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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Former head of Lalpur death in police custody of son

पुलिस हिरासत में लालपुर के पूर्व प्रधान पुत्र की मौत

Tue, 21 Apr 2015 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रपुर/किच्छा (ऊधमसिंहनगर)।
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रपुर/किच्छा (ऊधमसिंहनगर)। Updated Tue, 21 Apr 2015 11:28 PM IST
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महिला की हत्या मामले में लालपुर के पूर्व प्रधान के पुत्र की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इससे भड़के ग्रामीणों ने किच्छा विधायक राजेश शुक्ला और पूर्व विधायक तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में कोतवाली में धरना प्रदर्शन किया और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा काटा। उनकी पुलिस से तीखी नोंकझोंक भी हुई। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगाें का समझाने को प्रयास किया, लेकिन वे आरोपी पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। एसएसपी ने सीओ सितारगंज, एसएसआई किच्छा, लालपुर चौकी इंचार्ज समेत एक उपनिरीक्षक और अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
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12 मार्च को लालपुर में एक दलित महिला की रेप के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले के खुलासे को पुलिस टीम जुटी हुई है। बीते सोमवार की शाम लालपुर पुलिस ग्राम रामेश्वरपुर निवासी पूर्व ग्राम प्रधान इकबाल सिंह के पुत्र जसविंदर सिंह उर्फ जस्सा (36) को पकड़कर ले जाने लगी। इसका परिजनाें ने विरोध किया। पुलिस कर्मियों ने बताया कि सीओ सितारगंज जसविंदर से मार्च में नारायणपुर कोठा में महिला की हुई हत्या मामले में पूछताछ करना चाहते हैं। इसलिए उसे लालपुर चौकी ले जा रहे हैं। विरोध के बावजूद पुलिस कर्मी उसे जबरन बाइक पर बैठा कर ले गए। जब जसविंदर के पिता इकबाल सिंह अन्य लोगों के साथ लालपुर चौकी पहुंचे तो पता चला कि उसे किच्छा कोतवाली ले जाया गया है। किच्छा कोतवाली पहुंचने पर जब जसविंदर के पिता इकबाल ने सीओ सितारगंज से पूछा कि उनके लड़के को क्यों पकड़कर लाए हो। इस पर सीओ सितारगंज ने डांटते हुए कहा कि उससे हत्या के बारे में पूछताछ करनी है। इसके बाद वे लोग जसविंदर सिंह को अन्यत्र लेकर चले गए। रात 12:50 मिनट पर परिजनों को पता चला कि जसविंदर हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती है। जब परिजन हल्द्वानी पहुंचे तो जसविंदर वहां भी नहीं मिला। मंगलवार सुबह परिजन जब ग्रामीणों के साथ किच्छा पहुंचे तो कोतवाल ने बताया कि जसविंदर सिंह की मौत हो चुकी है। उसका शव पोस्टमार्टम हाउस हल्द्वानी में है। इसका पता चलते ही किच्छा कोतवाली में ग्रामीणों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। सूचना पर किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, रुद्रपुर के पूर्व विधायक तिलकराज बेहड़ भी पहुंच गए और ग्रामीणों के साथ आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने में बैठ गए। ग्रामीणों की पुलिस से खूब झड़प हुई। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार सीओ सितारगंज जेआर जोशी, एसएसआई किच्छा कमाल खान, लालपुर चौकी इंचार्ज मनोज कुमार, सबइंस्पेक्टर व सिपाही पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। मामला बिगड़ता देख डीएम डा. पंकज पांडेय, एसएसपी नीलेश आनंद भरणे, एएसपी टीडी वैला, एएसपी काशीपुर कमलेश उपाध्याय सहित खटीमा, रुद्रपुर, बाजपुर, काशीपुर थाने की पुलिस के अलावा पीएसी भी किच्छा कोतवाली पहुंच गई। इस दौरान लोगों ने डीएम और एसएसपी के समक्ष आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिस पर एसएसपी ने दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही मृतक के पिता इकबाल की तहरीर पर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज कर दिया। खबर लिखे जाने तक कोतवाली में आरोपी नामजद पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण धरने में बैठे थे। माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। किच्छा कोतवाली पूरी तरह छावनी में तब्दील हो चुकी है।
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