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मृतक के परिजनों को 38 लाख 82 हजार देने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर।
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:46 AM IST
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अदालत ने सड़क दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के तीन नाबालिग बच्चों और उनकी संरक्षिका (दादी) को 38 लाख 82 हजार रुपये का प्रतिकर देने का आदेश दिया है।
नेशनल हाइवे हरिद्वार मार्ग पर 14 अप्रैल 2016 को दिन में फीका पुल चौकी धर्मपुर के पास एक टोयोटा कार ने एस्टीम कार में टक्कर मार दी। इसमें एस्टीम चला रहे जफरुद्दीन को गंभीर चोटें आईं। दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में उनकी 15 अप्रैल को मौत हो गई। टक्कर मारने वाली कार प्रवीन कुमार सिंगला निवासी अग्रवाल कॉलोनी, जिला बरनाला (पंजाब) की थी। कार का बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी मंडल कार्यालय हल्द्वानी का था। मृतक जफरुद्दीन अंसारी के बच्चों शबनम (17), मुबारक हुसैन (16), शाबिर अली ( 14) और संरक्षिका एवं दादी रइसन निशा (63) निवासी सूरज नगरी मलौट जिला श्रीमुक्तसर साहिब पंजाब ने अपने अधिवक्ता अफसर अली व अब्दुल सलीम के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा था कि मृतक जफरूद्दीन (43) पंजाब की मैक्स ग्रो बायोटेक लुधियाना में डायमंड प्रेसीडेंट के पद पर कार्यरत थे। उनके तीन नाबालिग बच्चे अनाथ हो गए हैं। लिहाज उनके भरण पोषण के लिए प्रतिकर एक करोड़ दिया जाए। एमएसीटी/अपर जिला न्यायाधीश काशीपुर नसीम अहमद की अदालत ने याचिका करने वालों की प्रार्थना पर 14 फरवरी को दिए गए निर्णय में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध प्रतिकर की राशि 38 लाख 82 हजार 800 रुपये स्वीकार किया है। इसमें से तीनों नाबालिगों की रकम फिक्स की जाएगी और रईसन निशा को आठ लाख 42 हजार 800 का तुरंत भुगतान करने का आदेश दिया।
नेशनल हाइवे हरिद्वार मार्ग पर 14 अप्रैल 2016 को दिन में फीका पुल चौकी धर्मपुर के पास एक टोयोटा कार ने एस्टीम कार में टक्कर मार दी। इसमें एस्टीम चला रहे जफरुद्दीन को गंभीर चोटें आईं। दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में उनकी 15 अप्रैल को मौत हो गई। टक्कर मारने वाली कार प्रवीन कुमार सिंगला निवासी अग्रवाल कॉलोनी, जिला बरनाला (पंजाब) की थी। कार का बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी मंडल कार्यालय हल्द्वानी का था। मृतक जफरुद्दीन अंसारी के बच्चों शबनम (17), मुबारक हुसैन (16), शाबिर अली ( 14) और संरक्षिका एवं दादी रइसन निशा (63) निवासी सूरज नगरी मलौट जिला श्रीमुक्तसर साहिब पंजाब ने अपने अधिवक्ता अफसर अली व अब्दुल सलीम के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा था कि मृतक जफरूद्दीन (43) पंजाब की मैक्स ग्रो बायोटेक लुधियाना में डायमंड प्रेसीडेंट के पद पर कार्यरत थे। उनके तीन नाबालिग बच्चे अनाथ हो गए हैं। लिहाज उनके भरण पोषण के लिए प्रतिकर एक करोड़ दिया जाए। एमएसीटी/अपर जिला न्यायाधीश काशीपुर नसीम अहमद की अदालत ने याचिका करने वालों की प्रार्थना पर 14 फरवरी को दिए गए निर्णय में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध प्रतिकर की राशि 38 लाख 82 हजार 800 रुपये स्वीकार किया है। इसमें से तीनों नाबालिगों की रकम फिक्स की जाएगी और रईसन निशा को आठ लाख 42 हजार 800 का तुरंत भुगतान करने का आदेश दिया।
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