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किराये की दुकान में चल रहा ऑनलाइन सट्टा पकड़ा

Sun, 21 Aug 2016 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Sun, 21 Aug 2016 11:57 PM IST
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Online gambling caught on in the rental store
क्राइम - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने ट्रांजिट कैंप में सट्टे के ऑनलाइन कारोबार का पर्दाफाश कर तीन सट्टेबाजों को हिरासत में लिया है। सट्टे की पर्चियों के साथ ही नगदी, कंप्यूटर समेत अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पूरा कारोबार मुंबई से संचालित होता था। स्थानीय स्तर पर काम करने वाले एजेंट सही पर्ची खुलने वाले ग्राहक को 80 गुना लाभ देते थे। तीनों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल के लिए रवाना कर दिया गया है। 
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क्षेत्र में चल रहे ऑनलाइन सट्टा कारोबार की सूचना पर एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने थाना प्रभारी सुशील कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया था। इस दौरान टीम ने कई सटोरियों को पकड़ा भी, लेकिन ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले हाथ नहीं आ सके। 
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शनिवार देर रात मुखबिर ने सुशील कुमार को सूचना दी कि एक दुकान में कंप्यूटर पर सट्टे की पर्चियां लगाई जाती हैं। सूचना पर सुशील ने टीम के साथ दुकान पर छापा मारा तो तीन युवक ऑनलाइन सट्टे का कारोबार चलाते पाये गये। पकड़े गये युवकों ने अपना नाम रॉक जिम गली नंबर तीन ट्रांजिट कैंप निवासी सुरजीत डे, गौतम और सुब्रत निवासी गली नंबर दो ट्रांजिट कैंप बताया। 
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तीनों के पास से पुलिस ने सट्टे की 24 पर्चियों के साथ ही 2004 रुपये की नगदी और एक कंप्यूटर, प्रिंटर व अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार तीनों स्थानीय स्तर पर बतौर एजेंट काम करते थे। कारोबार के मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए आरोपियों के मोबाइल को सर्विलांस में लगाने के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में दबिश दी जा रही है। 

मुंबई से संचालित होता सट्टे का कारोबार
ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में चल रहा ऑनलाइन सट्टे का पूरा कारोबार मुंबई से संचालित होता था। स्थानीय स्तर पर पकड़े गये आरोपियों के माध्यम से लोग नंबरों पर दांव खेलते थे। आरोपियों के अनुसार नंबरों के इस खेल में एक नंबर ग्राहक का और 99 नंबर इसे संचालित करने वाले के होते थे। सटीक नंबर खुलने पर ग्राहक को 80 गुना मुनाफा मिलता था। बाकी अन्य की कमाई इसमें डूब जाती थी। नंबर खुलने की सूचना भी एजेंटों को मुंबई से ही मिलती थी। 

शार्टकट से अमीर बनने को बन गए सटोरिये
ऑनलाइन सट्टे का कारोबार चलाने वाले तीनों युवक स्नातक हैं। तीनों के अनुसार जल्द अमीर बनने की चाह में उन्होंने सट्टे का कारोबार अपनाया। पकड़े गए युवकों में सुरजीत और सुब्रत मूल रुप से असम के रहने वाले हैं जबकि गौतम लंबे समय से सिडकुल की एक कंपनी में काम कर रहा था। 

सिडकुल के श्रमिकों को लेते थे झांसे में
पुलिस के अनुसार पकड़े गये आरोपी सुरजीत और सुब्रत सट्टा कारोबार में आने से पहले सिडकुल की किसी कंपनी में काम करते थे। दोनों ने गौतम को भी यहीं से अपने झांसे में लिया था। इसके अलावा कई सिडकुल के अन्य श्रमिक भी इन लोगों से सट्टे की पर्चियां लगवाते थे।

पुलिस पकड़ से बचने को बदलते थे अड्डे
पकड़ गये तीनों आरोपी किराये पर दुकान लेकर अपना कारोबार चलाते थे। दो माह में तीनों ने कई जगह किराये पर दुकान लेकर कारोबार को संचालित किया। जैसे ही पुलिस की भनक लगती थी आरोपी दुकान बदलकर नई जगह पर दुकान किराये में लेकर कारोबार चलाते थे। 


रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में फैले हैं एजेंट
ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले एजेंट रुद्रपुर के अलावा किच्छा, गूलरभोज, गदरपुर, दिनेशपुर आदि जगहों पर भी सक्रिय हैं। स्कूली बच्चों के साथ ही टेंपो चालकों और मजदूरों में भी इसका जबरदस्त नशा है। कुछ संभ्रांत लोग इसे बतौर साइड बिजनेस भी चलाते हैं। आसपास के एजेंटों के माध्यम से रोजाना लाखों का दांव सट्टे पर लगता है। 
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