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इलाज से इनकार पर डाक्टर से भिड़ा रिक्शा चालक
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:34 AM IST
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रुद्रपुर। ऑपरेशन के बाद बेटी का पैर टेढ़ा होने पर एक रिक्शा चालक ने किच्छा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में हंगामा कर दिया। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
दूधिया नगर निवासी रिक्शा चालक शंकरलाल की बेटी खुशी (10) का पिछले करीब चार महीने से किच्छा रोड स्थित चीमा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था। खुशी के टखने के ऑपरेशन के बाद दवाएं चल रही थीं। ऑपरेशन के बाद टखना सही हो गया था, लेकिन अचानक घुटने के पास उसका पैर टेढ़ा हो गया था।
इससे नाराज होकर सोमवार को रिक्शा चालक ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने समझाने का प्रयास कर रहे डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों से अभद्रता की। सूचना पर बगवाड़ा चौकी प्रभारी आरपी कोहली टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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रिक्शा चालक ने पुलिस को बताया कि करीब आठ महीने पहले सुरक्षा गार्ड की बंदूक से चली गोली का छर्रा उसकी बेटी के पैर में लग गया था। एक अन्य बालिका सोनी 11 को भी छर्रे लगे थे। दोनों का एक निजी अस्पताल में ऑपरेेशन कराया गया। सोनी का पैर सही हो गया, लेकिन उसकी बेटी का पैर सही नहीं हुआ।
इस पर वह चार महीने पहले इस अस्पताल में इलाज के लिए आया था। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उसकी बेटी का पैर टेढ़ा हो गया है। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराकर रिक्शा चालक को घर भेजा।
महज 15 हजार में किया था ऑपरेशन
खुशी का घुटने का एक हिस्से बढ़ गया है, इस कारण वह टेढ़ा हो गया है। इसका टखने के ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं हैं। रिक्शा चालक की गरीबी को देखते हुए सिर्फ 15 हजार में उसकी बेटी का ऑपरेशन किया था। इसके साथ ही ओपीडी और दवाएं निशुल्क दीं। इसके बावजूद रिक्शा चालक अब आरोप लगाने के साथ ही धमकी देर रहा है। रिक्शा चालक की ओर से लगाए गए आरोपों के कारण ही अब उसकी बेटी का इलाज करने में असमर्थ हैं।
डॉ. जीएस चीमा, हड्डी रोग विशेषज्ञ (आर्थो सर्जन), चीमा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर।
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दूधिया नगर निवासी रिक्शा चालक शंकरलाल की बेटी खुशी (10) का पिछले करीब चार महीने से किच्छा रोड स्थित चीमा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था। खुशी के टखने के ऑपरेशन के बाद दवाएं चल रही थीं। ऑपरेशन के बाद टखना सही हो गया था, लेकिन अचानक घुटने के पास उसका पैर टेढ़ा हो गया था।
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इससे नाराज होकर सोमवार को रिक्शा चालक ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने समझाने का प्रयास कर रहे डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों से अभद्रता की। सूचना पर बगवाड़ा चौकी प्रभारी आरपी कोहली टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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रिक्शा चालक ने पुलिस को बताया कि करीब आठ महीने पहले सुरक्षा गार्ड की बंदूक से चली गोली का छर्रा उसकी बेटी के पैर में लग गया था। एक अन्य बालिका सोनी 11 को भी छर्रे लगे थे। दोनों का एक निजी अस्पताल में ऑपरेेशन कराया गया। सोनी का पैर सही हो गया, लेकिन उसकी बेटी का पैर सही नहीं हुआ।
इस पर वह चार महीने पहले इस अस्पताल में इलाज के लिए आया था। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उसकी बेटी का पैर टेढ़ा हो गया है। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराकर रिक्शा चालक को घर भेजा।
महज 15 हजार में किया था ऑपरेशन
खुशी का घुटने का एक हिस्से बढ़ गया है, इस कारण वह टेढ़ा हो गया है। इसका टखने के ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं हैं। रिक्शा चालक की गरीबी को देखते हुए सिर्फ 15 हजार में उसकी बेटी का ऑपरेशन किया था। इसके साथ ही ओपीडी और दवाएं निशुल्क दीं। इसके बावजूद रिक्शा चालक अब आरोप लगाने के साथ ही धमकी देर रहा है। रिक्शा चालक की ओर से लगाए गए आरोपों के कारण ही अब उसकी बेटी का इलाज करने में असमर्थ हैं।
डॉ. जीएस चीमा, हड्डी रोग विशेषज्ञ (आर्थो सर्जन), चीमा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर।