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कितना अतिरिक्त मुआवजा वापस आना है, पता नहीं
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:33 AM IST
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रुद्रपुर। एनएच-74 मुआवजा घोटाले में मुआवजे की रकम लौटाने के लिए आवेदन करने वाले काश्तकारों के लिए एसआईटी जल्द ही डीएम कार्यालय से पत्राचार करेगी। इसके बाद एसएलओ की ओर से मुआवजा लौटाने वाले काश्तकारों का प्रतिकर निर्धारण किया जाएगा। अब तक करीब 12 काश्तकारों ने अतिरिक्त मुआवजा लौटाने के संबंध में आवेदन किया है। बता दें कि पखवाड़े भर पूर्व डीएम कार्यालय की ओर से मुआवजा लौटाने वाले काश्तकारों के लिए एसबीआई का खाता नंबर भी जारी किया गया है।
भूमि मुआवजा घोटाले में 18 लोगों के गिरफ्तार होने के बाद कुछ काश्तकारों में गिरफ्तारी का डर बना तो उन्होंने एसआईटी के सामने उनके अतिरिक्त लिया गया मुआवजा लौटाने की पेशकश रखी। इस पर डीएम कार्यालय की ओर से मुआवजे की रकम लौटाने वाले काश्तकारों के लिए भारतीय स्टेट बैंक में खाता खोला गया, लेकिन मुआवजा लौटाने वाले काश्तकारों को कितनी रकम सरकार के खाते में जमा करनी है, इसका निर्धारण अभी एसआईटी ने नहीं किया है।
मुआवजे का प्रतिकरण निर्धारण करने के लिए एसआईटी की ओर से डीएम कार्यालय से जल्द ही पत्राचार किए जाने की उम्मीद है। इधर, रुद्रपुर और किच्छा तहसील की जांच के लिए एसआईटी उक्त तहसीलों में 143 के लिए किए गए अभिनिर्णय आदेशों की भी जांच कर रही है। इसमें एसआईटी की ओर से संशोधित अभिनिर्णयों की भी जांच पड़ताल की जाएगी। बताया जा रहा है कि अभी तक करीब दर्जन भर मामले एसआईटी की पकड़ में आए हैं।
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भूमि मुआवजा घोटाले में 18 लोगों के गिरफ्तार होने के बाद कुछ काश्तकारों में गिरफ्तारी का डर बना तो उन्होंने एसआईटी के सामने उनके अतिरिक्त लिया गया मुआवजा लौटाने की पेशकश रखी। इस पर डीएम कार्यालय की ओर से मुआवजे की रकम लौटाने वाले काश्तकारों के लिए भारतीय स्टेट बैंक में खाता खोला गया, लेकिन मुआवजा लौटाने वाले काश्तकारों को कितनी रकम सरकार के खाते में जमा करनी है, इसका निर्धारण अभी एसआईटी ने नहीं किया है।
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मुआवजे का प्रतिकरण निर्धारण करने के लिए एसआईटी की ओर से डीएम कार्यालय से जल्द ही पत्राचार किए जाने की उम्मीद है। इधर, रुद्रपुर और किच्छा तहसील की जांच के लिए एसआईटी उक्त तहसीलों में 143 के लिए किए गए अभिनिर्णय आदेशों की भी जांच कर रही है। इसमें एसआईटी की ओर से संशोधित अभिनिर्णयों की भी जांच पड़ताल की जाएगी। बताया जा रहा है कि अभी तक करीब दर्जन भर मामले एसआईटी की पकड़ में आए हैं।
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