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दुर्घटना परिवाद में मृतक आश्रितों को 5.96 लाख रुपये भुगतान के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:19 AM IST
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ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत के मामले में दुर्घटना परिवाद पर सुनवाई करते हुए एडीजे (द्वितीय) ने मृतक आश्रितों को 5.96 लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
कुंडा थाने के ग्राम बसई निवासी सिकंदर पाल ने नादेही रिपोर्टिंग चौकी जसपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 फरवरी 2014 को उसके पिता जयराम सिंह अपने रिश्तेदार हरपाल सिंह के ट्रैक्टर से गन्ना लेकर नादेही चीनी मिल गए थे। मिल गेट पर काफी वाहन खड़े होने के कारण वह मिल परिसर में ट्राली खड़ी कर बेरिंग चेक कर रहे थे। इसी दौरान मिल कर्मी ने लापरवाही पूर्वक मिल में खड़े गन्ने से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली को आगे बढ़ा दिया। ट्राली का पहिया उतरने से जयराम गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी मुन्नी देवी ने अपने अधिवक्ता कैलाश प्रजापति एडवोकेट के माध्यम से जिला जज की अदालत में मुआवजा वाद दायर किया। जिसकी सुनवाई एडीजे (द्वितीय) ओमकुमार की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान गवाहों को परीक्षित करवाया गया। कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि दुर्घटना के समय ट्रैक्टर ट्राली का बीमा नहीं था और इस वाहन का प्रयोग व्यवसायिक तौर पर किया जा रहा था। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अनुशीलन करने के बाद एडीजे (द्वितीय) ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को 5.96 लाख रुपये का भुगतान 7.5 प्रतिशत ब्याज की दर से करने के आदेश दिए हैं।
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कुंडा थाने के ग्राम बसई निवासी सिकंदर पाल ने नादेही रिपोर्टिंग चौकी जसपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 फरवरी 2014 को उसके पिता जयराम सिंह अपने रिश्तेदार हरपाल सिंह के ट्रैक्टर से गन्ना लेकर नादेही चीनी मिल गए थे। मिल गेट पर काफी वाहन खड़े होने के कारण वह मिल परिसर में ट्राली खड़ी कर बेरिंग चेक कर रहे थे। इसी दौरान मिल कर्मी ने लापरवाही पूर्वक मिल में खड़े गन्ने से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली को आगे बढ़ा दिया। ट्राली का पहिया उतरने से जयराम गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी मुन्नी देवी ने अपने अधिवक्ता कैलाश प्रजापति एडवोकेट के माध्यम से जिला जज की अदालत में मुआवजा वाद दायर किया। जिसकी सुनवाई एडीजे (द्वितीय) ओमकुमार की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान गवाहों को परीक्षित करवाया गया। कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि दुर्घटना के समय ट्रैक्टर ट्राली का बीमा नहीं था और इस वाहन का प्रयोग व्यवसायिक तौर पर किया जा रहा था। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अनुशीलन करने के बाद एडीजे (द्वितीय) ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को 5.96 लाख रुपये का भुगतान 7.5 प्रतिशत ब्याज की दर से करने के आदेश दिए हैं।
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