{"_id":"5c7195b5bdec22738335fcef","slug":"23-crore-will-be-made-in-tehri-agro-cluster","type":"story","status":"publish","title_hn":"टिहरी में 23 करोड़ से बनेगा एग्रो कलस्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टिहरी में 23 करोड़ से बनेगा एग्रो कलस्टर
Mon, 25 Feb 2019 07:08 PM IST
yashwant yashwant
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: yashwant yashwant
Updated Mon, 25 Feb 2019 07:08 PM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर में समीक्षा बैठक लेते एमडी विनोद कुमार सुमन एवं अध्यक्ष गजराज बिष्ट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी परिषद की बोर्ड बैठक में प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में विकास कार्य कराने के लिए 19 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए और 71 करोड़ रुपयों का बजट पास किया गया। इसमें 23 करोड़ की लागत से टिहरी जिले के नैथा गांव में एग्रो कलस्टर बनाने की योजना को हरी झंडी दी गई है। एग्रो कलस्टर में प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज लगेंगी, जिसमें पर्वतीय क्षेत्रों के उद्यान व कृषि उपजों से विभिन्न उत्पाद बनाए जाएंगे। इसके अलावा देहरादून मंडी में सोलर प्लांट से चलने वाले कोल्ड स्टोर की स्थापना करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।
मंडी परिषद सभागार में शनिवार को प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सुमन और अध्यक्ष गजराज सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक आयोजित हुई। इस दौरान गजराज बिष्ट ने पर्वतीय क्षेत्र के कृषकों को हार्टीकल्चर, एग्रीकल्चर व पंतनगर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की मदद से खेत का तकनीकी प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा। साथ ही युवाओं को कृषि के लिए आर्थिक सहायता भी देने का प्रस्ताव रखा गया। इस दौरान किसानों को नि:शुल्क पौधे देने, ई-नाम योजना के अंतर्गत ऑनलाइन भुगतान के लिए कंप्यूटर खरीदने, सभी मंडियों में सीसीटीवी लगाने आदि के प्रस्ताव पास किए गए। वहीं, लदान ढुलान की मजदूरी चार और छह रुपयों से बढ़ाकर दस से 20 रुपये करने के प्रस्ताव को अनुमोदन किया गया। प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सुमन ने कहा कि हेल्पलाइन सेंटर मंडियों से कनेक्ट किए जाएंगे, जिससे किसानों को सुविधा मिल सके। वहां उद्यान विभाग के अपर सचिव देवेंद्र पालीवाल, कृषि उपसचिव बीएस बोहरा, मुख्य कोषाधिकारी भूपेंद्र प्रसाद कांडपाल, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. रामेश्वर सिंह, नैनीताल सहकारिता के एआर डॉ. जीएस मनराल, उपनिदेशक प्रशासन परितोष वर्मा, महाप्रबंधक तकनीकी विजय कुमार आदि थे।
मंडी परिषद के कार्यों की समीक्षा
रुद्रपुर। मंडी परिषद के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह बिष्ट व प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सुमन ने मंडी निदेशालय में बोर्ड की बैठक से पहले अधिकारियों की बैठक ली और विकास कार्यों व विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। अध्यक्ष बिष्ट ने कहा कि लंबित मंडी शुल्क वसूली को शीघ्र पूरा किया जाए। दुकानों से टैक्स वसूली शत प्रतिशत हो। निर्माणाधीन विकास कार्यों को जल्द पूरा किया जाए। शासन व न्यायालय स्तर पर लंबित प्रकरणों के भी जल्द निस्तारण की पैरवी होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी परिषद सभागार में शनिवार को प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सुमन और अध्यक्ष गजराज सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक आयोजित हुई। इस दौरान गजराज बिष्ट ने पर्वतीय क्षेत्र के कृषकों को हार्टीकल्चर, एग्रीकल्चर व पंतनगर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की मदद से खेत का तकनीकी प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा। साथ ही युवाओं को कृषि के लिए आर्थिक सहायता भी देने का प्रस्ताव रखा गया। इस दौरान किसानों को नि:शुल्क पौधे देने, ई-नाम योजना के अंतर्गत ऑनलाइन भुगतान के लिए कंप्यूटर खरीदने, सभी मंडियों में सीसीटीवी लगाने आदि के प्रस्ताव पास किए गए। वहीं, लदान ढुलान की मजदूरी चार और छह रुपयों से बढ़ाकर दस से 20 रुपये करने के प्रस्ताव को अनुमोदन किया गया। प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सुमन ने कहा कि हेल्पलाइन सेंटर मंडियों से कनेक्ट किए जाएंगे, जिससे किसानों को सुविधा मिल सके। वहां उद्यान विभाग के अपर सचिव देवेंद्र पालीवाल, कृषि उपसचिव बीएस बोहरा, मुख्य कोषाधिकारी भूपेंद्र प्रसाद कांडपाल, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. रामेश्वर सिंह, नैनीताल सहकारिता के एआर डॉ. जीएस मनराल, उपनिदेशक प्रशासन परितोष वर्मा, महाप्रबंधक तकनीकी विजय कुमार आदि थे।
विज्ञापन
मंडी परिषद के कार्यों की समीक्षा
रुद्रपुर। मंडी परिषद के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह बिष्ट व प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सुमन ने मंडी निदेशालय में बोर्ड की बैठक से पहले अधिकारियों की बैठक ली और विकास कार्यों व विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। अध्यक्ष बिष्ट ने कहा कि लंबित मंडी शुल्क वसूली को शीघ्र पूरा किया जाए। दुकानों से टैक्स वसूली शत प्रतिशत हो। निर्माणाधीन विकास कार्यों को जल्द पूरा किया जाए। शासन व न्यायालय स्तर पर लंबित प्रकरणों के भी जल्द निस्तारण की पैरवी होनी चाहिए।
विज्ञापन