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Udham Singh Nagar News: दीपावली से पहले कुम्हारों के सामने गहराया मिट्टी का संकट
Tue, 29 Sep 2026 01:04 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 29 Sep 2026 01:04 AM IST
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काशीपुर। दीपावली से दीये बनाकर आय अर्जित करने वाले कुम्हारों पर इस साल महंगाई की मार पड़ रही है। पिछले साल के मुकाबले मिट्टी की कीमतों में 150 रुपये का इजाफा होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। कारोबार पर असर पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है।
दीपावली पर बनने वाले दीये, करवा, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति और पूजा के बर्तन बनाने के लिए कुम्हार चिकनी मिट्टी का उपयोग करते हैं। पिछले साल तक चिकनी मिट्टी उन्हें 450 रुपये प्रति बुग्गी मिल जाती थी। इस साल कीमत 600 रुपये तक हो गई है। कुम्हार उदयराज और दीपक प्रजापति ने बताया कि मिट्टी महंगी होने से लागत बढ़ गई है जबकि बाजार में दीयों के दाम पूर्ववत ही हैं। दीये और अन्य पूजा सामग्री बनाने के लिए बड़ी संख्या में कारीगर लगाए जाते हैं। महंगी मिट्टी खरीदने से पहले ही लागत बढ़ गई है ऐसे में कारीगरों का खर्च और अपना मुनाफा निकालना काफी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कारीगर काम मांगने आने लगे हैं लेकिन महंगाई के कारण अब तक दीये बनाना शुरू नहीं कर सके हैं। अब कुम्हारों ने प्रशासन से कारोबार बचाने के लिए मदद करने की गुहार लगाई है।
कोट.....
कुम्हारे के लिए वर्षों पहले चिकनी मिट्टी के लिए ढेला नदी के पास भूमि उपलब्ध कराई गई थी। अगर उन्हें मिट्टी की परेशानी हो रही है तो इस संबंध में पूर्व में उपलब्ध भूमि की जांच कराकर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। -अभय प्रताप सिंह, एसडीएम
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दीपावली पर बनने वाले दीये, करवा, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति और पूजा के बर्तन बनाने के लिए कुम्हार चिकनी मिट्टी का उपयोग करते हैं। पिछले साल तक चिकनी मिट्टी उन्हें 450 रुपये प्रति बुग्गी मिल जाती थी। इस साल कीमत 600 रुपये तक हो गई है। कुम्हार उदयराज और दीपक प्रजापति ने बताया कि मिट्टी महंगी होने से लागत बढ़ गई है जबकि बाजार में दीयों के दाम पूर्ववत ही हैं। दीये और अन्य पूजा सामग्री बनाने के लिए बड़ी संख्या में कारीगर लगाए जाते हैं। महंगी मिट्टी खरीदने से पहले ही लागत बढ़ गई है ऐसे में कारीगरों का खर्च और अपना मुनाफा निकालना काफी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कारीगर काम मांगने आने लगे हैं लेकिन महंगाई के कारण अब तक दीये बनाना शुरू नहीं कर सके हैं। अब कुम्हारों ने प्रशासन से कारोबार बचाने के लिए मदद करने की गुहार लगाई है।
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कोट.....
कुम्हारे के लिए वर्षों पहले चिकनी मिट्टी के लिए ढेला नदी के पास भूमि उपलब्ध कराई गई थी। अगर उन्हें मिट्टी की परेशानी हो रही है तो इस संबंध में पूर्व में उपलब्ध भूमि की जांच कराकर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। -अभय प्रताप सिंह, एसडीएम
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