्लोमाधारी युवा।
- फोटो : RUDRAPUR
सिडकुल की अशोक लीलैंड कंपनी पर आशीर्वाद योजना के तहत डिप्लोमाधारियों को स्थायी रोजगार नहीं देने और गुमराह करने का आरोप लगाते हुए युवाओं ने थाने का घेराव किया। उन्होंने स्थायी नियुक्ति की मांग करने के साथ ही कंपनी प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को तहरीर सौंपी। एसओ ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
रविवार को कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश और हरीश पनेरू की अगुवाई में डिप्लोमाधारियों ने थाने का घेराव कर धरना दिया। पनेरू ने पुलिस को तहरीर देकर कहा कि कंपनी प्रबंधन ने युवाओं को रोजगार देने के नाम पर मूल प्रमाणपत्रों को भी अपने पास जमा कर लिया था। इससे युवा किसी भी सरकारी और गैर सरकारी संस्था में रोजगार एवं शिक्षा प्राप्त करने के अवसरों से वंचित हो गए। आशीर्वाद योजना से युवाओं को चार वर्षीय डिप्लोमा कराया जाता है लेकिन कंपनी प्रबंधन ने सभी को रोजगार देने की बात कहकर छह साल में डिप्लोमा पूरा कराया।
समयावधि पूर्ण हो जाने के बाद प्रबंधन रोजगार के नाम पर सिर्फ आश्वासन देता रहा। कंपनी ने वर्ष 2018 के बाद किसी भी युवा को स्थायी रोजगार नहीं दिया है। इतना ही नहीं सभी कंपनियों ने योजना के तहत जारी किए गए डिप्लोमा को फर्जी करार दिया। करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद एसओ के आश्वासन पर आंदोलन खत्म हुआ।
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रविवार को कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश और हरीश पनेरू की अगुवाई में डिप्लोमाधारियों ने थाने का घेराव कर धरना दिया। पनेरू ने पुलिस को तहरीर देकर कहा कि कंपनी प्रबंधन ने युवाओं को रोजगार देने के नाम पर मूल प्रमाणपत्रों को भी अपने पास जमा कर लिया था। इससे युवा किसी भी सरकारी और गैर सरकारी संस्था में रोजगार एवं शिक्षा प्राप्त करने के अवसरों से वंचित हो गए। आशीर्वाद योजना से युवाओं को चार वर्षीय डिप्लोमा कराया जाता है लेकिन कंपनी प्रबंधन ने सभी को रोजगार देने की बात कहकर छह साल में डिप्लोमा पूरा कराया।
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समयावधि पूर्ण हो जाने के बाद प्रबंधन रोजगार के नाम पर सिर्फ आश्वासन देता रहा। कंपनी ने वर्ष 2018 के बाद किसी भी युवा को स्थायी रोजगार नहीं दिया है। इतना ही नहीं सभी कंपनियों ने योजना के तहत जारी किए गए डिप्लोमा को फर्जी करार दिया। करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद एसओ के आश्वासन पर आंदोलन खत्म हुआ।
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