फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   भारत-नेपाल बाल साहित्य सम्मेलन का समापन

भारत-नेपाल बाल साहित्य सम्मेलन का समापन

Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
Udham singh nagar
Udham singh nagar Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
खटीमा। बाल कल्याण साहित्य संस्थान द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय बाल साहित्य सम्मेलन के छठे और अंतिम सत्र में बाल प्रहरी द्वारा बच्चों की हस्त लिखित 60 पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके अलावा खरी-खरी कार्टून और रचनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने बच्चों की रुचि और मनोविज्ञान तथा पढ़ने लिखने की आदत पर विचार व्यक्त किए। खटीमा फाइबर्स में आयोजित बाल साहित्य सम्मेलन में भारत और नेपाल के बाल साहित्यकार जुटे हैं। दिल्ली नेशनल बुक ट्रस्ट से आए डा. रजनीकांत शुक्ला ने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा बाल साहित्य पर लंबे अरसे से काम किया जा रहा है। इसमें बाल कविता, बाल कहानी, बाल नाटक, उपन्यास, बाल वाटिका जैसी तमाम पत्रिका और पुस्तकें 15 प्रतिशत छूट के साथ स्टालों पर मिल रही हैं। बाल पाठकों को बढ़ावा देने के लिए 28 भाषाओं में बाल साहित्य पर पुस्तकें उपलब्ध हैं। चेतना उपाध्याय, अनुराग शर्मा, गोरखे साइलोजी, कल्पना श्रेष्ठ, नारा जोशी, डा. प्रभा पंत ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष डा. चंद्र शेखर जोशी भारत नेपाल बाल साहित्य सम्मेलन को मील का पत्थर बताते हुए कार्यक्रम की सराहना की। वरुण अग्रवाल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि महासंरक्षक डा. आरसी रस्तोगी, विशिष्ट अतिथि चेता उपाध्याय, नारा जोशी थे। संचालन डा. रूप चंद्र शास्त्री थे। इस दौरान लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, डा. सुनीता रतूड़ी, बीएस मेहता, दिनेश पांडे, नरेश चंद्र तिवारी, भूपाल सिंह अधिकारी, केसी जोशी, संदीप थापा, जुहेर अब्बास, पूरन बिष्ट, रत्नाकर पांडे, दीपक पांडे, विनीत मिश्र, एनडी सनवाल, एलएस चम्याल आदि थे। कवि सम्मेलन में प्रस्तुत की रचनाएं
विज्ञापन

खटीमा। शनिवार देर शाम पंचम सत्र में कवि सम्मेलन हुआ। इसमें राजीव सक्सेना, दयाशंकर कुशवाहा, देवदत्त प्रसून्न, ऊषा भट्ट, किशोर श्रीवास्तव, सुरेश शर्मा शांति, राजकिशोर सक्सेना, उदय किरोला, चेता उपाध्याय, हामिद अहमद, रमेश चंद्र पंत, आशा शैली, ऋषि प्रसाद, अंबा दत्त जोशी, निर्मला कुमारी, शिव भगवान मिश्र, लक्ष्मी प्रसाद जोशी, अहमद सिद्दीकी, विरखे अनजान, डा. गणेश कुमार पौडेल, गेंदालाल शर्मा, डा. डंडा लखनवी, बाल कुमारी, तारा पराजुली, राजेंद्र गुराराई, अमीर अहमद अमीर, अनंत बांग्ले, संजय कुमार, डा. तुकाराम वर्मा, डा. चंद्रशेखर जोशी, ऋषभदेव धिमरी, विनीत मिश्र, डा. महेंद्र, तेज सिंह शाक्य, मीना पंत, डा. राकेश चक्र, वीर बहादुर चंद, आरती सक्सेना, अमन अग्रवाल, ओंकार बिष्ट ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। बच्चों को नहीं मिल पा रहा बाल साहित्य
विज्ञापन

गर्ग को मिला संपादक शिरोमणि (भारत) सम्मान
खटीमा। बाल साहित्य के प्रमुख स्तंभ और बाल वाटिका पत्रिका के संपादक डा. भैरूंलाल गर्ग को बाल कल्याण साहित्य संस्थान का सर्वोच्च सम्मान संपादक शिरोमणि (भारत) का सम्मान दिया गया। इसके तहत उन्हें प्रमाण पत्र और 11 हजार नकद धनराशि दी गई। गर्ग राजस्थान के भीलवाड़ा के रहने वाले हैं। उनके द्वारा आज की हिंदी कहानी, राजस्थान का हिदीं साहित्य, अनोखा पुरस्कार, उपकार का फल, सच्चा उपहार, तलवारों का ताला, अनोखा बलिदान, नन्हा जासूस, रक्षा का उपाय, सही रास्ता जैसे लोकप्रिय बालकथा संग्रह लिखे गए हैं। गर्ग कहते हैं कि वर्तमान में हम अपने बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के अलावा अन्य किताबें बच्चों को नहीं दे पा रहे हैं। बच्चाें को अब वो पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो रहीं, जिससे उनमें ज्ञान और संस्कार आए। अभिभावक व्यवसायिक शिक्षा के प्रति चिंतित हैं लेकिन हम जीवन मूल्य परक शिक्षा की ओर नहीं देख रहे हैं। इस देश में धर्म, आध्यात्म, नातेदारी आदि सभी सब कुछ हैं लेकिन हमारे जीवन मूल्य बदल चुके हैं। यह वास्तव में चिंतनीय ही नहीं बल्कि शोचनीय भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed