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फर्जी बीमा मामले में दून की बीमा एजेंट महिला डॉक्टर गिरफ्तार
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:30 AM IST
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जसपुर। मृतकों का फर्जी बीमा कर उनके खाते बैंकों में खोलकर छह लाख का क्लेम लेने के मामले में पुलिस ने बीमा एजेंट देहरादून की महिला डॉक्टर को जेल भेज दिया है।
ग्राम नारायणपुर निवासी संजय ने 17 अक्तूबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके चाचा राम सिंह की मृत्यु तीन वर्ष पूर्व हो चुकी है। आरोप है कि गांव का ही राकेश सैनी अपने दोस्त सिमरनजीत सिंह सैनी निवासी ग्राम मलपुरी के साथ उसके घर आया। उन्होंने झांसा दिया कि दिवंगत चाचा के वारिसों को वह सरकारी मदद दिला देंगे। इस पर उसने 10 हजार रुपये तथा मृतक चाचा राम सिंह के कागज उन्हें दे दिए। काफी दिन बाद भी जब सहायता नहीं मिली तो उसे पता चला कि वे लोग मृतकों का फर्जी बीमा कर क्लेम लेते हैं और उन्होंने छह लाख का बीमा क्लेम हासिल भी कर लिया है।
मामले की विवेचना कर रहे एसएसआई कमलेश भट्ट ने बीती सोमवार की शाम को मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की एजेंट डॉ. सुभासिनी चौधरी पत्नी राजेंद्र कुमार निवासी अश्विनी एनक्लेव जीएमएस रोड देहरादून को पूछताछ के लिए बुलाया। उसने बीमा फार्म पर हस्ताक्षर करने, उसके कोड से बीमा कराने की बात स्वीकार की।
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मंगलवार को पुलिस ने महिला डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी से पूर्व इस मामले में ठग गिरोह के आठ लोगों राकेश सैनी, सिमरनजीत, श्मशान घाट समिति के लिपिक राजन, नगर पालिका जन्म-मृत्यु दर लिपिक रामरतन, जयराम, अजय जाटव, सूबा सिंह और ओमकार सिंह को जेल भेजा जा चुका है।
डॉक्टर ने कहा वह बेकसूर
जसपुर। महिला डॉक्टर सुभासिनी चौधरी ने बताया कि वह फिजियोथेरेपिस्ट हैं। उसका देहरादून में क्लीनिक है। वह बेकसूर हैं। उसकी बीमा कंपनी के एजेंट ने उनके कोड का इस्तेमाल कर मृतक का बीमा कर दिया। वह अब सरकारी गवाह बनकर पुलिस की मदद करना चाहती है।
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ग्राम नारायणपुर निवासी संजय ने 17 अक्तूबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके चाचा राम सिंह की मृत्यु तीन वर्ष पूर्व हो चुकी है। आरोप है कि गांव का ही राकेश सैनी अपने दोस्त सिमरनजीत सिंह सैनी निवासी ग्राम मलपुरी के साथ उसके घर आया। उन्होंने झांसा दिया कि दिवंगत चाचा के वारिसों को वह सरकारी मदद दिला देंगे। इस पर उसने 10 हजार रुपये तथा मृतक चाचा राम सिंह के कागज उन्हें दे दिए। काफी दिन बाद भी जब सहायता नहीं मिली तो उसे पता चला कि वे लोग मृतकों का फर्जी बीमा कर क्लेम लेते हैं और उन्होंने छह लाख का बीमा क्लेम हासिल भी कर लिया है।
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मामले की विवेचना कर रहे एसएसआई कमलेश भट्ट ने बीती सोमवार की शाम को मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की एजेंट डॉ. सुभासिनी चौधरी पत्नी राजेंद्र कुमार निवासी अश्विनी एनक्लेव जीएमएस रोड देहरादून को पूछताछ के लिए बुलाया। उसने बीमा फार्म पर हस्ताक्षर करने, उसके कोड से बीमा कराने की बात स्वीकार की।
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मंगलवार को पुलिस ने महिला डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी से पूर्व इस मामले में ठग गिरोह के आठ लोगों राकेश सैनी, सिमरनजीत, श्मशान घाट समिति के लिपिक राजन, नगर पालिका जन्म-मृत्यु दर लिपिक रामरतन, जयराम, अजय जाटव, सूबा सिंह और ओमकार सिंह को जेल भेजा जा चुका है।
डॉक्टर ने कहा वह बेकसूर
जसपुर। महिला डॉक्टर सुभासिनी चौधरी ने बताया कि वह फिजियोथेरेपिस्ट हैं। उसका देहरादून में क्लीनिक है। वह बेकसूर हैं। उसकी बीमा कंपनी के एजेंट ने उनके कोड का इस्तेमाल कर मृतक का बीमा कर दिया। वह अब सरकारी गवाह बनकर पुलिस की मदद करना चाहती है।