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Tehri News: बांध प्रभावितों ने सरकार से मांगों के निराकरण लगाई गुहार
Wed, 10 Dec 2025 07:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 10 Dec 2025 07:40 PM IST
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मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर काश्तकारों का धरना जारी
नैनबाग (टिहरी)। लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा का मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर 48वें दिन धरना जारी रहा। धरने पर बैठे लोगों ने नारेबाजी कर सरकार से शीघ्र मांगों के निराकरण की गुहार लगाई।
मोर्चा के संयोजक महिपाल सजवाण ने कहा कि परियोजना के निर्माण से जौनपुर और जौनसार के 32 गांवों के ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण जायजा मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, शासन-प्रशासन और उत्तराखंड जल विद्युत निगम से लगातार मांगों के निराकरण की मांग करते आ रहे हैं।
ग्रामीणों को धरने पर बैठे डेढ़ माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन उनकी मांगों पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। कहा कि प्रदेश में परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों के लिए सरकार ने अगल-अगल मानक तय कर बांध प्रभावितों को गुमराह करने का काम किया है। काश्तकारों के हितों की अनदेखी को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जब तक बांध प्रभावितों उनके हक-हकूकों का अधिकार नहीं मिल जाता, लड़ाई जारी रहेगी। कहा कि ग्रामीणों ने देश और प्रदेश हित में अपनी पैत्रिक संपत्ति दी है। शीघ्र मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होता है, तो बैठक कर आंदोलन की नई रणनीति बनाई जाएगी। धरने पर शूरवीर तोमर, कपिल तोमर, प्रदीप भंडारी, शेर सिंह, सुरेश रावत, जगत डोगरा, उत्तम रावत, अनिल पंवार, धीरज रावत, आनंद तोमर, बबलू तोमर, मदन पंवार, प्रतीक रावत, ऋषभ रावत आदि मौजूद थे।
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नैनबाग (टिहरी)। लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा का मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर 48वें दिन धरना जारी रहा। धरने पर बैठे लोगों ने नारेबाजी कर सरकार से शीघ्र मांगों के निराकरण की गुहार लगाई।
मोर्चा के संयोजक महिपाल सजवाण ने कहा कि परियोजना के निर्माण से जौनपुर और जौनसार के 32 गांवों के ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण जायजा मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, शासन-प्रशासन और उत्तराखंड जल विद्युत निगम से लगातार मांगों के निराकरण की मांग करते आ रहे हैं।
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ग्रामीणों को धरने पर बैठे डेढ़ माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन उनकी मांगों पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। कहा कि प्रदेश में परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों के लिए सरकार ने अगल-अगल मानक तय कर बांध प्रभावितों को गुमराह करने का काम किया है। काश्तकारों के हितों की अनदेखी को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जब तक बांध प्रभावितों उनके हक-हकूकों का अधिकार नहीं मिल जाता, लड़ाई जारी रहेगी। कहा कि ग्रामीणों ने देश और प्रदेश हित में अपनी पैत्रिक संपत्ति दी है। शीघ्र मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होता है, तो बैठक कर आंदोलन की नई रणनीति बनाई जाएगी। धरने पर शूरवीर तोमर, कपिल तोमर, प्रदीप भंडारी, शेर सिंह, सुरेश रावत, जगत डोगरा, उत्तम रावत, अनिल पंवार, धीरज रावत, आनंद तोमर, बबलू तोमर, मदन पंवार, प्रतीक रावत, ऋषभ रावत आदि मौजूद थे।