{"_id":"606cadfe8ebc3ee61d7cf6ae","slug":"cultural-programme-will-be-organised-rudrapur-news-hld4207778121","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री श्री ठाकुर हरिचांद जी के जन्मोत्सव पर आठ से शुरू होंगे धार्मिक कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री श्री ठाकुर हरिचांद जी के जन्मोत्सव पर आठ से शुरू होंगे धार्मिक कार्यक्रम
विज्ञापन
श्री श्री ठाकुर हरिचांद जी।
- फोटो : RUDRAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री हरिचांद गुरुचांद मतुआ मिशन के संस्थापक श्री श्री ठाकुर हरिचांद जी के 209वें जन्मोत्सव पर आठ अप्रैल से नगर स्थित द्वितीय ओड़ाकांदी धाम श्री हरि मंदिर में तीन दिनी धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। महावारूणी स्नान महोत्सव में देशभर के हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में स्थित कृत्रिम तालाब कामना सागर में आस्था की डुबकी लगाएंगे। श्री हरि मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की सभी तैयारी पूरी होने के साथ देशभर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
आचार्य विवेकानंद ब्रह्मचारी व उत्सव कमेटी के अध्यक्ष निखिल बढ़ोई ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रभात कीर्तन से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसी दिन निशान उत्तोलन के बाद गंगा पूजन का आयोजन होगा। शाम को मंगल घट की स्थापना के साथ आमंत्रण अधिवास आरती में श्रद्धालु भाग लेंगे। नौ अप्रैल को मुख्य कार्यक्रम महावारूणी स्नान पर्व पर मधु कृष्ण त्रयोदशी महायोग में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक देश भर से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में स्थित कृत्रिम तालाब कामना सागर में डुबकी लगाएंगे।
इससे पहले नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन रात को बंगाल की लोक नाट्य शैली जात्रागान का तीन कोड़ीर भावांतर का मंचन भी होगा। 10 अप्रैल शनिवार को दिन में मतुआ सम्मेलन और शांति सभा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। इस दौरान तीन दिनी मेला भी लगेगा।
विज्ञापन
प्रशासन ने आयोजन समिति को कई शर्तों के साथ आयोजन की अनुमति दी है। पिछले साल कोविड-19 के चलते महावारूणी स्नान महोत्सव का आयोजन अंतिम समय में स्थगित हो गया था। मंदिर परिसर में देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु फंस गए थे। बाद में राज्य सरकार के प्रयास से सभी लोग अपने घर को लौट पाए थे।
विज्ञापन
आचार्य विवेकानंद ब्रह्मचारी व उत्सव कमेटी के अध्यक्ष निखिल बढ़ोई ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रभात कीर्तन से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसी दिन निशान उत्तोलन के बाद गंगा पूजन का आयोजन होगा। शाम को मंगल घट की स्थापना के साथ आमंत्रण अधिवास आरती में श्रद्धालु भाग लेंगे। नौ अप्रैल को मुख्य कार्यक्रम महावारूणी स्नान पर्व पर मधु कृष्ण त्रयोदशी महायोग में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक देश भर से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में स्थित कृत्रिम तालाब कामना सागर में डुबकी लगाएंगे।
विज्ञापन
इससे पहले नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन रात को बंगाल की लोक नाट्य शैली जात्रागान का तीन कोड़ीर भावांतर का मंचन भी होगा। 10 अप्रैल शनिवार को दिन में मतुआ सम्मेलन और शांति सभा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। इस दौरान तीन दिनी मेला भी लगेगा।
विज्ञापन
प्रशासन ने आयोजन समिति को कई शर्तों के साथ आयोजन की अनुमति दी है। पिछले साल कोविड-19 के चलते महावारूणी स्नान महोत्सव का आयोजन अंतिम समय में स्थगित हो गया था। मंदिर परिसर में देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु फंस गए थे। बाद में राज्य सरकार के प्रयास से सभी लोग अपने घर को लौट पाए थे।