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एसआईटी की जांच के दायरे में आए निलंबित पीसीएस तीरथ पाल
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:25 AM IST
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में निलंबित पीसीएस अफसर तीरथपाल भी एसआईटी की जांच के दायरे में आ गए हैं। तीरथपाल के खिलाफ गदरपुर तहसील में भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद चार जमीनों की 143 (लैंड यूज चेंज) कराने के साक्ष्य मिले हैं। सूत्रों के अनुसार तीरथपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए एसआईटी शासन को पत्र भेजने की तैयारी कर रही है। इधर, बाजपुर तहसील के सात काश्तकारों ने भी बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर एसआईटी के सामने मुआवजे की रकम को लौटाने की पेशकश की है। तीन काश्तकार पहले ही एक करोड़ 70 लाख रुपये का मुआवजा वापस कर चुके हैं।
तीरथपाल ने गदरपुर तहसील में तैनाती के दौरान भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद चार जमीनों का 143 कराया था, जबकि नोटिफिकेशन के बाद जमीनों का 143 नहीं कराया जा सकता। इसी आधार पर एसआईटी ने तीरथपाल का नाम गदरपुर तहसील की विवेचना एफआईआर में शामिल कर लिया है। हालांकि, एसआईटी का यह मानना है कि तीरथपाल के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बन रहा है, लेकिन उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। घोटाले की जांच कर रहे तत्कालीन आयुक्त डी सैंथिल पांडियन ने अनुपूरक जांच रिपोर्ट में तीरथपाल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी, जिसके बाद कुछ समय पहले ही तीरथपाल को शासन ने निलंबित कर दिया था, जबकि पांच पीसीएस अफसरों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। वहीं, सितारगंज तहसील की एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर भी एसआईटी कुछ काश्तकारों से पूछताछ कर रही है।
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