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स्थानीय किसानों का धान प्राथमिकता से खरीदें कच्चा आढ़ती
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रुद्रपुर गल्ला मंडी में आढ़त पर खरीदा गया धान।
- फोटो : RUDRAPUR
सरकार की ओर से कच्चा आढ़तियों की सीमा बढ़ाए जाने के बाद बुधवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी में धान खरीद में तेजी आई। गल्ला मंडी में शाम तक 20 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद हुई। सरकार ने कच्चा आढ़तियों से यूपी के स्थान पर जिले के किसानों का धान प्राथमिकता से खरीदने की अपील की।
जिले के 120 कच्चा आढ़तियों की धान की खरीद की सीमा पांच-पांच हजार क्विंटल बढ़ाए जाने के बाद गल्ला मंडी में सुबह पांच बजे से किसान धान की ट्रालियां लेकर पहुंचने शुरू हो गए। बिगवाड़ा स्थित मंडी समिति में भी अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक किसान धान बेचने के लिए पहुंचे। आढ़तों पर शाम तक 20 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद हुई। आढ़तों पर किसानों का धान करीब 1450 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका।
राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवीशंकर अग्रवाल ने कहा कि धान खरीद की सीमा बढ़ाने के साथ ही कच्चा आढ़तियों से उत्तर प्रदेश के किसानों के बजाय जिले के किसानों का धान प्राथमिकता से खरीदने की अपील की गई। कहा कि पांच हजार क्विंटल की लिमिट पर्याप्त नहीं है। तीन दिन बाद ही अधिकांश कच्चा आढ़तियों की यह लिमिट पूरी जाएगी। सरकार धान खरीद की सीमा को शीघ्र और बढ़ाए।
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इधर, रुद्रपुर गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर बुधवार को करीब 150 क्विंटल और तराई विकास सहकारी संघ में करीब 450 क्विंटल धान खरीद हुई। साथ ही फुलसुंगा और बिगवाड़ा क्रय केंद्रों पर करीब 600-600 क्विंटल से अधिक धान खरीद हुई। आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि चूंकि कच्चा आढ़ती राज्य के बाहर का धान खरीदने के लिए भी स्वतंत्र है, इसलिए उनसे यूपी के बजाय जिले के किसानों का धान प्राथमिकता के साथ खरीदने को कहा गया है।
मौसम में बदलाव से कमजोर हुआ धान, चावल से अधिक निकल रही टूटन
काशीपुर। मौसम में बदलाव के कारण इस वर्ष धान की फसल भी कमजोर हो गई है। मिल मालिकों का कहना है कि चावल तैयार करने के लिए धान कूटने पर टूटन अधिक निकल रही है। जिससे मिल मालिकों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। मिल मालिकों की शिकायत पर खाद्य विभाग ने जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
इस वर्ष सितंबर में बरसात कम होने के कारण खेतों में धान जल्द पक गया जिससे धान की आवक भी करीब एक अक्तूबर से शुरू हो गई जबकि पिछले वर्ष तक धान कुछ देरी से पकता था। अब धान से चावल तैयार करने के लिए धान को कूटने पर टूटन की मात्रा अधिक निकल रही है। राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष तक धान कुटान में जहां टूटन की मात्रा 40 से 45 प्रतिशत तक होती थी वहीं इस वर्ष टूटन की मात्र बढ़कर 65 से 75 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इससे मिल मालिकों को औसतन एक क्विंटल पर डेढ़ से 200 रुपये तक का नुकसान होने की संभावना है। इस संबंध में मिल एसोसिएशन ने शासन को पत्र भेजा था।
शासन के आदेश पर संभागीय खाद्य नियंत्रक ललित मोहन रयाल ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में उप संभागीय विपणन अधिकारी हल्द्वानी, सहायक प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम हल्द्वानी, जिला सहायक निबंधक सहकारी समिति, ऊधमसिंह नगर, सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति और संबंधित केंद्र, मंडी के एक वरिष्ठ विपणन अधिकारी को शामिल किया गया है। कमेटी रुद्रपुर, काशीपुर, खटीमा और हल्द्वानी से धान के सैंपल लेकर मिलों में अपने सामने उसे कुटवाकर टूटन की जांच करेगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी।
