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दो तहसीलदारों सहित छह की जमानत अर्जी खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर।
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:21 AM IST
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- फोटो : amar Ujala
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जेल भेजे गए दो तहसीलदारों सहित छह आरोपियों की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट के आदेश पर आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी जेल में हैं। गिरफ्तारी के बाद से ही मुआवजा घोटाले की जद में आए अफसर, कर्मचारी और काश्तकारों में हड़कंप मचा है। गिरफ्तारी के डर से कईं भूमिगत भी हो चुके हैं। इधर, डीपी सिंह के कोर्ट में आत्मसमर्पण की चर्चा बुधवार को भी रही, लेकिन न वह कोर्ट पहुंचा और न ही पुलिस के हत्थे चढ़ा।
एनएच भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी ने जांच में तेजी लाते हुए सोमवार को निलंबित पीसीएस अफसर, दो तहसीलदार सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मंगलवार को निलंबित संग्रह अमीन अनिल कुमार, तत्कालीन प्रभारी एसडीएम मदन मोहन पडलिया, रिटायर प्रभारी तहसीलदार भोलेलाल, स्टांप वेंडर जीशान, काश्तकार ओमप्रकाश, चरन सिंह ने जिला कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की थी। बुधवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
इधर, तमाम कोशिशों के बाद भी एसआईटी को डीपी का सुराग नहीं लग सका है। डीपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट मिलने के बाद एसआईटी की तीन टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गई हैं। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया डीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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गिरफ्तारी से बचने को काश्तकार ने दायर की याचिका
रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में बैक डेट में अपनी भूमि का 143 कराकर करीब 48 करोड़ का मुआवजा लेने वाले काश्तकार ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट में स्टे याचिका दायर की है। काश्तकार ने काशीपुर में स्थित अपनी करीब दो हेक्टेयर भूमि पर उक्त मुआवजा लिया था।
भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी की जांच में खुलासा हुआ कि जसपुर और काशीपुर तहसील के काश्तकारों ने तत्कालीन अफसरों के साथ मिलकर अपनी भूमि का बैक डेट में 143 कराने के बाद कृषि भूमि का अकृषि दर से मुआवजा लिया था। इस पूरे खेल में काश्तकारों द्वारा अफसरों को 40 प्रतिशत का कमीशन भी दिया गया। पूछताछ में लिए गए बयानों और एफएसएल रिपोर्ट में मामले की पुष्टि होने पर एसआईटी ने दोनों तहसीलों के 15 से अधिक काश्तकारों को अपने रडार पर लेकर उनकी धरपकड़ की तैयारी शुरु कर दी। गिरफ्तारी से बचने के लिए हाथ पैर मार रहे काश्तकारों में से बुधवार को काशीपुर तहसील स्थित गिन्नी खेड़ा के काश्तकार बलवंत सिंह ने भी हाई कोर्ट में स्टे याचिका दायर की है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार बलवंत सिंह ने काशीपुर स्थित अपनी लगभग दो हेक्टेयर जमीन का बैक डेट में 143 कराने के बाद करीब 48 करोड़ का मुआवजा लिया था।
एनएच भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी ने जांच में तेजी लाते हुए सोमवार को निलंबित पीसीएस अफसर, दो तहसीलदार सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मंगलवार को निलंबित संग्रह अमीन अनिल कुमार, तत्कालीन प्रभारी एसडीएम मदन मोहन पडलिया, रिटायर प्रभारी तहसीलदार भोलेलाल, स्टांप वेंडर जीशान, काश्तकार ओमप्रकाश, चरन सिंह ने जिला कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की थी। बुधवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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इधर, तमाम कोशिशों के बाद भी एसआईटी को डीपी का सुराग नहीं लग सका है। डीपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट मिलने के बाद एसआईटी की तीन टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गई हैं। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया डीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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गिरफ्तारी से बचने को काश्तकार ने दायर की याचिका
रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में बैक डेट में अपनी भूमि का 143 कराकर करीब 48 करोड़ का मुआवजा लेने वाले काश्तकार ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट में स्टे याचिका दायर की है। काश्तकार ने काशीपुर में स्थित अपनी करीब दो हेक्टेयर भूमि पर उक्त मुआवजा लिया था।
भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी की जांच में खुलासा हुआ कि जसपुर और काशीपुर तहसील के काश्तकारों ने तत्कालीन अफसरों के साथ मिलकर अपनी भूमि का बैक डेट में 143 कराने के बाद कृषि भूमि का अकृषि दर से मुआवजा लिया था। इस पूरे खेल में काश्तकारों द्वारा अफसरों को 40 प्रतिशत का कमीशन भी दिया गया। पूछताछ में लिए गए बयानों और एफएसएल रिपोर्ट में मामले की पुष्टि होने पर एसआईटी ने दोनों तहसीलों के 15 से अधिक काश्तकारों को अपने रडार पर लेकर उनकी धरपकड़ की तैयारी शुरु कर दी। गिरफ्तारी से बचने के लिए हाथ पैर मार रहे काश्तकारों में से बुधवार को काशीपुर तहसील स्थित गिन्नी खेड़ा के काश्तकार बलवंत सिंह ने भी हाई कोर्ट में स्टे याचिका दायर की है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार बलवंत सिंह ने काशीपुर स्थित अपनी लगभग दो हेक्टेयर जमीन का बैक डेट में 143 कराने के बाद करीब 48 करोड़ का मुआवजा लिया था।