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कॅरिअर के साथ ही जीवन बर्बाद कर रहा है नशा
Sun, 13 Jan 2019 12:12 AM IST
विपिन कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: विपिन कुमार
Updated Sun, 13 Jan 2019 12:12 AM IST
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रुद्रपुर पीजी कॉलेज में नशे के खिलाफ शपथ लेती छात्राएं
- फोटो : amar ujala
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राष्ट्रीय युवा दिवस पर शनिवार को सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइस्ल कार्यक्रम के तहत ‘नशे के दुष्परिणाम’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 108 छात्राओं ने नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। संगोष्ठी में जिला अस्पताल रुद्रपुर की ओएसटी सेंटर प्रभारी एवं मनोवैज्ञानिक डॉ. श्वेता दीक्षित ने छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी।
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डॉ. श्वेता ने कहा कि नशे की चपेट में आने से युवा पीढ़ी का कॅरिअर भी प्रभावित हो रहा है। नशे की चपेट में युवकों के साथ ही अब कुछ युवतियां भी नशे की लत की शिकार हो रही हैं। नशा समाज में जहर घोलकर देश की नींव कमजोर कर रहा है। उन्होंने नशा उन्मूलन को लेकर सरकार की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का तराई सबसे अधिक नशे की चपेट में है, यही वजह है कि पंजाब के बाद अब इस क्षेत्र के लिए भी उड़ता तराई शब्द इस्तेमाल किया जाने लगा है। कई बार नशे की आदत युवाओं को अपराध के दलदल में धकेल देती है। उन्होंने कहा कि नशे के आदी युवा भी इच्छाशक्ति और बेहतर इलाज से सामान्य जीवन बसर कर सकते हैं। कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशिबाला, डॉ निर्मला जोशी, डॉ. रुमा शाह, डॉ. गौरव वार्ष्णेय, डॉ. हरनाम सिंह आदि थे।
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कोट
युवाओं में बढ़ती नशे की लत समाज के लिए बेहद खतरनाक है। युवतियां भी नशे की चपेट हैं। तराई में सक्रिय नशे के धंधेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - रश्मि सक्सेना, छात्रा।
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तराई में पिछले कुछ वर्षों में नशा करने वाले युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पुलिस और प्रशासन को नशे के सामान की तस्करी करने वालों को चिह्नित कर सलाखों के पीछे पहुंचाना चाहिए। - ज्योति, छात्रा।
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कई बार नशा करने वाले छात्र-छात्राएं अपने दूसरे साथियों को भी नशा करने के लिए उकसाते हैं। ऐसे में उन्हें सावधानी बरती चाहिए। नशे की लत युवाओं का कॅरिअर बर्बाद कर देती है। - मनीषा वर्मा, छात्रा।
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नशेड़ी युवा कई बार अपराध के दलदल में फंस जाते हैं। नशे के आदी होने के कारण कई बार इस तरह के लोग आपस में लड़ते नजर आते हैं। कॉलेज प्रशासन को चाहिए कि परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे। - प्रिया बिष्ट, छात्रा
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नशे का शिकार होकर युवा अपना कॅरिअर तो बर्बाद कर ही रहे हैं, साथ ही अपने परिवार को भी समाज में शर्मसार करवाते हैं। सरकार को नशे के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। - उमा शर्मा, छात्रा
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कुछ छात्राएं भी नशा करती हैं। नशे की यह प्रवृत्ति समाज के लिए घातक है। अभिभावकों को नशे के आदी अपने बच्चों का सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों पर इलाज करवाना चाहिए और उन बच्चों को सही जीवन जीने की प्रेरणा देनी चाहिए। - जसविंदर कौर, छात्रा
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वर्तमान में छात्र-छात्राओं पर पढ़ाई अत्यधिक दबाव रहता है। कई घरों में बच्चों पर उनके अभिभावकों की उम्मीदों का बोझ भी रहता है। कई बार युवा परिजनों की उम्मीदों का बोझ ढोते-ढोते डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। तनाव न झेल पाने से युवा नशे के आदी हो जाते हैं। - अंकिता अधिकारी, नेहा यादव, छात्राएं।
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अमर उजाला ने युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक कर बेहतरीन पहल की है। इससे युवा पीढ़ी जरूर जागरूक होगी। आज नशे के खिलाफ पूरे समाज को खड़ा होने की जरूरत है। - अमृता यादव, छात्रा।
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ऊधम सिंह नगर में खुलेआम स्मैक, कच्ची शराब आदि की बिक्री से लोग नशेड़ी होते जा रहे हैं। युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए घातक साबित हो रही है। इसके खिलाफ बेहतर कार्य किए जाने की जरूरत है। - निर्जला सिंह, छात्रा।