फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   सेवादार की आत्महत्या के मामले की निष्पक्ष जांच हो

सेवादार की आत्महत्या के मामले की निष्पक्ष जांच हो

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jun 2019 01:05 AM IST
विज्ञापन
सेवादार की आत्महत्या के मामले की निष्पक्ष जांच हो
नानकमत्ता। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के सेवादार जगरूप सिंह की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नानकमत्ता साहिब के सचिव केहर सिंह मामले में खुद को निर्दोष बता रहे हैं। मंगलवार को केहर सिंह ने समर्थकों के साथ उन पर दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए थानाध्यक्ष नरेश पाल सिंह को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


केहर सिंह ने आरोप लगाया कि गुरुद्वारे के ही एक पदाधिकारी की ओर से साजिशन आत्महत्या मामले में उनको तथा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के महासचिव प्रीतम सिंह संधू को फंसाया जा रहा है। ज्ञापन में कहा कि पदाधिकारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गुरुद्वारा साहिब को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया। इसकी जांच की मांग सरकार और उच्चाधिकारियों से की गई थी। थानाध्यक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
विज्ञापन



बता दें कि गुरुद्वारा साहिब के पूर्व सेवादार जगरूप सिंह ने 14 जून को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की थी। उसके छोटे भाई रिसपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के महासचिव प्रीतम सिंह संधू तथा सचिव केहर सिंह के खिलाफ धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। ज्ञापन सौंपने वालों में दलजीत सिंह रियैत, मंगल सिंह फौजी, कुलवंत सिंह, गुरदेव सिंह, बलदेव सिंह, सुखदेव सिंह, कुलवंत सिंह, कमल सिंह, मलकीत सिंह, जसपाल सिंह आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


षड्यंत्र से तहत मुझे फंसाया जा रहा है : प्रीतम
रुद्रपुर। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब प्रबंध कमेटी के महासचिव प्रीतम सिंह संधू ने कहा कि उनको षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा में नियम विरुद्ध हुए कई कार्यों की शिकायत उन्होंने प्रशासन से की है, जिसकी अभी जांच की जा रही है। इस मामले को लेकर उनको निशाना बनाया जा रहा है।

मंगलवार को आवास विकास स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में पत्रकार वार्ता में प्रीतम ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2016 में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का चुनाव हुआ था। 21 दिसंबर को समझौते के अनुसार वह गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के पदाधिकारी चुने गए। आरोप लगाया कि एक पदाधिकारी ने नियमों के विपरीत करोड़ों के काम कराए। इस अनियमितता की शिकायत उन्होंने शासन और प्रशासन से की है, जिसकी फिलहाल जांच चल रही है।
कहा कि बीती 14 जून को पूर्व सेवादार जगरूप सिंह ने आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों ने उनके और सचिव केहर सिंह के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। बताया कि उन्होंने मृतक का कभी उत्पीड़न नहीं किया। मृतक के भाई और मां आज भी गुरुद्वारा में सेवादारी कर रहे हैं। मृतक ने अपने ससुर के नाम पर बैंक से लोन लिया था, जिसको वह जमा नहीं कर पा रहा था।


उसके ससुर ने मामले की शिकायत कमेटी से की थी। संधू ने कहा कि उन्होंने एसएसपी से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कहा कि वह 2008 से गुरुद्वारा साहिब में भष्ट्राचार की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहां सक्रिय कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके खिलाफ पहले भी झूठी शिकायतें की हैं। एसएसपी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। वहां रणजीत सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed