फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   member's son was involved in printing fake currency

सभासद का बेटा शहजाद छापता था नकली नोट

Mon, 09 Oct 2017 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो जसपुर।
अमर उजाला ब्यूरो जसपुर। Updated Mon, 09 Oct 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
member's son was involved in printing fake currency
जसपुर में खुलासा करते पुलिस अधिकारी। - फोटो : amar ujala
सौ-सौ के नकली नोट बनाने के आरोप में पुलिस ने सभासद के पुत्र सहित दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में पता चला कि सभासद का पुत्र शहजाद नकली नोट छापता था और उसका साथी मुईन अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर नोट चलाता था। नकली नोट छापने की सूचना मिलने पर गुप्तचर इकाइयों ने भी आरोपियों से पूछताछ की।
विज्ञापन
कोतवाली परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया शनिवार शाम मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने ग्राम रहमापुर में राजीव चौहान के मकान पर छापामारी कर नकली नोट बनाते दो लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम शहजाद पुत्र मोहम्मद हसीन निवासी नई बस्ती तथा मोईन उर्फ दानिश पुत्र रईस निवासी मोहल्ला अल्लीखां काशीपुर बताया। शहजाद के पिता सभासद हैं। पुलिस ने स्टांप पेपर पर छपे बिना कटिंग के सौ-सौ के 40 हजार 800 रुपये के नोट तथा दस हजार रुपये के तैयार नोट स्टांप पेपर अधिकारियों के दर्जनों मोहरे, फर्जी अंक तालिकाएं, सनदे, प्रिंटर, स्कैनर, लैपटॉप, पेपर कटर, इंक कार्टेज, कैची इंक पैड, मोबाइल आदि बरामद किया हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी मुद्रा तैयार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर रविवार को काशीपुर एसीजेएम के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
एएसपी ने बताया कि शहजाद नकली नोट छापता था और मोईन काशीपुर, बाजपुर एवं यूपी के शहरों में नकली नोट चलाता था। अभियुक्तों का कहां-कहां नेटवर्क फैला है, कितने लोग इस गिरोह में शामिल है। पुलिस एवं आईबी, एलआईयू व अन्य गुप्तचर एजेंसियां जांच कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंसेट.... तीन माह से चला रहे थे टकसाल कोतवाल अबुल कलाम ने बताया अभियुक्त रहमापुर में किराए के मकान में करीब तीन माह से नकली नोट बना रहे थे। लाखों रुपये के नकली नोट अब तक बाजार में चला चुके हैं। शहजाद वर्ष 2013 में नकली नोट, फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस पर अदालत में मुकदमा चल रहा है। उस समय करीब 60 हजार रुपये और प्रिंटिंग का सामान बरामद किया था। उसके साथ सात और अन्य लोग गिरफ्तार किए थे।
फोटोशॉप से बदल देते थे नोट का नंबर अभियुक्त धामपुर, नगीना, बिजनौर, ठाकुरद्वारा आदि स्थानों से दस-दस रुपये के स्टांप खरीदकर उस पर सौ-सौ रुपये के नकली नोट, प्रिंटर, स्कैनर से स्कैन कर स्टांप पेपर पर छापते थे। फोटोशॉप में जाकर नोट का नंबर बदल देते थे। फिर उसको बाजार में चलाते थे। एएसपी ने बताया कि स्कैन किया हुआ नकली नोट असली जैसा दिखता है। असली नोट और नकली नोट के सिर्फ कागज में अंतर और कुछ स्याही में अंतर है। इसमें तार नहीं है, लेकिन उस जैसा निशान है। छोटे नोटों के नकली होने को कोई बारीकी से नहीं देखता, इसलिए आसानी से चल जाता है। नकली नोट तैयार करने की सूचना पर गुप्तचर इकाइयां अभियुक्तों से पूछताछ में जुटी हैं। अभियुक्तों के मोबाइलों की डिटेल खंगाली जा रही है। जांच की जा रही है कि इनके संपर्क बांग्लादेश, पाकिस्तान या किसी आतंकी संगठन से तो नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed