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रिश्वत लेते लेखपाल रंगे हाथ गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, सितारगंज
Updated Wed, 02 May 2018 12:30 AM IST
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पटवारी
- फोटो : अमर उजाला
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किसान का प्रमाणपत्र बनाने के एवज में रिश्वत मांग रहे राजस्व लेखपाल को विजिलेंस टीम ने मंगलवार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विजिलेंस टीम उसे अपने साथ ले गई। आरोपी को बुधवार भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय नैनीताल में पेश किया जाएगा। बाद में टीम लेखपाल के काशीपुर स्थित आवास पर पहुंची, जहां से उन्हें कई बैंकों की पासबुक, तीन एफडी और प्लाटों की रजिस्ट्रियां आदि मिलीं, जिन्हें टीम ने कब्जे में ले लिया। मालूम हो कि आरोपी आठ माह पहले ही काशीपुर तहसील से स्थानांतरित होकर यहां आया था।
क्षेत्र के मैनाझुंडी गांव निवासी किसान तरसेम सिंह ने करीब सप्ताह भर पहले निवास, आय और जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था। तीनों प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट लगाने के एवज में क्षेत्र के लेखपाल राम सिंह मूल निवासी मुरादाबाद और हाल निवासी न्यू आवास विकास कॉलोनी काशीपुर ने सात हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगी। काफी गुजारिश के बाद लेखपाल 5500 रुपये पर सहमत हो गया। इस बीच, तरसेम ने रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस कार्यालय में कर दी। एसपी विजिलेंस हल्द्वानी अमित श्रीवास्तव के निर्देश पर मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे डिप्टी एसपी अरविंद डंगवाल के नेतृत्व में सितारगंज पहुंची टीम ने लेखपाल को 55 सौ रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई के बाद टीम उसे अपने साथ हल्द्वानी कार्यालय ले गई। एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इधर, विजिलेंस टीम पर कर्मचारियों ने लेखपाल से मारपीट का आरोप लगाया है। इधर, विजिलेंस के निदेशक राम सिंह मीणा ने टीम को 10 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।
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विजिलेंस टीम ने खंगाला लेखपाल का आवास
काशीपुर। लेखपाल राम सिंह लंबे समय तक काशीपुर, जसपुर और बाजपुर तहसील में कार्यरत रहा। छह वर्ष पूर्व लेखपाल राम सिंह ने आवास-विकास कालोनी में मकान बनाया था। लेखपाल के सितारंगज में ट्रैप होने के बाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में विजिलेंस टीम आवास विकास कालोनी स्थित उनके आवास पर पहुंची। इस दौरान टीम ने विभिन्न बैंकों की करीब डेढ़ दर्जन से अधिक पासबुक, कई चेक बुक और तीन एफडी प्रपत्र भी कब्जे में ले लिए। इसके अलाव कुछ प्लाटों की रजिस्ट्रियां भी मिलीं। टीम में मनोज मठपाल, हंसा मेहता व जगदीश चंद्र आदि शामिल रहे।
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क्षेत्र के मैनाझुंडी गांव निवासी किसान तरसेम सिंह ने करीब सप्ताह भर पहले निवास, आय और जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था। तीनों प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट लगाने के एवज में क्षेत्र के लेखपाल राम सिंह मूल निवासी मुरादाबाद और हाल निवासी न्यू आवास विकास कॉलोनी काशीपुर ने सात हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगी। काफी गुजारिश के बाद लेखपाल 5500 रुपये पर सहमत हो गया। इस बीच, तरसेम ने रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस कार्यालय में कर दी। एसपी विजिलेंस हल्द्वानी अमित श्रीवास्तव के निर्देश पर मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे डिप्टी एसपी अरविंद डंगवाल के नेतृत्व में सितारगंज पहुंची टीम ने लेखपाल को 55 सौ रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई के बाद टीम उसे अपने साथ हल्द्वानी कार्यालय ले गई। एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इधर, विजिलेंस टीम पर कर्मचारियों ने लेखपाल से मारपीट का आरोप लगाया है। इधर, विजिलेंस के निदेशक राम सिंह मीणा ने टीम को 10 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।
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विजिलेंस टीम ने खंगाला लेखपाल का आवास
काशीपुर। लेखपाल राम सिंह लंबे समय तक काशीपुर, जसपुर और बाजपुर तहसील में कार्यरत रहा। छह वर्ष पूर्व लेखपाल राम सिंह ने आवास-विकास कालोनी में मकान बनाया था। लेखपाल के सितारंगज में ट्रैप होने के बाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में विजिलेंस टीम आवास विकास कालोनी स्थित उनके आवास पर पहुंची। इस दौरान टीम ने विभिन्न बैंकों की करीब डेढ़ दर्जन से अधिक पासबुक, कई चेक बुक और तीन एफडी प्रपत्र भी कब्जे में ले लिए। इसके अलाव कुछ प्लाटों की रजिस्ट्रियां भी मिलीं। टीम में मनोज मठपाल, हंसा मेहता व जगदीश चंद्र आदि शामिल रहे।