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अवैध धंधे की रंजिश ने ली रंजीत की जान
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:27 AM IST
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काशीपुर में पुलिस गिरफ्त में रंजीत के हत्यारोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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शराब के अवैध कारोबार में पनपी रंजिश रंजीत सिंह उर्फ मित्तू की हत्या की वजह बनी। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर हत्या के लिए प्रयुक्त गमछा, बाइक, मृतक का मोबाइल व पर्स आदि बरामद कर लिया है।
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कुंडा थाने के ग्राम नवलपुर निवासी रंजीत सिंह की 27 अक्तूबर की शाम को गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। हत्या को अवैध संबंधों का रूप देने के लिए हत्यारों ने मृतक के शव को अर्धनग्न कर उसके चेहरे व हाथ पर गुलाबी रंग की लिपिस्टिक लगा दी थी। इस मामले में मृतक की पत्नी गुरमीत कौर की ओर से दुर्गापुर निवासी सतपाल, उसके पिता कुलवंत सिंह उर्फ कुल्ली, रामजीवनपुर निवासी राकेश, सलीम उर्फ लालू व नासिर के खिलाफ बाइस्तवा मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले के खुलासे के लिए एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र व सीओ राजेश भट्ट के निर्देशन में चार टीमों का गठन किया था। इसके अलावा एसओजी को भी लगाया गया था। पुलिस ने पांचों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सतपाल और उसके पिता कुलवंत ने रंजीत की हत्या का जुर्म कबूल लिया।
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उन्होंने बताया कि रंजीत उनके अवैध शराब के कारोबार में आड़े आ रहा था। पूर्व में वह कई बार उनके द्वारा शराब के लिए तैयार किया गया लाहन बर्बाद कर चुका था और कई बार पुलिस से भी उनकी मुखबिरी की थी। इतना ही नही वह उनके क्षेत्र में भी शराब बेचने लगा था। इस विवाद को लेकर दो साल पहले ग्राम देवीपुरा के एक धार्मिक स्थल में पंचायत भी हुई। पंचायत में भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी भी दी। इससे दोनों पक्ष आपस में रंजिश रखने लगे। सतपाल ने बताया कि उसका रामजीवनपुर में एक किशोरी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। रंजीत ने उसके परिजनों को भड़का उसके विरुद्ध छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा लिखवा दिया। इस मामले में वह एक माह तक जेल में रहा। रंजीत ने इस मामले में समझौता भी नही होने दिया। जेल से छूटकर उसने रंजीत की हत्या करने की ठान ली। 27 अक्तूबर को रंजीत को देखने के लिए सतपाल उसकी दुकान पर पहुंचा। उसने अपने पिता कुलवंत को फोन कर उसके वहां होने की सूचना दी। जिस पर वह भी रामजीवनपुर पहुंच गया। पिता-पुत्र ने गमछे से गला घोंटकर रंजीत की हत्या कर दी। सतपाल ने उसके सीने पर घुटने से प्रहार किए। जिससे उसकी पसलियां भी टूट गई। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा, सतपाल की पैशन प्रो बाइक बरामद कर ली। मंगलवार को पुलिस ने घटना स्थल के पास नहर से मृतक का पर्स व लिपिस्टिक बरामद कर ली। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 1500 रुपये नकद पुरस्कार की घोषणा की है। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई बीसी रमोला, उपनिरीक्षक दिनेश फर्त्याल, जयपाल सिंह चौहान, पीडी जोशी, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, मनोज देवड़ी, कृपाल सिंह, देवेंद्र नेगी, सुरेंद्र सिंह, सतीश भट्ट, कैलाश तोमक्याल, देवेंद्र बिष्ट व गिरीश कांडपाल आदि थे।
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एक रुपये का नोट बना हत्याकांड में अहम साक्ष्य
रंजीत हत्याकांड में एक रुपये का नोट महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर संकलित किया गया। मृतक रंजीत का पर्स खोजने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। गोताखोरों की मदद से मंगलवार को बमुश्किल पर्स नहर से मिल सका। पर्स से 241 रुपये बरामद हुए। उसमें एक रुपये का कागज का वह नोट भी था। जिसे वह अपने लिए बहुत लकी समझता था। इस नोट पर उसका व उसकी पत्नी का नाम लिखा हुआ था।
लिपिस्टिक का नमूना भी फोरेंसिक जांच को भेजा
पुलिस ने घटनास्थल के पास से बरामद नमूना फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। हत्या आरोपितों ने बताया कि हत्या को अवैध संबंधों का रूप देने के लिए उन्होंने उसके चेहरे व हाथ पर दायीं ओर लिपिस्टिक लगा दी थी। लिपिस्टिक सतपाल प्रतापपुर के बाजार से खरीद कर लाया था। पुलिस ने नहर किनारे से लिपिस्टिक बरामद कर ली है। मृतक के चेहरे पर रंग से मिलान के लिए लिपिस्टिक को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
वारदात को अंजाम देने के बाद बांटी मिठाई
रंजीत हत्याकांड के आरोपी पिता-पुत्र ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने अपने परिचितों को मिठाई बांटी और खुद भी मिठाई खाई। सतपाल ने बताया कि वापसी में उसके पिता ने बाइक चलाई, जबकि वह पीछा बैठा। मिठाई बांटने के बाद दोनों ने जश्न भी मनाया।
एक महिला की भूमिका पर भी उठाए सवाल
मृतक रंजीत के परिजनों ने इस हत्याकांड में एक महिला की भूमिका संदिग्ध बताते हुए उसकी संलिप्तता की जांच कराए जाने की भी मांग की। मृतक की पत्नी गुरमीत कौर व नीलम कौर का कहना था कि हत्यारे देवीपुरा निवासी एक चर्चित महिला के संपर्क में रहे हैं। उन्हें आशंका है कि रंजीत हत्याकांड में उक्त महिला की भी अहम भूमिका है। कोतवाल चंचल शर्मा ने आश्वस्त किया कि विवेचना के दौरान सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। अगर किसी अन्य की संलिप्तता प्रकाश में आई तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।