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डोडे में मुनाफा कम था तो बेचने लगा अफीमe
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:08 AM IST
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सीओ कार्यालय रुद्रपुर में पुलिस के गिरफ्त में नशे के धंधेबाज।
- फोटो : amar ujala
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दोस्ती की खातिर मुश्किलों में फंसे दोस्त की मदद या दोस्त की मदद से मुकाम पाने के किस्से बहुत हैं, लेकिन रुद्रपुर में एक दोस्त ने नशे के कारोबार में और मुनाफा कमाने के लिए दोस्ती का सहारा लिया। अंजाम यह रहा कि फ्रेंडशिप डे के दिन दोनों दोस्त एक साथ जेल के लिए रवाना हुए।
पांच लाख रुपये कीमत की अफीम के साथ पकड़े गए जसवीर और यदुनाथ गहरे दोस्त हैं। करीब दस साल पहले यूपी के बलिया में हाईस्कूल की परीक्षा देते समय जसवीर और यदुनाथ की मुलाकात हुई थी। दोनों का संपर्क बढ़ने के साथ ही दोस्ती हो गई। पुलिस के मुताबिक, जसवीर किच्छा क्षेत्र में डोडा बेचने का काम करता था, लेकिन डोडा के कारोबार में मुनाफा कम होता था।
करीब पांच साल पहले यदुनाथ ने जसवीर को डोडा की बजाए अफीम बेचने और मोटा मुनाफा होने की बात कही थी। उसने झारखंड से डोडा लाकर उसे मुहैया कराने का भरोसा दिया था। यहीं से दोनों की दोस्ती में नशे के कारोबार ने पैठ जमा ली। यदुनाथ झारखंड से अफीम लाकर दिल्ली के साथ ही यूपी के कई हिस्सों में बेचता था।
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रुद्रपुर आकर वह जसवीर को अफीम सप्लाई करने लगा। पूछताछ में यदुनाथ ने बताया शुक्रवार को उसने 500 ग्राम अफीम बरेली के मीरगंज निवासी एक व्यक्ति को दी थी और उसके बाद वह बची अफीम लेकर जसवीर को देने पहुंच गया था। हालांकि उसने केवल तीन बार ही जसवीर को अफीम देने की बात स्वीकारी थी। आरोपी 12 हजार रुपये प्रति तोला अफीम बेचा करते थे। जल्द अमीर बनने के लालच में उन्होंने यह रास्ता अपनाया था। यदुनाथ ने बताया कि वह पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
एसएसआई कमलेश भट्ट के मुताबिक पूछताछ में जसवीर ने बताया कि वह पहले डोडा का कारोबार करता था, लेकिन उसमें मुनाफा नहीं होने की वजह से उसने अफीम बेचने का काम शुरू कर दिया था। यदुनाथ जिन लोगों को अफीम बेचता था और जो लोग उसके उसके संपर्क में रहे, उनकी भी जानकारी ली जा रही है।
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पांच लाख रुपये कीमत की अफीम के साथ पकड़े गए जसवीर और यदुनाथ गहरे दोस्त हैं। करीब दस साल पहले यूपी के बलिया में हाईस्कूल की परीक्षा देते समय जसवीर और यदुनाथ की मुलाकात हुई थी। दोनों का संपर्क बढ़ने के साथ ही दोस्ती हो गई। पुलिस के मुताबिक, जसवीर किच्छा क्षेत्र में डोडा बेचने का काम करता था, लेकिन डोडा के कारोबार में मुनाफा कम होता था।
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करीब पांच साल पहले यदुनाथ ने जसवीर को डोडा की बजाए अफीम बेचने और मोटा मुनाफा होने की बात कही थी। उसने झारखंड से डोडा लाकर उसे मुहैया कराने का भरोसा दिया था। यहीं से दोनों की दोस्ती में नशे के कारोबार ने पैठ जमा ली। यदुनाथ झारखंड से अफीम लाकर दिल्ली के साथ ही यूपी के कई हिस्सों में बेचता था।
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रुद्रपुर आकर वह जसवीर को अफीम सप्लाई करने लगा। पूछताछ में यदुनाथ ने बताया शुक्रवार को उसने 500 ग्राम अफीम बरेली के मीरगंज निवासी एक व्यक्ति को दी थी और उसके बाद वह बची अफीम लेकर जसवीर को देने पहुंच गया था। हालांकि उसने केवल तीन बार ही जसवीर को अफीम देने की बात स्वीकारी थी। आरोपी 12 हजार रुपये प्रति तोला अफीम बेचा करते थे। जल्द अमीर बनने के लालच में उन्होंने यह रास्ता अपनाया था। यदुनाथ ने बताया कि वह पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
एसएसआई कमलेश भट्ट के मुताबिक पूछताछ में जसवीर ने बताया कि वह पहले डोडा का कारोबार करता था, लेकिन उसमें मुनाफा नहीं होने की वजह से उसने अफीम बेचने का काम शुरू कर दिया था। यदुनाथ जिन लोगों को अफीम बेचता था और जो लोग उसके उसके संपर्क में रहे, उनकी भी जानकारी ली जा रही है।