जिले भर के शिक्षकों ने कलक्ट्रेट गेट के बाहर भरी हुंकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबे समय से मांगें पूरी नहीं होने से नाराज जिले के प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया। प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट के बाहर पहुंच कर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने कई वर्षों से लंबित पड़ी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल के माध्यम से सीएम हरीश रावत को ज्ञापन भेजा। जिले भर से आए हजारों की संख्या में शिक्षकों ने कलक्ट्रेट के बाहर हुंकार भरते हुए नारे लगाये। इतनी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को देख पुलिस के हाथ पांव फूल गये।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष गुलाब सिंह सिरोही के अनुसार तीन वर्षों से शिक्षक लगातार अपनी मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखते आ रहे हैं, जिस पर कोई अमल नहीं हुआ है। हालांकि कई बिंदुओं पर अधिकारियों ने मांगें पूरी होने का आश्वासन दिया, लेकिन समय के साथ वह भी ठंडे बस्ते में बंद कर दी गईं।
इसी को देखते हुए उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने भारी संख्या में एकत्रित होकर राज्य सरकार को जगाने की कोशिश की है। शिक्षकों की वेतन विसंगति की मांग को लेकर कई साल से धरना दिया जा रहा है, लेकिन सरकार द्वारा कार्रवाई के नाम पर आश्वासन का झुनझुना थमा दिया जाता है। उन्होंने राज्य सरकार से सीआरपी बीआरपी के पदों के लिए दोबारा परीक्षा कराने की मांग भी की है।
इसके अलावा शिक्षकों को प्रतिवर्ष 20 दिनों का अवकाश और राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को विशेष सुविधायें देने की मांग के अलावा अन्य मांगें उठाई हैं। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रदीप पांडे, कैलाश गिरी, जितेंद्र गिल, कमला भट्ट परगाई, विकास अग्रवाल, जयंत मंडल, शैलेश जोशी, सुधा गुप्ता, गीतांजलि कौर, शालिनी शर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे।
तीन घंटे हाईवे रहा बाधित
प्रदर्शन में शिक्षकों के इतने बड़े हुजूम के पैदल आने के कारण मुख्य सड़क पर करीब तीन घंटे यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंची यातायात पुलिस द्वारा भारी वाहनों को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। वहीं नैनीताल हाईवे पर भी काफी देर तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही, जिस कारण से रोडवेज बसें भी जाम में फंसी रहीं। रुद्रपुर से रामपुर और हल्द्वानी जाने वाले वाहनों के लिए करीब तीन घंटे के बाद यातायात पूरी तरह से सुचारु हो पाया।
भीड़ देखकर पुलिस के छूटे पसीने
शिक्षकों के इतनी बड़ी संख्या में आने की पुलिस को उम्मीद नहीं थी। कलक्ट्रेट गेट के बाहर जब शिक्षकों का हुजूम पहुंचा और नारेबाजी हुई तो आनन-फानन में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इधर एसडीएम द्वारा भी भारी भीड़ की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच शिक्षकों से वार्ता कर ज्ञापन ले लिया गया। सिडकुल चौकी प्रभारी एमपी सिंह भी मय फोर्स के पहुंच गए।
शिक्षकों ने किया धारा 144 का पालन
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान के लिए पूरे कुमाऊं भर के लिए यहां ईवीएम भी पहुंच चुकी हैं। इसी के मद्देनजर प्रभारी डीएम द्वारा कलक्ट्रेट पर धारा 144 लागू की गई है। इसका पालन करते हुए शिक्षकों ने अपना प्रदर्शन कलक्ट्रेट गेट के बाहर ही किया। हालांकि राज्य सरकार पर शिक्षक नेता जमकर बरसे लेकिन साथ उन्होंने धारा 144 का भी उल्लंघन नहीं होने दिया।
प्रीकॅाल मामले से पुलिस ने लिया सबक
हजारों की संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने जब कलक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी की तो कुछ देर के लिए गहमागहमी का माहौल बन गया था। कुछ दिन पहले हुए सिडकुल की प्रीकॉल फैक्ट्री के ठेका श्रमिकों के मामले से सबक लेते हुए पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शनकारियों को समझाया। शिक्षकों ने भी शालीनता के साथ ज्ञापन सौंपकर वहां से चले गए।