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बरा मामले में जांच के दायरे में आएंगे तत्कालीन अफसर
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:35 AM IST
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बरा मामले में तत्कालीन अफसरों पर कसेगा शिकंजा
रुद्रपुर। किच्छा के बरा गांव में एनएच-74 निर्माण के लिए अधिग्रहित किए गए दो खसरों का गलत तरीके से 143 कराने के बाद फोरलेन सड़क का सौदा करने के मामले में एनएचएआई के साथ ही तत्कालीन अफसर भी जांच के दायरे में आएंगे। एसआईटी ने एसएलओ कार्यालय से दस्तावेज निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संदेह के दायरे में आये लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।
एनएच निर्माण के लिए एनएचआई ने बरा गांव के कई किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया, लेकिन गांव के खसरा संख्या 520 और 562 का प्रकाशन 3ए में नहीं कराया, जिसका लाभ उठाते हुए तत्कालीन अफसरों ने उक्त खसरों का बैक डेट में 143 कराया, लेकिन जब किसानों को मुआवजा देने की बात आई तो अफसरों ने मुआवजे के एवज में कमीशन मांगा और कमीशन ना मिलने पर मुआवजे की रकम को रोक दिया। इस पर मुआवजा घोटाले की शिकायत हुई और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। हालांकि इस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है।
इधर, डीएम ने एसडीएम की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामला एसआईटी को सौंप दिया। एसआईटी एसएलओ कार्यालय से मामले से संबंधित दस्तावेज ले रही है। साथ ही संदिग्धों को चिन्हित भी किया जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, घोटाले में चकबंदी अधिकारियों के साथ ही एसडीएम कार्यालय के कुछ कर्मियों की मिलीभगत होने के सुराग एसआईटी को मिले हैं। इसके आधार पर एसआईटी जल्द ही इन लोगों से पूछताछ कर मामले में बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
बाजपुर के पांच काश्तकारों को भेजा नोटिस
रुद्रपुर। भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने शुक्रवार को एसआईटी ने काशीपुर तहसील के एक काश्तकार से पूछताछ की। साथ ही बाजपुर तहसील के पांच और काश्तकारों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है।
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रुद्रपुर। किच्छा के बरा गांव में एनएच-74 निर्माण के लिए अधिग्रहित किए गए दो खसरों का गलत तरीके से 143 कराने के बाद फोरलेन सड़क का सौदा करने के मामले में एनएचएआई के साथ ही तत्कालीन अफसर भी जांच के दायरे में आएंगे। एसआईटी ने एसएलओ कार्यालय से दस्तावेज निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संदेह के दायरे में आये लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।
एनएच निर्माण के लिए एनएचआई ने बरा गांव के कई किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया, लेकिन गांव के खसरा संख्या 520 और 562 का प्रकाशन 3ए में नहीं कराया, जिसका लाभ उठाते हुए तत्कालीन अफसरों ने उक्त खसरों का बैक डेट में 143 कराया, लेकिन जब किसानों को मुआवजा देने की बात आई तो अफसरों ने मुआवजे के एवज में कमीशन मांगा और कमीशन ना मिलने पर मुआवजे की रकम को रोक दिया। इस पर मुआवजा घोटाले की शिकायत हुई और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। हालांकि इस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है।
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इधर, डीएम ने एसडीएम की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामला एसआईटी को सौंप दिया। एसआईटी एसएलओ कार्यालय से मामले से संबंधित दस्तावेज ले रही है। साथ ही संदिग्धों को चिन्हित भी किया जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, घोटाले में चकबंदी अधिकारियों के साथ ही एसडीएम कार्यालय के कुछ कर्मियों की मिलीभगत होने के सुराग एसआईटी को मिले हैं। इसके आधार पर एसआईटी जल्द ही इन लोगों से पूछताछ कर मामले में बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
बाजपुर के पांच काश्तकारों को भेजा नोटिस
रुद्रपुर। भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने शुक्रवार को एसआईटी ने काशीपुर तहसील के एक काश्तकार से पूछताछ की। साथ ही बाजपुर तहसील के पांच और काश्तकारों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है।