{"_id":"5b47a4844f1c1b77468b6374","slug":"81531421828-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदीप को मिला मानव रत्न अवार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदीप को मिला मानव रत्न अवार्ड
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गदरपुर। नगर के समाजसेवी एवं हेल्प टू अदर्स संस्था रुद्रपुर के सचिव संदीप चावला को रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कोलकाता में आयोजित समारोह में स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मानव एकता फाउंडेशन कोलकाता की ओर से आठ जुलाई को राष्ट्रीय रक्तदाता सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान संस्था के चेयरमैन मनमोहन कपाडिया और सचिव नंदलाल अग्रवाल ने संदीप चावला को मानव रत्न अवार्ड-2018 प्रदान कर सम्मानित किया। संदीप चावला थैलीसीमिया रोग से पीड़ित बच्चों के लिए रक्त उपलब्ध कराने के अलावा रक्तदान शिविर भी आयोजित करवाते हैं।
वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात कर संदीप चावला ने थैलीसीमिया रोग से पीड़ित बच्चों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराए जाने का शासनादेश भी पारित कराया था। संदीप चावला द्वारा मई 2007 में अपने सात दिन के पुत्र अर्जुन चावला की मृत्यु के उपरांत उसके नेत्रदान कर अर्जुन चावला को देश के सबसे कम उम्र के पहले नेत्रदाता के रूप में पहचान दिलवाकर लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में भी उसका नाम दर्ज करा चुके हैं। सम्मान मिलने पर शहर के लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मानव एकता फाउंडेशन कोलकाता की ओर से आठ जुलाई को राष्ट्रीय रक्तदाता सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान संस्था के चेयरमैन मनमोहन कपाडिया और सचिव नंदलाल अग्रवाल ने संदीप चावला को मानव रत्न अवार्ड-2018 प्रदान कर सम्मानित किया। संदीप चावला थैलीसीमिया रोग से पीड़ित बच्चों के लिए रक्त उपलब्ध कराने के अलावा रक्तदान शिविर भी आयोजित करवाते हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात कर संदीप चावला ने थैलीसीमिया रोग से पीड़ित बच्चों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराए जाने का शासनादेश भी पारित कराया था। संदीप चावला द्वारा मई 2007 में अपने सात दिन के पुत्र अर्जुन चावला की मृत्यु के उपरांत उसके नेत्रदान कर अर्जुन चावला को देश के सबसे कम उम्र के पहले नेत्रदाता के रूप में पहचान दिलवाकर लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में भी उसका नाम दर्ज करा चुके हैं। सम्मान मिलने पर शहर के लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
विज्ञापन