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Udham Singh Nagar News: काशीपुर में लगाई जाए नई चीनी मिल
Sun, 30 Jun 2024 05:04 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 30 Jun 2024 05:04 AM IST
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काशीपुर में किसान विकास क्लब की बैठक में मौजूद किसान। संवाद
काशीपुर। किसान विकास क्लब की ओर से शनिवार को मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री से काशीपुर में नई चीनी मिल लगाने की मांग की।
मंडी गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें कहा गया कि अगले साल से सरकार बेमौसमी (गर्मियों) के धान लगाए जाने पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। इससे पहले काशीपुर में नई चीनी मिल लगाई जाए। इससे अधिकतम किसान गर्मियों के धान छोड़ कर स्वतः ही गन्ने की खेती पर आ जाएंगे। उन्होंने यूपी एवं अन्य कुछ राज्यों की तर्ज पर किसानों को सिंचाई के लिए टयूबवेल / नलकूप के लिए नि:शुल्क बिजली देने, पांच दशक पूर्व 11केवी की झूलती बिजली लाइन शीघ्र बदलने, पेयजल लाइन बिछाने को खोदी गई गांव की टूटी सड़कों की मरम्मत कराने और यंत्रों के अनुदान योजना ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी करने आदि की मांग की। संचालन प्रदेश सचिव श्वेतांशु चतुर्वेदी ने किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा, भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता, शीतल सिंह, रवि कुमार, सत्यम शर्मा, दिनेश शर्मा और हरि सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
40 लाख क्विंटल गन्ने की होती थी आपूर्ति
काशीपुर। किसानों ने कहा कि सन 2011-12 में फैक्ट्री बंद होने से पूर्व करीब 40 लाख क्विंटल गन्ना काशीपुर चीनी मिल को आपूर्ति हुआ था। इसके बाद चीनी मिल बंद होने के कारण यह घटकर 10 लाख क्विंटल रह गया। यानि 75 फीसदी किसानों ने गन्ना बोना बंद कर दिया। बार-बार एक ही तरह की फसल बोने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता घटती जा रही है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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मंडी गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें कहा गया कि अगले साल से सरकार बेमौसमी (गर्मियों) के धान लगाए जाने पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। इससे पहले काशीपुर में नई चीनी मिल लगाई जाए। इससे अधिकतम किसान गर्मियों के धान छोड़ कर स्वतः ही गन्ने की खेती पर आ जाएंगे। उन्होंने यूपी एवं अन्य कुछ राज्यों की तर्ज पर किसानों को सिंचाई के लिए टयूबवेल / नलकूप के लिए नि:शुल्क बिजली देने, पांच दशक पूर्व 11केवी की झूलती बिजली लाइन शीघ्र बदलने, पेयजल लाइन बिछाने को खोदी गई गांव की टूटी सड़कों की मरम्मत कराने और यंत्रों के अनुदान योजना ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी करने आदि की मांग की। संचालन प्रदेश सचिव श्वेतांशु चतुर्वेदी ने किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा, भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता, शीतल सिंह, रवि कुमार, सत्यम शर्मा, दिनेश शर्मा और हरि सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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40 लाख क्विंटल गन्ने की होती थी आपूर्ति
काशीपुर। किसानों ने कहा कि सन 2011-12 में फैक्ट्री बंद होने से पूर्व करीब 40 लाख क्विंटल गन्ना काशीपुर चीनी मिल को आपूर्ति हुआ था। इसके बाद चीनी मिल बंद होने के कारण यह घटकर 10 लाख क्विंटल रह गया। यानि 75 फीसदी किसानों ने गन्ना बोना बंद कर दिया। बार-बार एक ही तरह की फसल बोने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता घटती जा रही है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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