प्रोडक्शन मैनेजर से मारपीट कके आरोप में इंटार्क ने 20 श्रमिक निलंबित 2
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सिडकुल की इंटार्क कंपनी में प्रबंधन और श्रमिकों के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रबंधन ने प्रोडक्शन मैनेजर से मारपीट के आरोप में 20 श्रमिकों को निलंबित कर दिया है। इधर, गैरकानूनी गेटबंदी वापस लेने और वार्षिक समझौता लागू कराने की मांग को लेकर श्रमिक अपने परिजनों के साथ कंपनी गेट के बाहर बेमियादी धरने पर बैठ गए हैं।
शनिवार को इंटार्क श्रमिक संगठन के बैनर तले मांगों को लेकर कंपनी के श्रमिक और उनके परिजन कंपनी के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि प्रबंधन ने बीते 22 और 23 नवंबर को दर्जनों मजदूरों पर झूठे आरोप लगाकर गैरकानूनी रूप से उन्हें कंपनी से निकाल दिया है।
उपश्रमायुक्त कार्यालय से कंपनी प्रबंधन को श्रमिकों का वेतन कटौती का कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था। इसमें श्रमिकों की अगस्त के वेतन से की गई कटौती को अवैधानिक माना गया है। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन श्रमिकों को बाहर कर रहा है। संगठन के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि श्रम विभाग, जिला प्रशासन व सरकार की बेरुखी के कारण मजदूरों को महिलाओं व बच्चों संग ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है। कहा कि प्रशासन अगर जल्द कार्रवाई नहीं करेगा तो हजारों श्रमिक कंपनी के गेट के आगे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
वहां पर संगठन कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, मदन राणा, उमेश जोशी, कमला पांडे, सीता, माला देवी, संगीता, सोनी, बबीता, राखी, नकुल वर्मा, नरेंद्र त्रिपाठी, रंजीत पाल, उदय सिंह, वीरेंद्र कुमार आदि थे।
उधर किच्छा में भी कंपनी गेट के बार श्रमिक परिजनों के साथ धरने पर बैठे हैं। शनिवार देर रात तक महिलाएं भी धरने पर डटी थीं।
21 नवंबर को बीस मजदूरों ने कंपनी के प्रोडक्शन मैनेजर पवन कुमार के केबिन में घुसकर मारपीट की। कंपनी प्रबंधन ने मामले में 20 मजदूरों को निलंबित कर दिया और इनके खिलाफ सिडकुल पुलिस चौकी में तहरीर दी है। इस वजह से इंटार्क श्रमिक संगठन कंपनी के गेट के बाहर हजारों लोगों को एकत्र कर धरने पर बैठे हुए हैं। आंदोलनों से कंपनी का कामकाज पर असर पड़ रहा है। - बीवी श्रीधर, सहायक महाप्रबंधक, मानव संसाधन इंटार्क
श्रम प्रवर्तन अधिकारी की जांच में पता चला कि सेवायोजक पक्ष की ओर से मात्र प्रोडक्शन में कमी को आधार बनाकर श्रमिकों के वेतन से कटौती की गई है, जो उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 6 ई का स्पष्ट उल्लंघन है। इस संबंध में कंपनी प्रबंधन को नोटिस दिया गया है। - उम्मेद सिंह, सहायक श्रमायुक्त
स्पार्क मिंडा का धरना 64वें दिन भी जारी
रुद्रपुर। स्पार्क मिंडा के श्रमिक उपश्रमायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर 64वें दिन भी डटे रहे हैं। स्पार्क मिंडा के श्रमिकों का कहना है कि पिछले दो महीनों से 140 लड़के व 40 लड़कियां उपश्रमायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। प्रशासन उनकी बात नहीं सुन रहा है। कहा कि जब तक कंपनी प्रबंधन उनकी कार्य बहाली और गेट बंदी वापसी की मांग पूरी नहीं करते तब तक वह धरने पर डटे रहेंगे। वहां सपना, किरन, राधा, भावना, तारा, धीरेंद्र सिंह, त्रिलोक खोलिया, सूरज सिंह बोहरा, मदन राणा, शेखर, उमेश जोशी, मनोज, संजय बोरा मौजूद रहे।