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मां के इलाज का खर्च न चुकाया तो बेटे को बंधक बनाया
ब्यूरो/ऊधमसिंह नगर
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:58 PM IST
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एक नाबालिग बेटे से उसकी मां के इलाज के खर्च की भरपाई के लिए बेटे से बरेली के अस्पताल में साफ-सफाई का शर्मनाक मामला सामने आया है। बताया गया कि अस्पताल प्रबंधन ने उसे बंधक बनाकर अस्पताल में झाड़ू पोछा करवाया है। न ही उसे घर जाने दिया जा रहा है और न ही उसकी मां का इलाज किया जा रहा है।
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गांव के पड़ोसी ने चौकी पुलिस को मामले की जानकारी देकर संबंधित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि 15 नवंबर से भर्ती महिला के इलाज और दवा के अब तक सिर्फ 6500 रुपये जमा किए गए हैं। वह छुट्टी करने को तैयार हैं लेकिन कम से कम दवाओं का खर्च तो दिया जाए।
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पुलिस को दिए गए पत्र में एक युवक ने कहा है कि लालपुर की प्रेम कॉलोनी निवासी राजेश ने 14 नवंबर को अपनी पत्नी राखी को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल कर दिया था। खुद भी खुदकुशी के प्रयास घायल हो गया था। पुलिस ने राखी और राजेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। राखी को पहले सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी और फिर उसे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राजेश की हालत सुधरने के बाद वह फरार हो गया था। राखी के दो पुत्र राहुल और गुलशन नाबालिग हैं। मां-बाप के अलावा दोनों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
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मां की हालत जानने के लिए राहुल किसी तरह बरेली अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने उससे इलाज के रुपये मांगे। रुपये न होने की बात सुनकर अस्पताल प्रबंधन ने राहुल को बंधक बना लिया और जबरन उससे अस्पताल की सफाई कराने लगे। इधर उसकी मां का इलाज भी बंद कर दिया। मौका पाकर राहुल ने फोन पर इसकी सूचना अपने पड़ोसी को दी। पड़ोसी ने आशंका जताई है कि इलाज रुकने के कारण राखी के शरीर में आई चोटों में इंफेक्शन हो सकता है।
उसका एक हाथ पूरी तरह से कटकर चमड़े के सहारे झूल रहा है। संक्रमण होने से उसकी जान को भी खतरा है। चौकी प्रभारी सतपाल सिंह ने कहा कि अस्पताल से संबंधित चौकी को सूचित करके दोषी पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोनों को बंधक से मुक्त कराया जाएगा।