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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   11 years 555 missiles buried in Ptrampur

11 साल से पतरामपुर क्षेत्र में दफन 555 मिसाइलें

Thu, 16 Jul 2015 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर/जसपुर।
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर/जसपुर। Updated Thu, 16 Jul 2015 01:00 AM IST
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पतरामपुर क्षेत्र में 11 वर्षं से 555 मिसाइलें दफन हैं। यदि मिसाइलें फट गईं तो तबाही मच सकती है। प्रशासन ने तबाही मचाने के इस सामान को निष्क्रिय करने के लिए सार्थक प्रयास नहीं किया जबकि मिसाइल निष्क्रिय करने की फाइल तभी से अफसरों के दफ्तरों में चक्कर काट रही हैं। मिसाइलें दबे होने से पतरामपुर क्षेत्र के लोग खौफजदा हैं।

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 काशीपुर स्थित एसजी स्टील फैक्ट्री में स्क्रैप को गलाते समय 21 दिसंबर 2004 को जबर्दस्त विस्फोट के साथ मिसाइल फट गई थी। जिसमें एक श्रमिक के चिथड़े उड़ गए थे। मिसाइल आवास-विकास कालोनी में एक मकान पर जाकर गिरी जिससे मकान की दीवार ध्वस्त हो गई थी। वहीं आसपास के मकानों को भी भारी क्षति पहुंची थी।
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घटना के बाद जांच में पता चला कि मौत का यह सामान आईडीसी तुगलकाबाद से स्क्रैप की खेप के रूप में आया था। प्रशासन ने फैक्ट्री में 555 जिंदा मिसाइलें बरामद की थीं। रातोंरात पतरामपुर पुलिस चौकी पास गहरे गड्ढे में इन्हें दफन कर दिया गया। हिफाजत के लिए गारद तैनात कर दी थी।
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नेशनल सिक्योरिटी आपरेशन एंड ट्रेनिंग नई दिल्ली और पुलिस स्पेशल ब्रांच नानापुर (महाराष्ट्र) की टीमों ने संयुक्त रुप से निरीक्षण कर मिसाइलों को शीघ्र नष्ट करने की सलाह दी थी। वर्ष 2007 में इन्हें निष्क्रिय करने के लिए प्रशासन ने 2.52 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। एनएसजी की टीम ने फीका नदी को निर्जन वन क्षेत्र में निष्क्रिय करने के लिए चुना था।

लेकिन किन्हीं कारणों इसे निष्क्रिय नहीं किया जा सका। उधर बीती 12 जुलाई को पतरामपुर पुलिस चौकी के लोकार्पण के समय क्षेत्रवासियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीलेश आनंद भरणे से पतरामपुर क्षेत्रवासियों से फिर से मिसाइलें अन्यत्र शिफ्ट करने अथवा निष्क्रिय करने की मांग की।


एसएसपी भरणे ने मिसाइलें दबे वाले स्थान का निरीक्षण किया और मिसाइलों को शीघ्र निष्क्रिय कराए जाने की आश्वासन दिया था। जिस स्थान पर मिसाइलें दबी हुई हैं। उसके पास 333 केवीए का विद्युत सब स्टेशन, सरकारी अस्पताल, स्कूल-कालेज और घनी आबादी है। क्षेत्रवासी 11 वर्षों से लगातार इन्हें निष्क्रिय करने की मांग कर रहे हैं।

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