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Tehri News: केमसारी टिनशेड कॉलोनी से कब हटेगा स्लम बस्ती का दाग

Mon, 13 Jan 2025 07:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Mon, 13 Jan 2025 07:14 PM IST
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When will the stigma of slum be removed from Kemsari Tinshed Colony
नई टिहरी। चुनाव में बोट बैंक के रूप में इस्तेमाल होने वाले केमसारी टिनशेड कॉलोनी से कोई सरकार स्लम बस्ती का दाग नहीं हटा पाई है। मास्टर प्लान सिटी में वह बस्ती वर्ष 2002-03 के दौरान तब बसाई गई थी, जब पुरानी टिहरी शहर में पानी भरने के दौरान वहां ठेली-फड़ लगाकर रोजगार करने वालों के पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें केमसारी टिनशेड अस्थायी रूप से आवंटित कर शिफ्ट किया गया था। इन 22 सालों में वो एक कमरे का शेड स्थायी रूप से आवंटित नहीं होने के कारण बस्ती कई परिवारों को सामूहिक शौचालय का उपयोग करना पड़ रहा है।
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केमसारी और पिपली टिनशेड कॉलोनी में करीब साढ़े आठ सौ से अधिक मतदाता हैं, जिससे नगर क्षेत्र की वह कॉलोनी भी चुनाव के समय मुख्य केंद्र बिंदु बन जाता है। समस्याओं के समाधान के भरोसे वहां के लोग मतदान में भी आगे रहते हैं, लेकिन बोट बैंक के रूप में इस्तेमाल होने के बाद कोई भी सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है।
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2003 के दौरान पुरानी टिहरी से करीब 245 परिवारों को एक-एक कमरे के टिनशेड आवंटित कर केमसारी भेजा गया था, जहां उन्हें सामूहिक शौचालय और सार्वजनिक पेयजल की सुविधा दी गई थी। 21-22 साल बाद भी टिन शेडों का स्थायी आवंटन नहीं होने के कारण कई परिवार एक शौचालय का उपयोग करने को मजबूर हैं।
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स्थानीय निवासी सुरेंद्र खत्री कहते हैं, कि प्रदेश सरकार ने कई अवैध बस्तियों को वैध किया है, लेकिन टिहरी बांध प्रभावितों का अस्थायी आवंटन स्थायी नहीं हो पा रहा है। कॉलोनी के सतीश कुमार कहते हैं कि कई परिवारों का एक ही शौचालय होने के कारण उनकी स्थिति किसी स्लम बस्ती से कम नहीं है। तीन भाइयों का परिवार एक कमरे में रहने को मजबूर हैं। फिर कोई नया चुनाव आने पर ही लोग घावों पर मरहम लगाने पहुंचते हैं, जो फिर से पांच साल के लिए गायब हो जाते हैं।
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