मिल मालिकों द्वारा धान कूटने पर टूटन अधिक होने की शिकायत मिली थी जिस पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया है।
- ललित मोहन रयाल, संभागीय खाद्य नियंत्रक, कुमाऊं संभाग
किसानों ने मंडी सचिव को घेरा
गदरपुर। भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मक्कड़ के नेतृत्व में बुधवार को पहुंचे किसानों ने मंडी सचिव कैलाश शर्मा का घेराव किया। किसानों ने मंडी में धान की तौल धीमी गति से होने पर कड़ी नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि आदर्श नगर के क्रय केंद्र पर लगभग एक सप्ताह से धान की फसल की तौल नहीं हो रही। सचिव ने कहा कि व्यवस्था सुधारने के लिए मंडी समिति विशेष व्यवस्था कर रही है। वहां पर विनोद गुंबर, अशोक सेठी, वीरेंद्र सिंह, प्रीत सिंह, श्याम चंद कंबोज, मो. उस्मान थे। संवाद
गेहूं की बुवाई से पहले नहरों की सफाई करवाए सिंचाई विभाग
रुद्रपुर। डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में नहरों की सफाई को लेकर सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कहा कि नवंबर के पहले सप्ताह में गेहूं की बुवाई के बाद किसानों के लिए सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता होती है। अधिकतर किसान सिंचाई के लिए द्रोणसागर, लक्ष्मीपुर, कुंडेश्वरी नहर आदि पर ही सिंचाई के लिए निर्भर हैं। इसलिए नहरों की सफाई करवाना अति आवश्यक है। बैठक में सीडीओ हिमांशु खुराना, डीडीओ अजय सिंह, विधि उपाध्याय, एससी रमोला, पुरषोत्तम, विजय अरोरा थे। ब्यूरो
फोटो-28 आरडीपी 23पी- रुद्रपुर कलक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक करती डीएम रंजना राजगुरु।
किसान विरोधी कानून वापस हो
रुद्रपुर। पूर्व सैनिक स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी और किसानों की बुधवार को गल्ला मंडी में बैठक हुई। इसमें किसान विरोधी कानून वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर धान का भुगतान आदि पर विशेष चर्चा की गई। वहां पर कर्नल प्रमोद शर्मा, तजेंद्र सिंह विर्क, अमन दीप सिंह, गुरचरण सिंह, अमीर सिंह, शुखवंत सिंह, हरेंद्र सिंह, कस्तुरी लाल, अंकुर राय आदि थे। संवाद
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जिले के 120 कच्चा आढ़तियों की धान की खरीद की सीमा पांच-पांच हजार क्विंटल बढ़ाए जाने के बाद गल्ला मंडी में सुबह पांच बजे से किसान धान की ट्रालियां लेकर पहुंचने शुरू हो गए। बिगवाड़ा स्थित मंडी समिति में भी अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक किसान धान बेचने के लिए पहुंचे। आढ़तों पर शाम तक 20 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद हुई। आढ़तों पर किसानों का धान करीब 1450 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका।
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राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवीशंकर अग्रवाल ने कहा कि धान खरीद की सीमा बढ़ाने के साथ ही कच्चा आढ़तियों से उत्तर प्रदेश के किसानों के बजाय जिले के किसानों का धान प्राथमिकता से खरीदने की अपील की गई। कहा कि पांच हजार क्विंटल की लिमिट पर्याप्त नहीं है। तीन दिन बाद ही अधिकांश कच्चा आढ़तियों की यह लिमिट पूरी जाएगी। सरकार धान खरीद की सीमा को शीघ्र और बढ़ाए।
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इधर, रुद्रपुर गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर बुधवार को करीब 150 क्विंटल और तराई विकास सहकारी संघ में करीब 450 क्विंटल धान खरीद हुई। साथ ही फुलसुंगा और बिगवाड़ा क्रय केंद्रों पर करीब 600-600 क्विंटल से अधिक धान खरीद हुई। आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि चूंकि कच्चा आढ़ती राज्य के बाहर का धान खरीदने के लिए भी स्वतंत्र है, इसलिए उनसे यूपी के बजाय जिले के किसानों का धान प्राथमिकता के साथ खरीदने को कहा गया है।
