{"_id":"5b7f030542c792465c2c9e8c","slug":"tahsildar-and-patvari-underground","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी वसीयत मामला : भूमिगत हुए तहसीलदार और पटवारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी वसीयत मामला : भूमिगत हुए तहसीलदार और पटवारी
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
होटल सितार इंटरनेशनल की फर्जी वसीयत करने के मामले में नामजद प्रभारी तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद दोनों अधिकारी और कर्मचारी भूमिगत हो गए हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कहा कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा।
बरेली निवासी रोहित कक्कड़ ने नगर के एक व्यापारी और उनकी पत्नी पर पिता की जमीन की फर्जी वसीयत कराने का आरोप लगाया था। आरोप था कि व्यापारी ने वर्ष 2013 में फर्जी वसीयतनामा करा लिया और राजस्व एवं रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारियों की साठगांठ से वर्ष 2017 में वसीयत रजिस्टर्ड कराई। कोतवाली पुलिस ने मामले में प्रभारी तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल और पटवारी राम अवतार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। वहीं, मामला डीएम के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने एडीएम नजूल जगदीश चंद्र कांडपाल को जांच के आदेश दिए। एडीएम कांडपाल ने पांच जून को तहसील पहुंच एसडीएम के दफ्तर में बंद कमरे में पांच घंटे आरोपी प्रभारी तहसीलदार और पटवारी से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए थे। जांच में प्रभारी तहसीलदार ग्वाल व पटवारी के दोषी मिलने पर डीएम ने पटवारी को निलंबित कर दिया था और प्रभारी तहसीलदार के खिलाफ निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
विज्ञापन
प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी प्रभारी तहसीलदार व पटवारी के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कराया गया है। पटवारी राम अवतार मूलरूप से बाजपुर का रहने वाला है और यहां नगर की बिजली कॉलोनी में रहता था। अब वह परिवार समेत गायब है। इसके अलावा धारचूला, पिथौरागढ़ निवासी प्रभारी तहसीलदार ग्वाल भी भूमिगत हो गए हैं। दोनों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन