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डाक्टर हड़ताल पर, दर्द से तड़पते रहे मरीज

Fri, 22 Apr 2016 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Fri, 22 Apr 2016 12:30 AM IST
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Doctors on strike, patients suffering from pain
हड़ताल - फोटो : Amar Ujala

डाक्टरों की हड़ताल से जिला अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती तीन मरीज उपचार के अभाव में कराहते रहे, वहीं अस्पताल में इलाज कराने आए कई मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा तो कइयों से गेट से ही पीआरडी जवानों ने हड़ताल का हवाला देकर लौटा दिया। 

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वार्ड में भर्ती जिन मरीजों की हालत बिगड़ने लगी, उन्हें अस्पताल से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार की सुबह डाक्टरों की हड़ताल शुरु होने के बाद सन्नाटा पसरा रहा। मरीजों का दर्द भी बढ़ता चला गया। हड़ताल की जानकारी होने की वजह अन्य दिनों के मुकाबले इलाज कराने अस्पताल आने वालों की संख्या बेहद कम रही। 
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कुछ को गेट पर तैनात पीआरडी जवानों ने लौटा दिया और जो अस्पताल परिसर में पहुंचे तो वे डाक्टर की तलाश में भटकते रहे। इमरजेंसी वार्ड में भी भर्ती मरीज भी हलकान रहे। दर्द से कराह रही पहाडग़ंज निवासी नजराना ने बताया कि उसे तीन यूनिट खून चढ़ना है। हाथ और पैर सूजकर काफी मोटे हो गए हैं। उसे काफी तकलीफ हो रही है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। 
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आदर्श कालोनी निवासी रानी ने बताया कि सुबह से उसके परिजन डाक्टर की तलाश में अस्पताल में घूम रहे हैं। लेकिन उसे देखने कोई नहीं आ रहा है। उसकी तबियत लगातार बिगड़ने से दर्द हो रहा है। दरऊ किच्छा से आई बुजुर्ग बलवंत कौर और रानी ने बताया कि हाथ और पैरों में काफी दर्द होता है। दर्द की वजह से वह चल हीं पाती है। 

आज वह इतनी दूर से यहां पहुंची तो पता चला कि हड़ताल है। विवेकनगर निवासी सपना भी पेट में पथरी की वजह से बढ़ते जा रहे दर्द से चिल्लाती रही। सपना की मां कमला ने बताया कि डाक्टर हड़ताल पर हैं और बेटी का दर्द बढ़ता ही जा रहा है। बेटी को अन्यत्र रेफर कर दिया गया है। तबियत ज्यादा बिगड़ी देख अस्पताल से सपना, नजराना और उनके जैसे कई और गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया गया। 

गर्भवती माताओं को भी लौटाया बैरंग
डिलीवरी की आस लेकर पहुंची गर्भवती महिलाओं और परिजनों को भी निराश होकर वापस लौटना पड़ा। स्टाफ नर्सों ने डिलीवरी कराने से हाथ खड़े कर दिए। जिसके बाद दर्द से कराहते आई चार गर्भवती महिलाएं उसी दर्द के साथ वापस लौट गई। ट्रांजिट कैंप निवासी राजकुमार को उसका पति सत्यपाल और परिजन डिलीवरी के लिए लाए थे। 


सत्यपाल ने बताया कि आज डिलीवरी की डेट थी। लेकिन नर्सों ने हड़ताल की वजह से डिलीवरी कराने से इनकार कर दिया। जिस वजह से वह प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी के लिए पत्नी को ले जा रहे हें। रम्पुरा से आई गर्भवती प्रेमवती के पति तुलाराम ने कहा कि डिलीवरी जैसी महत्वपूर्ण चीज को हड़ताल से अलग रखना चाहिए था। गरीब आदमी प्राइवेट अस्पताल की मोटी फीस कैसे चुका पाएगा। वहीं दो अन्य गर्भवती महिलाएं को भी नर्सों ने बैरंग लौटा दिया। 

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