मौसम में बदलाव से कमजोर हुआ धान, चावल से अधिक निकल रही टूटन
काशीपुर। मौसम में बदलाव के कारण इस वर्ष धान की फसल भी कमजोर हो गई है। मिल मालिकों का कहना है कि चावल तैयार करने के लिए धान कूटने पर टूटन अधिक निकल रही है। जिससे मिल मालिकों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। मिल मालिकों की शिकायत पर खाद्य विभाग ने जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
इस वर्ष सितंबर में बरसात कम होने के कारण खेतों में धान जल्द पक गया जिससे धान की आवक भी करीब एक अक्तूबर से शुरू हो गई जबकि पिछले वर्ष तक धान कुछ देरी से पकता था। अब धान से चावल तैयार करने के लिए धान को कूटने पर टूटन की मात्रा अधिक निकल रही है। राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष तक धान कुटान में जहां टूटन की मात्रा 40 से 45 प्रतिशत तक होती थी वहीं इस वर्ष टूटन की मात्र बढ़कर 65 से 75 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इससे मिल मालिकों को औसतन एक क्विंटल पर डेढ़ से 200 रुपये तक का नुकसान होने की संभावना है। इस संबंध में मिल एसोसिएशन ने शासन को पत्र भेजा था।
शासन के आदेश पर संभागीय खाद्य नियंत्रक ललित मोहन रयाल ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में उप संभागीय विपणन अधिकारी हल्द्वानी, सहायक प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम हल्द्वानी, जिला सहायक निबंधक सहकारी समिति, ऊधमसिंह नगर, सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति और संबंधित केंद्र, मंडी के एक वरिष्ठ विपणन अधिकारी को शामिल किया गया है। कमेटी रुद्रपुर, काशीपुर, खटीमा और हल्द्वानी से धान के सैंपल लेकर मिलों में अपने सामने उसे कुटवाकर टूटन की जांच करेगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी।
मिल मालिकों द्वारा धान कूटने पर टूटन अधिक होने की शिकायत मिली थी जिस पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया है।
- ललित मोहन रयाल, संभागीय खाद्य नियंत्रक, कुमाऊं संभाग
किसानों ने मंडी सचिव को घेरा
गदरपुर। भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मक्कड़ के नेतृत्व में बुधवार को पहुंचे किसानों ने मंडी सचिव कैलाश शर्मा का घेराव किया। किसानों ने मंडी में धान की तौल धीमी गति से होने पर कड़ी नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि आदर्श नगर के क्रय केंद्र पर लगभग एक सप्ताह से धान की फसल की तौल नहीं हो रही। सचिव ने कहा कि व्यवस्था सुधारने के लिए मंडी समिति विशेष व्यवस्था कर रही है। वहां पर विनोद गुंबर, अशोक सेठी, वीरेंद्र सिंह, प्रीत सिंह, श्याम चंद कंबोज, मो. उस्मान थे। संवाद
गेहूं की बुवाई से पहले नहरों की सफाई करवाए सिंचाई विभाग
रुद्रपुर। डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में नहरों की सफाई को लेकर सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कहा कि नवंबर के पहले सप्ताह में गेहूं की बुवाई के बाद किसानों के लिए सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता होती है। अधिकतर किसान सिंचाई के लिए द्रोणसागर, लक्ष्मीपुर, कुंडेश्वरी नहर आदि पर ही सिंचाई के लिए निर्भर हैं। इसलिए नहरों की सफाई करवाना अति आवश्यक है। बैठक में सीडीओ हिमांशु खुराना, डीडीओ अजय सिंह, विधि उपाध्याय, एससी रमोला, पुरषोत्तम, विजय अरोरा थे। ब्यूरो
फोटो-28 आरडीपी 23पी- रुद्रपुर कलक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक करती डीएम रंजना राजगुरु।
किसान विरोधी कानून वापस हो
रुद्रपुर। पूर्व सैनिक स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी और किसानों की बुधवार को गल्ला मंडी में बैठक हुई। इसमें किसान विरोधी कानून वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर धान का भुगतान आदि पर विशेष चर्चा की गई। वहां पर कर्नल प्रमोद शर्मा, तजेंद्र सिंह विर्क, अमन दीप सिंह, गुरचरण सिंह, अमीर सिंह, शुखवंत सिंह, हरेंद्र सिंह, कस्तुरी लाल, अंकुर राय आदि थे। संवाद