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डीपी, प्रिया और सुधीर पर धोखाधड़ी का एक और केस 

Sun, 04 Mar 2018 11:44 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर Updated Sun, 04 Mar 2018 11:44 PM IST
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Another case of fraud on DP, Priya and Sudhir
करोड़ों का घोटाला

एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जांच के दायरे में आई एलाइड इंफ्रा की एमडी प्रिया शर्मा, निदेशक सुधीर चावला के साथ ही जेल में बंद पीसीएस अफसर डीपी सिंह पर शिकंजा कस रहा है। एसआईटी में तैनात निरीक्षक एनबी भट्ट ने तीनों के खिलाफ किच्छा कोतवाली में टोल प्लाजा शिफ्टिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि तीनों ने संगठित रुप से चुटकी देवरिया में टोल प्लाजा शिफ्टिंग के नाम पर मोटा मुआवजा लेने के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद भी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीनों का फर्जी इकरारनामा किया था। बीते सितंबर में अमर उजाला ने इस गड़बड़झाले को उजागर किया था।

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किच्छा कोतवाली में दी तहरीर में निरीक्षक भट्ट ने कहा कि प्रिया शर्मा निवासी मुखानी हल्द्वानी और सुधीर चावला निवासी एलाइस किंगस्टन स्टेट रुद्रपुर ने टोल प्लाजा की जमीन का मोटा मुआवजा हासिल करने के लिए 12 मई 2016 को चुटकी देवरिया के काश्तकार सतनाम सिंह, कुलवंत कौर, नरेंद्र कौर, बाबू सिंह और ज्ञान कौर के साथ रकबा 5.348 हेक्टेयर जमीन का इकरारनामा किया। इकरारनामे की अवधि 15 अप्रैल 2017 नियत की गई थी। इस इकरारनामे के एवज में काश्तकारों को एक करोड़ 53 लाख, 62 हजार 320 रुपये मिलने थे। उक्त सभी खसरों की कृषि भूमि का 20 अगस्त 2013 को थ्री ए और 25 फरवरी 2014 को थ्री डी होने के बाद एनएच-74 के लिए अधिग्रहण करने की अधिसूचना जारी हो गई थी। 
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इसके बाद भी तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह ने 16 दिसंबर 2016 को सतनाम सिंह, कुलवंत सिंह, नरेंद्र कौर, बाबू सिंह और ज्ञान कौर के फर्जी हस्ताक्षरों से तैयार प्रार्थना पत्र राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को उक्त भूमि का मुआवजा छह हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान करने के लिए 21 दिसंबर 2016 को पत्राचार किया। एसआईटी की पूछताछ में इन काश्तकारों ने उनके द्वारा एसएलओ कार्यालय में किसी तरह का प्रार्थना पत्र न देने और मौजूद प्रार्थना पत्र में उनके हस्ताक्षर न होने की बात कही थी। काश्तकारों के बयान और एसआईटी के मिले साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट हुआ कि काश्तकारों की भूमि के एवज में करोड़ों का मुआवजा लेने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। इसके आधार पर डीपी सिंह, प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के खिलाफ धारा 419, 420,467, 466, 468, 471 आईपीसी व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले की विवेचना कोतवाल मोहन चंद पांडे को सौंपी गई है।
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प्रिया और सुधीर की तलाश में दबिशें
किच्छा कोतवाली में जिन तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें से एक आरोपी डीपी सिंह जेल में बंद है। वहीं, प्रिया और सुधीर भूमिगत हैं। दोनों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें देहरादून, मुरादाबाद, हल्द्वानी और रामनगर में लगातार दबिश दे रही हैं।


प्रिया के खिलाफ 37 दिन में पांच मुकदमे दर्ज 
एसआईटी की जांच के दायरे में आने के बाद 37 दिन के भीतर एलाइड इंफ्रा की एमडी प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के खिलाफ धोखाधड़ी के पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। प्रिया के खिलाफ 26 जनवरी को सीओ स्वतंत्र कुमार की ओर से पहला मुकदमा रुद्रपुर कोतवाली में दर्ज कराया गया था। इसके बाद ही जमीनों की धोखाधड़ी के संबंध में प्रिया शर्मा के खिलाफ दो और मुकदमे रुद्रपुर कोतवाली में दर्ज हुए थे। एक मुकदमा बिजली विभाग की ओर से किच्छा थाने में दर्ज कराया गया। अब चार मार्च को भी प्रिया के खिलाफ किच्छा थाने में टोल प्लाजा शिफ्टिंग के नाम पर घोटाला करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। 

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